प्रेमके नाउँमे यौन हिंसा
जातिय विभेदके मारमे किशोरी
पहुरा समाचारदाता
दाङ, २८ बैशाख । प्रेमके नाउँमे किशोरीउप्पर बह्रटी यौन हिंसा तथा जातिय विभेदके मारमे किशोरीहुक्रे परल महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक) दाङ जनैले बा ।
लैंगिक हिंसा सम्बन्धी त्रैमासिक प्रेस विज्ञप्ती सार्वजनिक करटी ओसिन डेखल दाङ जिल्ला संयोजक कल्पना चौधरी जानकारी डेली । तथ्यांकहे हेरेबेर लुम्बिनी प्रदेशमे घरेलु हिंसाके घटना दैनिक बह्रटी रहल अवस्था ओरेकमे संकलन करल तथ्याङ्गसे पुष्टि करले उहाँ जनैली ।
विगत ३ महिना (जनावरी–मार्च, २०२६) मे किशोरीहुक्रे हत्याके शिकार बनल पाइल बा । घटना हेरेबेर किशोरीहुकनहे प्रेममे पर्ना, अनी यौन शोषण कैना ओ गर्भवती बनाइलपाछे अपने प्रेमी, घरपरिवार, आफन्त ओ समाजसे हिंसा ओ विभेद केल्ह नैहुके हत्या कैना करल घटना बाहिरल बटै । यी मेरिक हिंसासे समाजमे किशोरीहुक्रे असुरक्षित हुइटी गैल बटै कलेसे सुरक्षित वातावरणके अभाव डेखल बा ।
प्रेमके नाममे किशोरीहुकनहे जालसाझमे पर्ना ओ अन्तिममे जातिय छुवाछुत जैसिन टमान कारण किशोरीहे स्वीकार नैकैना कम उमेरमे गर्भवती हुईपर्ना ओ ओइनहे हत्यासम कैना करल तथ्यांकसे डेखैले बा ।
तथ्याङ्क विश्लेषण
गैल जनावरीसे मार्च २०२६ समके अवधिमे लुम्बिनी प्रदेशके दाङ जिल्लासे लैंगिक विभेदमे आधारित कुल ५१ ठो हिंसाके घटना अभिलेखन करलमे ८३.२७ प्रतिशत (४४ ठो) घरेलु हिंसाके घटना, ९.८० प्रतिशत (५ ठो) सामाजिक हिंसाके घटना, १.९६ प्रतिशत (१ ठो) हत्या ओ यौन हिंसा १.९६ प्रतिशत अर्थात १ ठो रहल तथ्यांकसे डेखैले बा ।
यिहीसे महिला तथा किशोरीमे दोहोरो तेहोरो हिंसा हुइल पुष्टि हुइठ कलेसे यैसिक महिला उप्पर हुइना घरेलु हिंसाके घटनामे पीडकहे संरक्षण हुइटी आइल बाट टरेक घटनासे समेत पुष्टि करठ । किशोरीमे हुइना हिंसा कुल हिंसाके मेरिक १० प्रतिशत डेखलेसेफे बालबालिकाके संरक्षणके दृष्टिकोणसे ओइनउप्पर हुइना हिंसा बह्रना क्रममे बा कना डेखाइठ ।
महिला हिंसाके कुछ प्रतिनिधिमुलक घटनाः
घटना १
१७ वर्षके कथित दलित परिवारके किशोरीके २१ वर्षके लउण्डासंग प्रेम सम्बन्ध रहे । प्रेम सम्बन्धमे रहेबेर किशोरी गर्भवती हुइली । मने जातीय विभेदके कारणसे परिवार ओ समाजसे उहाँक प्रेमहे अस्वीकार करल रहे । ओकरपाछे लउण्डा डेरा करके दुनु जाने कोठामे बैठे लग्लै । लउण्डा गर्भहे अस्वीकार करटी निरन्तर मानसिक तथा शारीरिक हिंसा करटी आइल रहे ।
