थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं ८ आश्विन २०७८, शुक्रबार ]
[ 24 Sep 2021, Friday ]

दरबार हत्याकाण्डके २० औं वर्ष, घटना अभिन रहस्यके गर्भमे

पहुरा | १९ जेष्ठ २०७८, बुधबार
दरबार हत्याकाण्डके २० औं वर्ष, घटना अभिन रहस्यके गर्भमे

काठमाडौं, १९ जेठ । नारायणहिटी दरबार हत्याकाण्ड हुइल आज २० वर्ष पूरा हुइल बा । २०५८ जेठ १९ गते साँझ राजदरवारभित्रे तत्कालीन राजा वीरेन्द्र शाहके वंश नाश हुइनामेरिक हुइल हत्याकाण्डके २० वर्षसम फेन सत्यतथ्य घटना सार्वजनिक हुइ सेकल नैहो ।

पारिवारिक जमघटके बेला तत्कालीन राजा वीरेन्द्र, रानी ऐश्वर्य, युवराज दीपेन्द्र, राजकुमार निराजन, राजकुमारी श्रुति, राजकुमार धिरेन्द्र, राजकुमारी जयन्ती, राजकुमारी शान्ति, राजकुमारी शारदा, कुमार खड्का ओ अन्य राजपरिवारके सदस्यहुकनके गोली प्रहार करके हत्या हुइल रहे ।

उच्च सुरक्षा घेराभित्तर रहल दरबारमे हुइल हत्याकाण्ड अभिन फेन रहस्यके गर्भमे बा । हत्याकाण्डपाछे तत्कालीन प्रधानन्यायाधीशके संयोजकत्वमे गठित उच्चस्तरीय छानबिन समिति जेठ १९ के घटनामे तत्कालीन युवराज दीपेन्द्रसे परिवारके सदस्यहुकनहे गोलीसे उराइल ओ पाछे अपनहे गोली मारल कना प्रतिवेदन सार्वजनिक करले रहे । तत्कालीन सभामुख तारानाथ रानाभाट छानविन प्रतिवेदन सार्वजनिक करले रहे । मने उहिनहे आम नेपाली विश्वास करले नैहुइट ।

प्रधानन्यायाधीश संयोजकत्वके समितिपाछे उ घटनाके कौनो स्वतन्त्र अनुसन्धान हुइल नैहो । मने बेलाबेलामे सरकारी तवरसे यकर छानविनके माग भर उठल पाजाइठ । यद्यपि राजनीतिक प्रतिशोधके कारण अइसिन माग उठ्लेसे फेन यी हत्याकाण्डके सत्य घटना सार्वजनिक करनाओर चासो डेहल नैपाजाइठ ।

तत्कालीन माओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड नेतृत्वके दोसर मन्त्रिपरिषदमे गृहमन्त्रालयके जिम्मेवारी सम्हारल विमलेन्द्र निधिसे दरबार हत्याकाण्डके छानबिन करेपरना बाट उठाइल रहे । उबेला यी प्रस्ताव मन्त्रीपरिषद्सम पुगलेसे फेन पाछे ओस्टे सराइल । राजगद्दीसे हटलपाछे फेन ज्ञानेन्द्र राजनीतिक वक्तव्यबाजी करना नैछोरल प्रतिशोधमे निधि उबेला छानबिनके बाट उठैले रहैं । मने पाछे यी बाट आघे नैबह्रल ।

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