थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत १७ भादौ २६५०, बुध ]
[ वि.सं १७ भाद्र २०८३, बुधबार ]
[ 02 Sep 2026, Wednesday ]

अन्तरपुस्ता हस्तान्तरणके लाग अस्टिम्की चित्राकला 

पहुरा | १७ भाद्र २०८३, बुधबार
अन्तरपुस्ता हस्तान्तरणके लाग अस्टिम्की चित्राकला 
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १७ भदौ । अन्तरपुस्ता हस्तान्तरणके लाग अस्टिम्की चित्राकला कार्यशाला धनगढीमे सम्पन्न हुइल बा । गोहिनके फाउण्डेसन ओ होटेल बसेराके संयूक्त आयोजनामे एक पुस्ताके डुसर पुस्तासम परम्परागत ज्ञान सीप हस्तान्तरणके लाग अस्टिम्की चित्राकला कार्यशाला कैगिल हो ।
खास करके स्कूल पह्रना बाबु भैयाहुकनहे सहभागिता करागिल बा, गोहिनके फाउण्डेसनके अध्यक्ष इन्दु चौधरी कहली, अन्तर पुस्ता हस्तान्तरणके लाग अस्टिम्की चित्राकला कार्यशाला करल हो ।
समय अनुसार संस्कृति परिवर्तन हुइटी जाइठ । हमार गाउँ घरमे आपन अस्टिम्की चित्रकला नै बनैना । पोस्टर टाँसके अस्टिमकी टिक्ना कैठै । उ चाही हमार संस्कृति नैहो । हमार पुर्खा कैसिक करिट का करिट उ चिजहे बचाई परठ कहिके सिखाइक लाग चित्र बनैना कार्यक्रम करल हो ।
फाउण्डेसनसे यी आघे गुरहीके सोँटा ओ गुरही बनैना तालिम डेहल उहाँ बटैली । अस्टिम्कीके गीत फे रहठ उ फे गाइक सिखैना हमार उद्देश्य रहल उहाँ बटैली ।
फाउण्डेसनके सचिव कविता चौधरी लौवा यूवा पुस्ता हमार परम्परा विस्राई लागल कहटी अन्तरपुस्ता ज्ञान हस्तान्तरणके लाग कार्यक्रमके आयोजना करल हो । पहिले भिटामे डेहरीमे बनाई अब्बे फोटुमे टिके लागल ओरसे लौवा पिढीहे सिखाइक लाग चित्रकला बनैना कार्यक्रम करल उहाँ बटैली ।
होटेल बसेराके संचालक प्रदीप चौधरी आधुनिकताके नाउँमे हमार सस्कृति हेरैटी गैल ओरसे उहीहे जोगाक लाग अस्टिम्की चित्रकला कार्यशालाके आयोजना बटैलै । उहाँ यी जरुरीफे रहल बटैलै ।
थारु बुद्धिजीवि तथा धनगढी गाउँक भल्मन्सा सरोज चौधरी अब्बे थारु समुदायके परम्परागत घरसंगे अम्टिम्की बनाके टिक्ना चलाउफे हेराइल लागल बटैलै । उहाँँ कहलै, पहिलेक पुर्खाहुक्रे डेहरी ओ भीटामे बनाके टिकिट अब्बे डेहरीफे हेराई लागल बा । ओसिन भिटाफे हेराई लागल यिहीहे जोगाइक लाग मजा कार्यक्रम संचालन करल उहाँ बटैलै ।
थारु कल्याणकारिणी सभा कैलालीके पूर्व कार्यकारी सभापति माधव चौधरी समय सन्र्दभिक अब्बे कार्यशाला संचालन करल बटैलै । यूवा पुस्ता परम्परागत ज्ञान सीप हेरैटी रहल बेला सिखैना जरुरी रहल उहाँ बटैलै ।
थारु बुद्धिजीवी विदेशराम चौधरी संविधानके धारा ३२ मे सक्कु जानेक संस्कृतिक अधिकार डेहल कहटी यकर संरक्षण प्रवद्र्धनमे राज्यके दायित्व रहल बटैलै । उहाँ कहलै संस्कृति संरक्षण कैना राज्यसंगे समुदायफे जागरुक हुई पर्ना बटैलै ।
उ चित्रकला कार्यशालाके अनुगमन कैटी थारु कल्याणकारिणी सभा कञ्चनपुरके सभापति तथा सखी संजालके अध्यक्ष सानु चौधरी यी मेरिक कार्यक्रम सक्कु संचालन करेसेक्ले बहुट मजा रना बटैली । उहाँ कहली, अस्टिम्की चित्रा बनाई जन्ना बहुट कम रठै । आब लौवा यूवाहे सिखाई सेक्लेसे मजा हुइना उहाँ बटैली । उ चित्रकला बनैना कार्यशालामे १८ जाने बाबु ओ भैयाहुकनके सहभागिता रहल बा । कलेसे उहाँहे गोहिनके फाउण्डेसन ओ होटेल बसेराके संयूक्त रुपमे प्रमाणपत्र डेगिल बा ।

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