धनगढी उपमहानगरके १५औँ नगरसभासे भल्मन्सा–पधना प्रथा संरक्षणसम्बन्धी विधेयक पास
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ७ असार । धनगढी उपमहानगरपालिकासे थारू तथा रानाथारू समुदायके परम्परागत सामाजिक संस्थाके संरक्षण, संवद्र्धन तथा विकासके लाग कानुनी व्यवस्था करले बा ।
उपमहानगरपालिकाके १५औँ नगरसभासे ‘थारू समुदायके भलमन्सा प्रथा संरक्षण तथा विकास सम्बन्धमे व्यवस्था कैना बनल विधेयक, २०८३’ तथा ‘रानाथारू समुदायके पधना ओ भलमन्सा प्रथा संरक्षण तथा विकास सम्बन्धमे व्यवस्था कैना बनल विधेयक, २०८३’ सर्वसम्मत रूपमे स्वीकृत करल हो ।
अँटवार सम्पन्न नगरसभामे पेश करल दुनु विधेयक स्वीकृत हुइलसंगे थारू तथा रानाथारू समुदायमे परम्परासे अभ्यास हुइटी आइल भलमन्सा ओ पधना प्रथाके संरक्षण, अभिलेखीकरण, संवद्र्धन तथा विकासके लाग स्थानीय तहमे कानुनी आधार तयार हुइल बा ।
विधेयकके प्रस्तावनामे कैलाली जिल्लास्थित धनगढी उपमहानगरपालिका क्षेत्रमे आदिवासी जनजाति थारू तथा रानाथारू समुदायके सघन बसोबास रहल उल्लेख करल बा । समुदायमे परम्परासे प्रचलित भलमन्सा तथा पधना प्रणाली सामुदायिक संगठन, सामाजिक सद्भाव, न्याय सम्पादन, विकास निर्माण, सांस्कृतिक संरक्षण तथा समाज सञ्चालनके महत्वपूर्ण परम्परागत संस्थागत अभ्यासके रूपमे रहटी आइल जनाइल बा ।
उपमहानगरपालिकासे यैसिन परम्परागत सामाजिक संस्थाके संरक्षण ओ प्रवद्र्धन करटी स्थानीय शासन प्रणालीसँग समन्वयात्मक रूपमे सञ्चालन कैना उद्देश्यसे विधेयक ल्यानल जनाइल बा । विधेयकमे भलमन्सा तथा पधना प्रणालीके अभिलेखीकरण, संरक्षण, संवद्र्धन, विकास तथा अभ्यासहे प्रोत्साहन कैना व्यवस्था करल बा ।
विधेयकसे नेपालके संविधानसे सुनिश्चित करल आदिवासी जनजातिके सांस्कृतिक अधिकार, परम्परागत ज्ञान, सीप, अभ्यास तथा संस्थागत संरचनाके संरक्षण ओ प्रवद्र्धन कैना राज्यके दायित्व कार्यान्वयनमे समेत सहयोग पुग्न अपेक्षा करल बा ।
नेपालके संविधानके धारा २२६ तथा स्थानीय सरकार सञ्चालन ऐन, २०७४ के दफा १०२ के उपदफा ९१० बमोजिमके अधिकार प्रयोग करके तयार पारल यी विधेयक स्वीकृत हुइलसंगे धनगढी उपमहानगरपालिकासे थारू तथा रानाथारू समुदायके मौलिक सांस्कृतिक पहिचान, परम्परागत नेतृत्व प्रणाली ओ सामाजिक संस्थाके संरक्षणमे महत्वपूर्ण कदम चालल बा ।
उपमहानगरपालिकासे नयाँ कानुनमार्फत समुदायके सांस्कृतिक विरासतहे जोगैनाके साथे परम्परागत सामाजिक संस्थाहे स्थानीय शासन ओ विकास प्रक्रियासँग जोरके थप प्रभावकारी बनैना विश्वास व्यक्त करल बा ।
