थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत ०३ सावन २६४८, बिफे ]
[ वि.सं ३ श्रावण २०८१, बिहीबार ]
[ 18 Jul 2024, Thursday ]
‘ कैलारी–४ मे कटघोरी नाँचके सुरुवाट ’

कला, संस्कृतिके लिखित इतिहास जरुरी बा

पहुरा | ३० बैशाख २०८०, शनिबार
कला, संस्कृतिके लिखित इतिहास जरुरी बा

पहुरा समाचारदाता
हसुलिया, ३० बैशाख ।
थारु कला, संस्कृतिके संरक्षणमे अग्रणी भूमिका खेलल आइल कैलाली जिल्ला कैलारी गाउँपालिका वडा नम्बर ४ के गाउँ खल्ला टोलमे कटघोरी नाँच सुरुवाट ओ कैगिल बा ।

कटघोरी नाँच समुहके आयोजनामे ढेर प्रयास ओ मेहनतके यी नाँचके उदघाटन कैलारी गाउँपालिका अध्यक्ष राजसमझ चौधरी करल रहिट । कार्यक्रममे बोल्टी थारु समुदायके पुर्खनके कला, सीप यूवा पुस्ता सिखेपर्ना जरुरी रहल बटैले बटै ।
कहु डिजे गाना बजना रहलेसे यूवाहुकने भीड लागठ,’ गाउँपालिका अध्यक्ष कहलै, ‘पुर्खानके सिखाई नाँचके प्रदर्शन हुइल ओरसे युवाके उपस्थिति कम बा । कैलारीमे थारु, रानाथारु, कठरियाथारु बाटी । टमान मेरिक कला संस्कृति बा संस्कृतिमेफे धनी बटी । मने के गाउँ फरक मेरिक पहिचान बनासेक्ले बा । यी गाउँमे सुन्दर धमार, लठठी, सखिया नाँच, मघौटा, झुमरा नाँचमे आघे रहे अब्बे कटघोरी नाँचफे सुरुवाट करले बा ।’

शिक्षा, स्वास्थ्य, भौतिक विकाससंगे भाषा कला, संस्कृतिके विकासमे पालिका काम करटी आइल बा । पालिकाभिटर सम्झौता हुके कार्यान्वयनमे रहल योजनाके टिसरा किस्तामे रकम पचास प्रतिशत कटौटी करके आइल कारण काम कैना गाह्रो हुइल उहाँ बटैलै । वडा नम्बर ६ अन्र्तगत पर्ना सडक निर्माणके लाग डेढ करोड बजेट विनियोजन हुके काम आघे बह्रल रहे । ओकर बजेट जम्मा पचास लाख केल पठैना पत्र आइल बा । कैसिक काम हुइल अध्यक्ष कहलै ।


उहाँ कहलै, ‘यिहीसे आघे मै मन्दिर, मरुवा निर्माणसे लेके कला, संस्कृति संरक्षण करेक लाग व्यक्तिगत रुपमे सहयोग करटी आइल रहु । संस्कृति जोगैना स्थानीय सरकारकेफे कर्तव्य हो । मै कला, संस्कृति संरक्षण प्रेमीफे हुइटु, कटघोरी नाँचके लाग व्यक्तिगत पाँच हजार ओ पालिकासे सेक्ना सहयोग कैजाई ।’

पहिलेक पुर्खानथे बहुट ज्ञान बा, उ हमार, संस्कृतिक सम्पति हो । उहीहे बचाई नइसेक्ले हुई । यूवा पुस्तामे हस्तान्तरण ओइन
पालिकासे मालपोटमे आधा मिनाहा, सुत्केरीके निशुल्क एम्बुलेन्स सेवा, सिकलसेलके निशुल्क जाँच सेवा डेहल उहाँ बटैलै ।

वडा नम्बर ४ के वडा अध्यक्ष ठागुराम चौधरी लाठी नाँच करके पहिचान बनाइल के गाउँ बासी लोप हुइल अवस्थामे रहल कटघोरी नाँच फेरसे सुरु करके यूवा पूस्ताहे सिख्ना मौका प्रदान करल बटैलै । उहाँ कहलै, यी नाँचहे दिगो बनाइक लाग खाजाके पैसा बचत करके सहयोग कैना प्रयास कैजाई । वडा कार्यालयसे जटरा सेकी सहयोग करी मोरफे आर्थिक ओ नैतिक सहयोग रही ।

राप्रपा कैलालीके जिल्ला अध्यक्ष होमबहादुर गुरुङ नेपालमे कला, सस्कृतिमे सबसे धनी थारु ओ नेवार समुदाय रहल बटैलै । पहिलेक पुर्खनथेन बहुट मेरिक सांँस्कृतिक सम्पति रहे,’उहाँ कहलै, ‘पुर्खा ओरैटी गैल बटै । पुरान गितबाँस ओइनसंगे चलजाइटा । यूवा पुस्ता पुर्खनसे ज्ञान लेहे नइसेक्ले हुइट । उहीहे बचाइक लाग यूवा पुस्ताफे जागरुक हुइना आवश्यक बा ।’

