थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत ०६ भादौ २६५०, शनिच्चर ]
[ वि.सं ६ भाद्र २०८३, शनिबार ]
[ 22 Aug 2026, Saturday ]

धनगढीमे अस्टिम्कीके दर खैना कार्यक्रम हुइना

पहुरा | ६ भाद्र २०८३, शनिबार
धनगढीमे अस्टिम्कीके दर खैना कार्यक्रम हुइना

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ६ भदौ । धनगढीमे अस्टिम्की टिह्वारके दर (भिनसह्यिा भात) खैना कार्यक्रम आयोजना हुइना हुइल बा ।
शनिच्चरके धनगढीमे थारु महिला सञ्जाल कैलालीके आयोजनामे बैठल बैठकसे अस्टिम्की टिहुवारबारे जानकारी सहित दर खैना कार्यक्रमके आयोजना कैना हुइल हो ।
सञ्जालके अध्यक्ष सरिता चौधरी थारु समुदायके लोक कला संस्कृति संरक्षण तथा प्रवद्र्धन ओ टिहुवारबारे जानकारी कैना उद्देश्यसे कार्यक्रम आयोजना करे जैटी रहल बटैली । इ बरस अस्टिम्की अर्थात कृष्ण जन्मअष्टमी इहे भदौ १९ गते शुकके रोज परल बा । दरखाने कार्यक्रम भदौ १८ गते बिफेक रोज धनगढीस्थित बुद्धबिहारके सभा हलमे हुइना जनाइल बा ।
उहे बैठकसे थारु समुदायमे विकराल रुपमे डेखल सिकल सेल एनिमिया रोगके निदानके लाग सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार अन्र्तगत सामाजिक विकास मन्त्रायलहे ज्ञापनपत्र बुझैना निर्णय करल सञ्जालके सचिव रजनी चौधरी जानकारी डेली ।
अस्टिम्कीके दर खैना कार्यक्रम थारु महिला सञ्जाल, थारुकाल्याणकारिणी सभा धनगढी नगरसमिती, थारु कल्याणरिणी सभा जिल्ला कार्यसमिती, कञ्चनपुर, थारु महिला सञ्जाल कैलाली, सखी सञ्जाल कैलाली, गोहिनके फाउण्डेशन, थारु लेखक संघ नेपाल, बातचित घर धनगढी, नगर भल्मन्सा समिति कैलाली, थारु पत्रकार संघ कैलाली, थारु राष्ट्रिय कलाकार मञ्च सुदुरपश्चिम प्रदेश, नेपाल आदिवासी जनजाति पत्रकार महासंघ, कैलाली, थारु महिला सभा, कैलाली, हिरगर साहित्यिक बगाल, हमार चैनार समुह, कैलाली लगायत संघसंस्थाके आयोजनामे हुइना हुइल बा ।
अस्टिम्की टिहुवारमे खास कैके, थारु महिलाहुक्रे रातके दर खाके डोसर डिनके डिनभर ब्रत बैठ्ना करठै । साँझके व्रतालु महिला तथा युवतीहुक्रे घरक भित्ता वा सामुदायिक भवनमे बनाइल पौराणिक चित्रमे टिक्ना अर्थात पूजा कैना करठै । टिक्ना काम सम्पन्न हुइलपाछे फलाहार खैना प्रचलन रहल बा ।
थारु जानकारहुक्रनके अनुसार अष्टिम्कीके उत्पत्ति ‘अष्टमीटिका’से हुइल हो । भगवान श्रीकृष्णहे थारु समुदायमे ‘कान्हा’के नाउँसे चिन्हजाइठ् । अस्टिम्की’के अर्थ भदौ महिनाके अष्टमी तिथिमे श्रीकृष्ण ‘कान्हा’ जन्मल ओरसे उहाँहे टीका लगैना हो । ‘कान्हा’के जन्मदिनहे थारु महिलाहुक्रे विशेष रूपमे मनैना हुइल ओरसे इ टिहुवारहे थारु समुदाममे अस्टिम्की कहना प्रलचन रहटी आइल हो ।

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