परिवार ओ आफन्तसे समेत गर्भपतन करैना दबाब डेहल रहे । प्रभावितहे बार–बार कुटपिट कैना, खाना नैडेना, धम्की डेना जैसिन अमानवीय व्यवहार करल रहे ।
२०८२ साल पुस १२ गते रात पिडकसे मदिरा सेवन करके डेरा कोठामे आइलपाछे फेरसे कुटपिट करल ओ “तोर बच्चाहे मारडेम“ कहटी पेटमे लात्ता–मुक्का प्रहार करेबेर पीडित गम्भीर घाहिल हुइली । छिमेकीके सहयोगमे अस्पताल पुगैलेसेफे उपचारके क्रममे नेपालगञ्जमे उहाँक मृत्यु हुइल पुष्टि हुइल ।
घटनापाछे आरोपी फरार हुइलेसेफे २०८२ पुस १८ गते प्रहरी पक्राउ करके हाल इलाका प्रहरी कार्यालय धारके कानुनी प्रक्रिया बह्राइल बा ।
पीडितके परिवारसे कानुनी प्रक्रिया आघे बह्रासेक्ले बटै । अभिनफे जातीय बिभेदके कारणसे हजारौ छाईहुक्रे ज्यान गुमैना बाध्य हुइल बटै ।
घटना २
प्रभावितके परिवारमे डाई, बाबा, बुडी ओ छोटकी भैया करके ५ जानेक परिवार बा । परिवारके आर्थिक अवस्था कमजोर हुइल ओरसे बाबा रोजगारीके लाग भारत गैल रहिट कलेसे डाईफे आर्थिक अभावके कारण वैदेशिक रोजगारीके लाग कुवेत गैल रहिट । बाबा डाई दुनु जाने विदेश गैलपाछे किशोरी ओ भैया, बुडीसंग बैठटी आइल रहिट ।
किशोरी १० कक्षा पह्रटी करेबेर संघरीयासे एक जाने लउण्डासंग जिस्काई लग्लै ओ विस्तारे हम्रे एकदुसरसंग बोले लग्ली विस्तारे उहाँहुकनके प्रेम सम्बन्ध हुइल । उहाँ १५ वर्षके रहिट ओ उहाँके प्रेमी १८ वर्षके रहिट । प्रेम सम्बन्धके क्रममे प्रभावित किशोरी गर्भवती हुइली । जब उहाँ पीडकहे यी बारे जानकारी करैली, उहाँ बच्चा अस्वीकार करलै, फोन नैकरेबेर धम्की डेना तथा परिवारसे स्वीकार नैकैना कहटी बेवास्ता करल रहे ।
गर्भावस्थाके ७ महिनापाछे गाउँमेफे बाट फैल्टी गैल पीडितके परिवारसे बडामे निवेदन डेहल रहिट ।
छलफलके क्रममे पीडक पक्षसे जात नैमिल्न कहटी किशोरीहे अस्वीकार करे खोज्लै । मने कानुनी प्रक्रियामे जैना डरले पिडकके परिवारसे लउण्डीहे स्वीकार करलै । किशोरीहे पिडकके घरमे धरलेसेफे उहाँहे गोठमे बैठना बाध्य बनाइल रहे । छिमेकीके दबावपाछे केल्ह उहाँहे घरके छोट कोठामे बैठना डेहल बा । हालसम औपचारिक विवाह भोज हुइल नैहो । पीडकसे निरन्तर गालीगलौज कैना, “टै महीहे फसाइल हो कना आरोप लगैना तथा माइती पक्षहे समेत अपमान कैना कार्य करटी आइल बटै ।
हाल प्रभावितसे सकुशल बच्चा जन्मैले बटी ओ लैहर घर बैठटी आइल बटी । ओरेकसे लउण्डीहे मनोविमर्श ओ मनोपरामर्श सेवा प्रदान करले बा ।
