थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ थारु सम्बत १९ कार्तिक २६५०, बिफे ]
[ वि.सं १९ कार्तिक २०८३, बिहीबार ]
[ 05 Nov 2026, Thursday ]
‘ बाल विवाह विरुद्ध बनल कानून कार्यान्वयनके अवस्था चुनौती ओ समाधानके उपाय विषयक सम्वाद ’

बालविवाह न्यूनिकरण सक्कु पक्ष लग्लेसे केल्ह सम्भव

पहुरा | १९ कार्तिक २०८३, बिहीबार
बालविवाह न्यूनिकरण सक्कु पक्ष लग्लेसे केल्ह सम्भव

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १९ कार्तिक । बालविवाह न्यूनिकरण सक्कु पक्ष लग्लेसे केल्ह सम्भव रहल एक कार्यक्रममे बटागिल बा ।

दलित महिला अधिकार मञ्च कैलालीके किशोरी सशक्तीकरण परियोजना अन्र्तगत विफेक रोज धनगढीमे बाल विवाह विरुद्ध बनल कानून कार्यान्वयनके अवस्था चुनौती ओ समाधानके उपाय विषयक सम्वाद कार्यक्रमके सहभागीहुक्रे उ बाट बत्वाइल रहिट ।

सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार सामाजिक विकास समितिके सभापति तथा प्रदेश सभा सदस्य धर्मराज पाठक बाल विवाह न्यूनिकरण कैना कानुन केल्ह प्रयाप्त नैरहल कहटी सक्कु पक्ष लग्लेसे केल्ह सम्भव रहल बटैलै । उहाँ कहलै, बाल विवाह न्यूनिकरणके कारण संघीय कानून बनल बा, प्रदेश सरकारसे कानून बनैले बा, न्यूनिकरण करेक लाग नीति तथा कार्यक्रम ल्यान्ले बा । ओटरा किल्ह नाही स्थानीय सरकारसेफे नीति तथा कार्यक्रम ल्यान्ले बा मने बालविवाह हुइटी बा । यिहीहे न्यूनिकरण करेक लाग सक्कु पक्ष लग्लेसे केल्ह न्यूनिकरण करेसेक्जाई ।

सक्कु चिज कानून नैहो समाजफे बा, उहाँ कहलै, प्रहरी कार्यालयमे मुद्दा दर्ता हुइटीकी अपराधी ठन्ना प्रवृति बा । दर्ता हुइल घटनाके सक्कु आरोपित दोषी हुइ नैसक्ठै सकारात्मक दृष्टिसे हेर्नाफे जरुरी बा ।

राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग सुदूरपश्चिम प्रदेश कार्यालयके प्रमुख प्रकाश भट्ट बाल विवाहके घटनामे न्यूनिकरण आई नैसेकल मने उजरीफे नै परल बटैलै । बालविवाह न्यूनिकरण एक पक्षसे केल्ह न्यूनिकरण नैहुइना बल्की कानूनसंगे परिवार ओ समाजफे लग्ना जरुरी रहल बटैलै ।

सूदूरपश्चिम प्रदेश प्रहरी कार्यालयके एसपी महेन्द्र नेपाल अपराधिक घटना दर्ताके लाग प्रदेशके सक्कु जिल्ला प्रहरी कार्यालयमे महिला, बालबालिका तथा जेष्ठ नागरिक शाखा, मुद्दा फाँटके स्थापना हुइल बटैलै ।

उहाँ कहलै, कौनोफे घटनाके मुद्दा दर्ता करेआइबेर जोस्साके अइनापाछे मिलापत्र हुइल कहटी आइल ओरसे मुद्दा होस्टाइल हुइना बटैलै ।
उहाँ कहलै, यहाँ कानूनके अभाव नैहौ । मुद्दा नुकैना प्रवृति बा । अपराधिक घटना न्यूनिकरणके लाग प्रहरीसेफे प्रहरी साझेदारी कार्यक्रम संचालन करटी आइल बा । घटना हुइल बा कलेसे उहीहे जानकारी डेना सक्कु जानेक दायित्व हो ।

किशोरी संजालके प्रदेश अध्यक्ष रोशनी कोली बाल विवाह न्यूनिकरण करेक अभियान चलाईबेर साथ सहयोग पैनाके सट्टा उल्टे धामी खेपे पर्ना बाध्यता रहल बटैली । प्रहरी कार्यालयमे मुद्दा दर्ता करे जाई गोपनियता नैहुइल उहाँ बटैली । कैलाली कञ्चनपुरसेफे पहाडमे अभियान संचालन कैना झन गाह्रो रहल उहाँ बटैली ।

अभियान संचालन करेबेर मजाक के रुपमे लेहल बा, उहाँ कहली, बालविवाह न्यूनिकरण करेक लाग प्रहरी, स्थानीय तह ओ समाजसे साथ डेना आवश्यक बा ।

दलित महिला अधिकार मञ्च कैलालीके अध्यक्ष सावित्रा घिमिरे समाजमे रुढीवादी परम्परासे जर गारके बैठक कारण बालविवाह न्यूनिकरण हुइल नैसेकल बटैली । उहाँ कहली, शिक्षित परिवारमे वालविवाह तथा हिंसाके घटना बह्रल बा । कानून बा मने कार्यान्वयनके अभावसे घटनामे न्यूनिकरण हुई नैसेकल हो । मञ्चसे कैलालीके बर्दगोरिया गाउँपालिका, लम्कीचुहा नगरपालिका ओ जानकी गाउँपालिकामे विगत ७ बरससे किशोरी सशक्तीकरण परियोजना मार्फत ३ सय किशोरीहुकनहे समेटके समुह गठन करके कार्यक्रम आघे बह्राइल बटैली ।

कार्यक्रममे मञ्चके उ परियोजनाके परियोजना अधिकृत विमला कडायत मञ्चसे संचालन करटी गतिविधि ओ बालविवाह न्यूनिकरणके लाग बनल ऐन कानून ओ व्यवस्थाबारे प्रस्तुतीकरण करल रहिट । कलेसे भगवती चौधरी गतिविधि संचालन पालिकामे कैगिल अनुसन्धानके प्रतिवेदन प्रस्तुत करल रहिट ।

कार्यक्रममे सुदूरपश्चिम प्रदेश सामाजिक विकास मन्त्रालयके सामाजिक विकास महाशाखाके शान्ती पन्त, जिल्ला प्रहरी कार्यालय कैलालीके ज्ञानेन्द्र बहादुर सिंह, महिला मानव अधिकार रक्षक संजालके अम्बिका भण्डारी, ओरेक कैलालीके जिल्ला संयोजक गीता चौधरी, गैसस महासंघ कैलालीके सचिव नरेश प्रसाद ओझा, फेदाके अध्यक्ष सविना सुनार, इन्द्रादान पाली, एकता नेपालके राज चौधरीलगायत प्यानल छलफलमे आपन जिज्ञाशा तथा बालविवाह न्यूनिकरण कैसिक कैना बाट राखल रहिट । मञ्चके अध्यक्ष सावित्रा घिमिरेके अध्यक्षतामे हुइल कार्यक्रमके संचालन परियोजना अधिकृत विमला कडायत करल रहिट ।

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