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‘ सन्दर्भ : २० औं कमैया मुक्ति दिवस ’

पुनर्स्थापना कर्नै बाँकी, सरकार कहट– काम होसेकल

पहुरा | २ श्रावण २०७७, शुक्रबार
पुनर्स्थापना कर्नै बाँकी, सरकार कहट– काम होसेकल

लखन चौधरी
धनगढी, २ सावन ।
कमैया मुक्ति घोषणा हुइल आज २० बरस पूरा हुइल बा । मने पुनर्स्थापनाके काम पूरा नैहुइटी सरकारी संयन्त्र निक्रिय हुइलपाछे समस्या सिर्जना हुइल बा ।

पश्चिम तराईके दाङ, बाँके, बर्दिया, कैलाली ओ कञ्चनपुर जिल्लास्थित टमान जमिनदारहुकनके घरमे पुस्तौंसे बाँधुवा मजदुर सरह काम करटी आइल हजार्रौ कमैयाहुकन सरकार २०५७ सावन २ गते मुुक्त घोषणा करल हो । मुक्त घोषणा करल याहोर हजारौं मुुक्तकमैया पुनर्स्थापना हुइलै । मने पछिल्का २ बरस सरकारके कौनो फेन निकायसे पुनर्स्थापनाके काम बह्रे नैसेकलपाछे मुक्तकमैयाहुक्रे निराश हुइल हुइट ।

मुक्तकमैया पुनर्स्थापना समस्या समाधान आयोगके पूर्व केन्द्रीय सदस्य दिपु चौधरी कहठै–‘राजतन्त्रसे गणतन्त्रसम हम्रे पुनर्स्थापनाके लराइमे बाटी । कुछ कमैया पुनर्स्थापना हुइली, कुछ अभिन बाँकी बाटै । स्थानीय तहसे पुनर्स्थापना हुइना बरवार आशा रहे । मने विडम्वना सरकारके सक्कु निकाय बेखबर होगिल ।’

आव २०७४/२०७५ सम कमैया पुनर्स्थापनाके काम जिल्ला भूमि सुधार कार्यालयमार्फत हुइटी आइल रहे । मने सरकार आव २०७५/२०७६ के जेठ अन्तिमओहोर पुनर्स्थापनाके काम भूमि सुधार कार्यालयसे हटाके स्थानीय तहमार्फत कर्ना कार्यविधि नानल । मने आव २०७५/२०७६ मे बजेटसमेत पाइल स्थानीय तहसे पुनर्स्थापनाके काम हुई नैसेकल । अन्ततः बजेट फ्रिज होगिल । आव २०७६/२०७७ मे संघीय सरकारसे स्थानीय तहहे कमैया पुनर्स्थापनाके लाग बजेट अख्तियारी नैडेहलपाछे अन्योलता सिर्जना हुइल हो ।

सम्बन्धित

सम्पादकीयः मुक्तकमैया पुनर्स्थापनामे सरकारके उदासिनता कहे ?

भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरिबी निवारण मन्त्रालयके प्रवक्ता जनकराज जोशी लोकान्तरहे कहलै–‘हमार ओहोरसे पुनर्स्थापनाके कार्यक्रम ओरासेकल । ठोरचुन हुई सायद । आब उहाँहुकनके पुनर्स्थापनाके लाग स्थानीय तहहे वित्तीय हस्तान्तरण होसेकल बा । ओहैसे हुई ।’

भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरिबी निवारण मन्त्रालयके आर्थिक वर्ष २०७५/२०७६ चैतसमके तथ्यांक अनुसार हालसम ६ सय ४८ जाने मुक्तकमैया पुनर्स्थापना हुइना बाँकी बाटै । तबसे अभिनसम पुनर्स्थापनाके काम नैहुइल हो ।

मन्त्रालयके ओहे तथ्यांक अनुसार कैलाली जिल्लामे ३ सय ६४, कञ्चनपुरमे ९, बाँकेमे १ सय ९२ ओ बर्दियामे ८३ जाने मुक्तकमैयाहुक्रे जग्गा खरिद अनुदानसहित पुनर्स्थापना हुइना बाँकी बाटै । सरकार प्रति कमैया जग्गा खरिदके लाग २ लाख रुपैयाँ अनुदान डेटी आइल बा ।

ओस्टके ४ हजार ७ सय ५० जाने मुक्तकमैया घर निर्माण बाफतके अनुदान रकम पैना बाँकी बिल्गाइल बा । कैलालीमे १ हजार २ सय ७९ जाने, कञ्चनपुरमे ५ सय ९४ जाने ओ बर्दियामे २ हजार ८ सय ७७ जाने मुक्तकमैया घर निर्माण बाफतके अनुदान लेना बाँकी बा । सरकार प्रति कमैया १ लाख रुपैयाँ घर निर्माण बाफत अनुदान रकम डेटी आइल बा ।