उहाँ कहलै, पहिले गीतबाँसमे रस रहे, पहिचान रहे । प्रकृतिसे जोरल रहे । अब्बेक लौव बन्ना गित ओटरा समेटे नइसेकल हो । पुर्खनके सिखाइल सस्कृतिहे लिपिबद्ध कैना जरुरी बा ।’ थारु समुदायमे पुरुषसेफे महिलाहुक्रे संस्कृति संरक्षणमे आघे डेखल अध्यक्ष गुरुङ बटैलै ।

नागरिक उन्मुक्ती पार्टीके प्रतिनिधि जगमानु चौधरी अब्बे पुस्ता वरका नाँच, कटघोरी नाँच, मुङग्रहवा नाँचके बारेमे पत्ता नइरहल बटैलै । यूवा पुस्ताहुक्रे मन्डराफे बजाई नइजन्ना ओरसे आबसे सिखे पर्ना जरुरी डेखल उहाँ बटैलै ।

चरा संरक्षण नेटवर्कके अध्यक्ष दयाराम चौधरी थारु संस्कृति पर्यटन अधुरा रहना बटैलै । सांस्कृतिक महत्व बहुत भारी बा,’ उहाँ कहलै, यिहीहे आर्थिकसे जोरसे सेक्जाइठ । कटघोरी नाँच थारुमे समुदायके पहिचान जोरल बा । ढेर संस्कति अब्बेक युगमे परिमार्जन कैना बा । कलेसे पुर्खनके सिखाइल मजा संस्कृति लिखित इतिहास बनैना जरुरी बा ।’

जीवन सामुदायिक वनके अध्यक्ष गणेशी चौधरी यूवा पुस्ता विदेशी बाजागाजा, पहिरनमे ढेर आर्कषित हुइल कारण हमार पहिचान जोरल पहिरन, संस्कृति हेरैटी गैल बटैली । उहाँ कहली, ‘अब्बे पहिरन, बोली भाषाफे लवाइ खवाईफे बडलगिल बा । उहीहे हेरले हम्रे थारु हुई की गैरथारु हुई कना छुटयइना कर्रा हुगिल बा ।’

पूर्व वडा सदस्य राजेश सुनार कैलाली जिल्ला भिटरफे कैलारी गाउँपालिकामे बडका बसन्ता बनुवा, भारी भारी तालतलैया, प्राकृतिक सम्पदा रहल बटैलै । यी क्षेत्रके सांस्कृतिक सम्पदा थारु समुदायके पहिचानसे जोरल उहाँ बटैलै ।

घुम्टी टोलके भल्मन्सा तिर्थ प्रसाद नेपाल जहाँ संस्कृति वहाँ सभ्यता रहल बटैलै । थारु समुदायमे सांस्कृतिक रुपमे धनी रहल कहटी यूवा पुस्ताफे पुर्खनसे सिख्टी आघे बह्रना बटैलै । राप्रपाके प्रतिनिधि अमिता चौधरी संस्कृतिके लाग महिला पुरुष लग्लेसृ हुइना बटैली ।

पंक्षि संरक्षण मञ्के हिरु डगौरा प्रकृति ओ संस्कृति एकडुसरसे जोरल बाट बटैलै । थारु समुदाय प्रकृति पूजक, प्रकृति संरक्षक जो रहल ओ यी समुदायके संस्कृतिफे प्रकृतिसे जोरल बटैलै ।

सहास नेपालके कृषि प्राविधिक नवबहादुर जिरेल थारु समुदायके लोप हुइल संस्कृतिहे फेरसे जिवाइक लाग अभियानके रुपमे आघे बह्रैना जरुरी रहल बटैलै ।

कर्यक्रममे चर्चित थारु मोडल तथा कलाकार आयसा चौधरी, महालोक गायक मनिराम चौधरीके प्रस्तृतिसंगे झुम्रा, सखिया, लाठी नाँच, थारु आधुनिक नाँच डेखैगैल बा ।

क्टघोरी नाँच समुहके संयोजक तथा भल्मन्सा जगलाल चौधरी नम्मा प्रयासके बाबजुट यी सुरुवाट करे सेकल बटैलै । के गाउँमे थारु संस्कृति जर्गेनाके लाग लागल कहटी आबसे थारु होमस्टे संचालनके योजना बनाइल बटैलै ।

कर्यक्रमके संचालन सुनिता चौधरी(फकलपुरान बुडी), सागर कुश्मी करले रहिट । ओ स्वागत मन्तव्य जीतबहादुर चौधरी करले रहिट ।

कटघोरी नाँच सुरुवाट ओ पर्दशनीके लाग सहास नेपाल, वडा–४ के कार्यालय,सुनिता ट्रेडर्स(फकलपुरान बुडी, पंक्षी संरक्षण मञ्चके हिरुलाल डगौरा, वडा नम्बर ८ के वडा सदस्य माघुराम चौधरी, नुक्लीपुर होमस्टेक उपाध्यक्ष चेतराम चौधरी, घोडाघोडी–८ के वडा अध्यक्ष बासुदेव चौधरी आर्थिक सहयोग करल रहिट ।

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