थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत ०८ कुँवार २६४५, शुक्कर ]
[ वि.सं ८ आश्विन २०७८, शुक्रबार ]
[ 24 Sep 2021, Friday ]

नुकलीपुरमे हरेरी पुजा मनागिल

पहुरा | ३१ असार २०७८, बिहीबार
नुकलीपुरमे हरेरी पुजा मनागिल

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ३१ असार ।
गौरीगंगा नगरपालिका–१०, नुकलीपुरके किसान बिफेक रोज हरेरी पुजा मनैले बाटै ।

नुकलीपुर गाउँके देशन्ध्या गुरुवा कालुराम डंगौरा ओ केसौका गोपालदास चौधरी विधिवत रुपमे हरेरी पुजा करल रहिट । थारु समुदाय खेतबारीमे कीरा नलागिँट ओ धान उत्पादन मजा होए कना उद्देश्यसे हरेरी पूजा पुज्ना करठै ।

धान लगैना काम ओराइलपाछे खेतबारी हरियाली हुइल बेला धानमे विषालु कीरा नलागिँट ओ धान उत्पादन मजा होए कहिके थारु समुदाय पुर्खौसे हरेक वर्ष हरेरी पूजा पुज्ना गाउँके भलमन्सा हिंगुराम चौधरी बटैलै । गाउँके देशबन्ध्या गुरुवा –बर्का गुरुवा) के सहयोगमे करजैना उ पूजापाछे खेतबारीमे कीरा नैलग्ना ओ धान मजा उत्पादन हुइना थारु समुदायमे बिश्वास रहटी आइल बा ।

पहिलेक जमानामे भगवान शिव पार्वती फेन खेती किसानीके काम कैना करल ओ खेतके हरियाली धान डेखके मोहित हुइल शिव भगवान घर अइना पत्ते नैपाइट । ओइसीन हुइलपाछे पार्वती घरमे अस्रा लागट लागट हैरान हुजाई । शिव हाली खेट्वासे घर अइही कहिके पार्वती खेट्वामे कीरा लगाके शिवहे निराश बनाइल रही ।

खेट्वामे लग्ना पानीके मुहानमे खिरभन (शुद्ध गाईके दूधके धार) चह्र्रैलेसे खेट्वामे लागल किरा नष्ट हुइना ओ खेती पुनः हरियाली हुइना उपाय पार्वती सुझाइलपाछे शिव ओस्टहेक करलै । खेट्वामे किरा लागके नैमजा हुइलपाछे शिव भगवान हाली खेट्वासे घर अइना करिट । मने, शिवके निराशा डेखके पार्वती हाली खेट्वासे घर अइना वाचा कराके खेट्वाहे पुनः हरियाली बनाडेना बटाइल रही ।

ओकरपाछे फेनसे खेट्वामे हरियाली कायम हुइल किम्वदन्ती रहल । इहे किम्वदन्ती अनुसार थारू गाउँमे गुरुवाके सहयोगमे शिव पार्वतीहे सम्झटी पूजापाठ कैना ओ खेतबारीमे कीरा फट्याङ्ग्रा नैलागिट कना कामना कैटी हरेरी पुजा पुज्ना करजाइठ् ।

संस्कृतिके धनी आदिवासी थारूनके सामूहिक रुपमे करजैना चार पूजा (धुरिया पूजा, हरेरी पूजा, लवाङ्गी पूजा, निकासी पूजा) मध्ये हरेरी पूजा एक महत्वपूर्ण पूजा मानजाइठ् ।

जनाअवजको टिप्पणीहरू