बजेट नैहो : स्थानीय तह

याहोर स्थानीय तह संघीय सरकार पुनस्र्थापनाके लाग बजेट नैपठाइलओरसे काम करे नैसेकल बटैले बाटै । कैलाली जिल्लाके कैलारी गाउँपालिकाके अध्यक्ष लाजुराम चौधरी गाउँपालिकासे ८५ जाने मुक्तकमैयाहुकन पुनर्स्थापना कर्ना बिल्गैलेसे फेन संघीय सरकार बजेट नैपठाइलओरसे काम करे नैसेकल बटैलै ।

उ गाउँपालिकाहे किल नाई संघीय सरकार आव २०७६/२०७७ मे कौनो फेन स्थानीय तहहे कमैया पुनर्स्थापनाके लाग बजेट नैपठाइल हो ।

कैलालीके गौरीगंगा नगरपालिकाके प्रमुख भीम देउवा कहठै–‘सरकार पुनस्र्थापनाके लाग अख्तियारी डेहल २ वर्ष हुइल । सुरु वर्षके अन्तिमओहोर बजेट डेहलओरसे काम नैहुइल । मने गैल आव (२०७६/२०७७) मे बजेटके अख्तियारी नैनपाइलपाछे कामे नैहुइल ।’

प्रदेशके २ करोड फ्रिज

यहेबीच सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार आव २०७६/२०७७ मे कमैया पुनस्र्थापना तथा बृद्धि विकासके लाग बिनियोजन हुइल २ करोड बजेट फ्रिज हुइल बा । प्रदेश सरकारके भूमी व्यवस्था कृषि तथा सरकारी मन्त्रालय खर्च करे नैसेकलपाछे उ बजेट फ्रिज गैल हो ।

कमैया पुस्र्थापनाप्रति सरकारके सक्कुु निकायसे वेवास्ता हुई लागलपाछे पुनर्स्थापनाके पखाईमे बैठल मुक्तकमैया निराश हुइल बाटै । हालसम पुनस्थापनाके पखाईमे बैठल बटैटी मुुक्तकमैया सीताराम चौधरी आपन पीडा सुनैलै–‘कमैयाहुकन केवल भोट बैंक बनैले बाटै । कब्बुु भूमी सुधार ते कब्बुु स्थानीय तह मार्फत पुनर्स्थापनाके नाममे राज्य दुःख किल डेहल । घरके न घाटके बनाइल । गैरनागरिक जस्ते व्यवहार करल ।’

कमैया नेता तथा मुक्तकमैया उन्मुलन समाजके अध्यक्ष बसन्ती चौधरी कार्यक्रम पूर्णता पैटी रहल बेलामे पुनर्स्थापनाके पहिलेक सक्कुु संयन्त्र भंग करलपाछे कार्यक्रम प्रभावित हुइल बटैली । उहाँ कहली–‘पुनर्स्थापना कर्ना आब ढिउर नाई हो । पुनर्स्थापना हुइलहुक्रे चुपचाप बैठगिलै । पुनस्र्थापना हुइना कम बाटै । कम मनैनके आवाजसे दवाव सिर्जना हुई नैसेकलपाछे राज्य बेखबर होगिल ।’

ओस्टके, मुक्तकमैया समाजके केन्द्रीय अध्यक्ष पशुपति चौधरी पुनर्स्थापनाके काम मौजुदा संरचनासे हुई नैसेक्ना ठोकुवा कर्लै । संघीय सरकार ओ स्थानीय तहके समन्वय कमजोर रहलओरसे लौव कार्यविधिके साथ सक्कुु स्थानीय तहमे पुनस्र्थापना समिति गठन तथा शाखा स्थापना करके काम करेक पर्ना बटैठै ।

‘आब पुनर्स्थापनाके काम आयोगसे’

ओहोर, पुनर्स्थापनाके काम आब स्थानीय तहसे नैहोके भूमि सम्बन्धी समस्या समाधान आयोग मार्फत हुइना बटागिल बा । मन्त्रालयके प्रवक्ता जनकराज जोशी आब पुनर्स्थापनाके काम आघे नैबह्रल अवस्थामे विकल्पके रुपमे गरिब लक्षित कार्यक्रम नानके राहत तथा जिविकोपार्जन कार्यक्रम सञ्चालन कर्ना तयारीमे रहल बटैलै । ओस्टके भूमी सम्बन्धी समस्या समाधान आयोग मार्फत मुुक्तकमैया, हलिया, सुकुमबासी ओ अव्यवस्थित बसोबासीहुकनहे पुनर्स्थापना कर्ना मन्त्रालयके प्रवक्ता जोशीके कहाइ बा ।

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