गुरगीके स्रोत सुनिश्चितता नैहुइलेसे आन्दोलन कैना चेतावनी
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ४ बैशाख । कैलालीके कैलारी गाउँपालिकास्थित ऐतिहासिक गुरगी सिँचाइ योजना निर्माणके लाग स्रोत सुनिश्चितता नैहुइलेसे आन्दोलन कैना चेतावनी डेहल बा ।
शुकके रोज धनगढीमे आयोजना करल पत्रकार सम्मेलनमे संघर्ष समितिके संयोजक बाबुराम चौधरी, उपभोक्ता समितिके अध्यक्ष भिष्मराज चौधरी, उपभोक्ता रेवन्त बोहरालगायतसे गुरगी बाँन्ध निर्माणके लाग स्रोत सुनिश्चित नैहुइलेसे संघर्ष समितिसे आन्दोलनमे उटरना जनैले बटै ।
उपभोक्ता बोहरा कहलै, उ सिचाई आयोजनाके लाग अभिनसम बजेट विनियोजन हुइटी आइल माने डिपिआरके नाउँमे अल्झाइल बा, अभिनसम ६÷७ ठो डिपिआर हुइल मने निर्माणके काम सुरु हुइल नैहो । यी बार टे आउर आर्थिक मामिला मन्त्रालयसे बहुवर्षीय स्रोत सुनिश्चितताके सुचीसेफे हटाइल बा ।
अब्बे इन्धनके मुल्य बृद्धिसे किसानहुक्रे खेती करेसेक्ना अवस्था नैहो, बोरिङसे पानी डारेबेर एक कटठामे एक÷दुई लिटर तेल खाइठ ।
तेलके मोल आकाश छुवल बा, किसानके धान गोहुँके मोल न्यून बा । यिहीसे किसान विस्थापित हुइना बाहेक कुछ विकल्प नैहो । कृषि प्रधान देशके नाउँमे लाजमरटीक होगिल बा । किसानहुक्रे विकासके नाउँमे कुछ मागल नैहुइट, सिचाईके लाग बाँन्ध केल्ह बनाडेउ कहले बटै ।
संघर्ष समितिके संयोजक बाबुराम चौधरी किसानहुकनहे खेतीके अलावा कुछ उपाय नैरहल बटैलै । सिचाईके अवस्था अइसिन बा, धान, गोहुँके मोलके तुल्नामे तेलके मोलमे मेल नैखाइल हो । भारी योजना पर्ना मने निर्माण हुइलविना अधुरा हुइना रहिजैना अवस्था बा । गुरगी सिचाई योजना, बसन्ता पुलके लाग स्रोत सुनिश्चिता नैहुइल हो । सरकार यकर बेवास्ता करी कलेसे आन्दोलनके विकल्प बाहेक कुछ नैरही ।
उपभोक्ता समितिके अध्यक्ष भिष्मराज चौधरी मन्त्रालयके सचिव फेर बदल हुईबेर यी सिचाईके डिपिआरफे फेर बडल हुइना करल बटै । गुरगी सिचाई आयोजना निर्माणके लाग हस्ताक्षर अभियान, किसानहे ल्यानके मन्त्रालय घेराउलगायत दवाव डेलेसेफे सुनुवाई नैहुइल हो । उहाँ सोम्मार प्रदेश सरकारहे ज्ञापनपत्र बुझैना, उहीसे सुनुवाई नैहुइलेसे किसानहुकनके सहभागितामे आन्दोलनमे उटरना उहाँ चेतावनी डेलै ।
सुदूरपश्चिम प्रदेश सभा सदस्य घनश्याम चौधरी गैल बरष २० करोड स्रोत सुनिश्चितता करल रहे । उहीसे टेन्डर प्रक्रिया लैजैना कहल रहे । गुरगी सिचाई आयोजना निर्माण कैना मापदण्डमेफे रहे । मने निर्माण हुई नैसेक्ना दुखद बाट हो । उहाँ कहलै, मन्त्रीहुक्रे अपन क्षेत्रके टुक्रे योजनाहेफे बहुबर्षियमे डर्ना मने गुरगी सिचाईहे स्रोत सुनिश्चिततासे हटाइलपाछे सरकारके नियतमे भारी खोट बा ।
कैलारी गाउँपालिकाके किसानके लाग गुरगी सिचाई निर्माण अपरिहार्य बा, उहाँ कहलै, कृषि कार्यमे प्रयोग हुइना पानी निरन्तर बगटा । किसानहुक्रे उ पानी हमार खेतुवामे पुगाडेउ केल्ह कहल हो । मने कबु डिपिआरके नाउँमे, कबु बजेट सुनिश्चिताके नाउँमे किसानहे ठग्ना काम हुइल बा । आब किसानके धैर्यता टुटसेकल, सहना जटरा सहसेक्लै, किसानहुक्रे आब आघे बह्रटी ओम्ने मोरफे साथ रही ।
कार्यक्रममे ज्ञापनपत्र समितिके सचिव दयाशंकर चौधरी प्रस्तुतीकरण करल रहिट । कलेसे सहजीकरण पत्रकार लखन चौधरी करल रहिट । उ सिचाई आयोजनासे कैलारी–१ के बिसनपुर, लवलपुर, मनाउ, हरिनगर, डम्मरा गाउँ, वडा नं ५ के सडकपुर, पबेरा, गोबरैला, जब्दहवा, मनिकापुर, बैजपुर गाउँ ओ वडा नं ७ के रतनपुर, सिउपुर, नारायणपुर, वसन्ता, छटकपुर वसन्ता, भुँइयाफाटा, रामपुर गाउँके किसान सिचाई लाग पानी खेलाइट ।५७ बरस आघे निर्माण हुइल गुर्गी सिँचाइ आयोजना २०६४ सालके बारह्से भट्काइल पाछे अलपत्र परल बा । आर्थिक बरस २०६२÷६३ मे पक्की बाँध २०६४ सालमे आइल बारह्से भट्काइलपाछे हालसम अलपत्र बा ।