थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ थारु सम्बत २२ अगहन २६४६, बिफे ]
[ वि.सं २२ मंसिर २०७९, बिहीबार ]
[ 08 Dec 2022, Thursday ]

यौनिक, अल्पसंख्यके मुद्दामे कलम चलैना आग्रह

पहुरा | १ मंसिर २०७९, बिहीबार
यौनिक, अल्पसंख्यके मुद्दामे कलम चलैना आग्रह

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १ अगहन ।
यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायके मुद्दाप्रति कलम चलैना उ समुदायके नागरिकसे सञ्चारकर्मीहे आग्रह करले बटै ।

निलहिरा समाजसे बिफेक रोज धनगढीमे करल यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायके मुद्दा विषयक अन्तरक्रिया कार्यक्रममे उ समुदायके व्यक्तिसे यौनिक अल्पसंख्यक समुदायहे खुलके अइना करके सहज हुइना करके समाचार सामाग्री सम्प्रेषण कैना आग्रह करल हुइट ।

‘रुढीबादी सामाजिक परम्पराके कारण अभिनफे यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायके नागरिक खुलके आई नइसेकल हुइट,’ निलहिराके अनुज राई कहलै, ‘उ नागरिकहे राज्यके मुलधारमे नन्ना सञ्चारकर्मीके भुमिका अपरिहार्य रहठ ।’

यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायके लाग सरकारसे ऐन कानून बनैलेसेफे उ कानून कार्यान्वयनमे समस्या डेखल उहाँ बटैलै । २०५८ मे सर्वोच्च अदालतसे यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायहे भोजके अधिकार डेहल रहे । ओकरपाछे यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदासे समलिङगी भोज करे पैना डगर खुलल्लेसेफे उ समुदायमे अभिन उहीहे कार्यान्वयन कैना समस्या रहल उहाँ बटैलै ।

ओस्टेक करके नेपालके संविधान २०७२ के धारा १२ से पहिचान सहितके नागरिकताके अधिकार प्रदान करले बा । मने नागरिकता लेहेबेर डाक्टरसे लिङ पहिचान करे पर्ना प्रावधानके कारण समस्या हुइल उहाँ बटैलै । ओस्टेक करके संविधानके धारा ४२ मे समानुपातिक प्रतिनिधित्वके अधिकार उल्लेख करल उहाँ बटैलै । उ अधिकार प्रदान कैना नेपाल एशियाके पहिल राष्ट्र रहल उहाँ बटैलै ।

कार्यक्रममे पत्रकार बबिता बस्नेत यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायहे राज्यसे मुलधारमे नाने पर्ना बटैली । उहाँ यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायके बारेमे समाचार सम्प्रेसण करेबेर शब्दके चयन नइमिलल कहटी ओहोर ओर ध्यान डेहे पर्ना बटैली ।

यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायके बारेमे समाचार प्रकाशित करेबेर सामाजिक सञ्जाल ओ दर्ता विनाके मिडियामे गलत शब्द प्रयोग हुइना करल हुइलेसेफे उ संस्थाके निगरानीमे समस्या हुइना करल उहाँ बटैली ।

सुदूरपश्चिममे अँटवार हुइना प्रतिनिधि तथा प्रदेश सभा निर्वाचनमे १३ जाने यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायसे मतदान करै पैही । हाल सम बैतडीके दुई ओ कैलालीके ११ जाने यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायसे अपने पहिचान सहितके मतदाता परिचय पत्र बनैले बटै ।

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