थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं १४ कार्तिक २०८३, शुक्रबार ]
[ 30 Oct 2026, Friday ]

दिगो वन व्यवस्थापन प्रति सरकार गम्भिर बाः मुख्यमन्त्री भट्ट

पहुरा | १४ कार्तिक २०८३, शुक्रबार
दिगो वन व्यवस्थापन प्रति सरकार गम्भिर बाः मुख्यमन्त्री भट्ट

पहुरा समााचारदाता
धनगढी, १३ कार्तिक । सुदूरपश्चिम प्रदेशके मुख्यमन्त्री खगराज भट्ट प्रदेशमे दिगो वन व्यवस्थापन कार्यक्रम प्रभावकारी रूपमे कार्यान्वयन कैना प्रदेश सरकार गम्भीर रहल बटैले बटै ।

दिगो वन व्यवस्थापन कार्यविधि तत्काल स्वीकृत करके कार्यान्वयन कैना माग करटी मुख्यमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद्के कार्यालय पुगल सामुदायिक वन उपभोक्ता समूहके पदाधिकारीहुकनसंगके भेटमे मुख्यमन्त्री भट्टसे यैसिन प्रतिबद्धता जनाइल हुइट ।

उहाँ वन पैदावारके उपयोगसंगे यकर उचित सदुपयोग ओ संरक्षणहेफे सरकारसे प्राथमिकतामे राखल बटैलै । सुदूरपश्चिमे उपलब्ध वन स्रोतके दिगो उपयोगमार्फत राजस्व वृद्धि, आर्थिक गतिविधिके विस्तार तथा रोजगारी सिर्जना करेसेक्ना हुइलेसेफे वन स्रोतके दुरुपयोग हुई नैडेना सरकार ओटरे सचेत रहल उहाँके कहाई रहे ।
विगतमे वैज्ञानिक वन व्यवस्थापनके क्रममे डेखल समस्या ओ कमजोरी दोहराई नैडेना नैडेना दिगो वन व्यवस्थापनहे व्यवस्थित ओ पारदर्शी ढङ्गसे आघे बह्राई पर्नामे मुख्यमन्त्री भट्ट जोड डेलै । वन पैदावारके सदुपयोगसे प्रदेशके आर्थिक समृद्धिमे योगदान पुग्न करके नीति तथा कार्यक्रम कार्यान्वयन कैनआ सरकार प्रतिबद्ध रहल उहाँ स्पष्ट परलै ।

यसैबीच, सरकारले दिगो वन व्यवस्थापन कार्यविधि समयमे कार्यान्वयन नैकरेबेर प्रदेशसे अर्बौँ रुपैयाँ बराबरके सम्भावित राजस्व गुमैनाके साथे वन पैदावारमे आधारित आयआर्जन ओ रोजगारीके अवसरसमेत प्रभावित हुइल सामुदायिक वनसँग सम्बन्धित संघसंस्थाके प्रतिनिधिहुक्रे बटैले बटै ।

दिगो वन व्यवस्थापन कार्यविधि तत्काल स्वीकृत करके कार्यान्वयन कैना माग करटी टमान सामुदायिक वन उपभोक्ता समूह तथा वनसँग सम्बन्धित संघसंस्थाके प्रतिनिधिहुक्रे मुख्यमन्त्री भट्टहे ज्ञापनपत्र बुझाइल हुइट ।

अपन माग सम्बोधनके लाग टमान वनसम्बद्ध संघसंस्थासे संयुक्त आन्दोलन परिचालन समिति गठन करके आन्दोलनके तयारीसमेत करटी रहल बटै । माग समयमे सम्बोधन नैहुइलेसे सडक आन्दोलनमे जैना ओइनके कहाई रहल बा ।

दिगो वन व्यवस्थापन कार्यविधि कार्यान्वयनमे डेखल ढिलाइ अन्त्य करटी वन स्रोतके संरक्षण, सदुपयोग ओ आर्थिक लाभबीच सन्तुलन कायम करेपर्ना माग वन क्षेत्रसँग आबद्ध सरोकारवालाहुक्रे आघे सरले बटै ।

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