थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं १८ कार्तिक २०८३, बुधबार ]
[ 04 Nov 2026, Wednesday ]

सुदूरपश्चिममे कृषि ओ पशुपन्छी बिमाके पहुँच विस्तारमे जोड

पहुरा | १८ कार्तिक २०८३, बुधबार
सुदूरपश्चिममे कृषि ओ पशुपन्छी बिमाके पहुँच विस्तारमे जोड

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १८ कार्तिक । सुदूरपश्चिम प्रदेशमे कृषि, पशुपन्छी ओ जडीबुटी बिमा कार्यक्रमहे प्रभावकारी बनैना तीनै तहके सरकार, बिमा प्राधिकरण, बिमा कम्पनी ओ ंकिसानबिच समन्वय ओ सहकार्य बह्रेकपर्नामे जोड डेहल बा ।

संयुक्त राष्ट्रसङ्घीय विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोगमे सङ्घीय कृषि, वन ओ पर्यावरण मन्त्रालयके आयोजना ओ प्रदेशके भूमि व्यवस्था, कृषि ओ सहकारी मन्त्रालयके समन्वयमे आज कैलालीके धनगढीमे आयोजित ‘कृषि, पशुपन्छी ओ जडीबुटी बिमासम्बन्धी प्रदेशस्तरीय अभिमुखीकरण’ कार्यक्रममे सहभागी असिन जोड डेहल हो ।

कृषि क्षेत्रमे प्राकृतिक विपद्, रोग ओ अन्य जोखिमके कारण किसानसे ठूलो आर्थिक क्षति बेहोरेकपर्ना अवस्था रहलसे बिमाके पहुँच विस्तार ओ कार्यान्वयन प्रभावकारी बनैकपर्ना उहाँहुकनके कहाइ रहे । बिमा प्रिमियमके ८० प्रतिशत सङ्घीय सरकार ओ २० प्रतिशत प्रदेश सरकारसे बेहोर्ना व्यवस्था हुइटसमेत सुदूरपश्चिममे किसानके आकर्षण नैबह्रल कहटी वक्ताहुकनसे बिमाके महत्व ओ आवश्यकताबारे गाउँगाउँमे सचेतना फैलाइकपर्ना बटैल रहे ।

सुदूरपश्चिम प्रदेश नीति ओ योजना आयोगके उपाध्यक्ष गोकर्णप्रकाश भट्टसे प्रदेशके भारी भूभाग हिमाली क्षेत्रमे पर्ना हुइल जोन बेला भोटेकोशी ओ बूढीगण्डकीमे जस्ते विपद् आइसेक्ना बटैलै । उहाँसे जोखिमके नक्साङ्कन करके उहे अनुसार बिमा करेकपर्नामे जोड डेहटी किसानहे उत्प्रेरित कैना वडा तहसम सचेतना कार्यक्रम विस्तार ओ प्रविधिके अधिकतम उपयोग कैना आग्रह करलै ।

कृषि, वन ओ पर्यावरण मन्त्रालयके योजना ओ विकास सहायता समन्वय महाशाखा प्रमुख सहसचिव डा. हरिबहादुर केसीसे ‘कृषि, पशुपन्छी ओ जडीबुटी बिमाके प्रिमियममे अनुदान उपलब्ध करल कार्यविधि, २०८३’ अनुसार गत भदौसे इ सम्बन्धी सम्पूर्ण अधिकार प्रदेशमे हस्तान्तरण हुइल उहे अनुसार काम कैना प्रदेश सरकारहे आग्रह करलै ।

अधिकार कार्यान्वयनके क्रममे डेखल समस्या समाधान कैना सङ्घीय सरकार तयार रहलके उल्लेख करटी उहाँसे बिमा कार्यक्रमके प्रभावकारिता बह्रल सब पक्षके सहकार्य आवश्यक रहल बटैलै । प्रदेशके कृषि मन्त्रालयके निमित्त सचिव श्यामसिंह खड्कासे कृषि बिमाहे कल्याणकारी अवधारणाके रूपमे बुझेकपर्ना बटैटी प्रदेश सरकारसे उहे आधारमे प्रिमियममे २० प्रतिशत साझेदारी करटी आइलके जानकारी डलै ।

उहाँसे विगतमे डेखलके समस्या ओ चुनौतीके आधारमे समाधानके उपाय खोजेकपर्ना उल्लेख करटी ओकर लग सक्कु पक्षसँगे सहकार्य कैना मन्त्रालय तयार रहलके बटैलै । अभिमुखीकरणमे सहभागी किसान ओ अन्य सरोकारवालासे बिमा कार्यक्रमके नियमित अनुगमन ओ मूल्याङ्कन, बिमा दाबी भुक्तानीमे सहजीकरण, बिमासम्बन्धी सचेतना अभिवृद्धि, दुर्गम क्षेत्रके समस्या सम्बोधन कैना फरक नीति अवलम्बन ओ बिमा अभिकर्ताके कमिसन वृद्धि करेकपर्ना सुझाव डेहल रहे ।

बिमा कार्यक्रमहे कागजमे सीमित नैराखी वास्तविक किसानके जोखिम न्यूनीकरण ओ आर्थिक सुरक्षासँगे जोरेकपर्ना ओ सुदूरपश्चिमके दार्चुला, बैतडीलगायत बिमाके पहुँच कम हुइलके क्षेत्रमे लक्षित गतिविधि सञ्चालन करेकपर्नामे सहभागीसे जोड डेहल रहे । कार्यक्रममे कृषि, पशुपन्छी ओ जडीबुटी बिमा कार्यक्रम, कार्यविधिमे करलके व्यवस्था, हालसमके अवस्था ओ सरोकारवालाके भूमिकालगायत विषयमे विज्ञहुकनसे प्रस्तुतीकरण करल रहे ।

अभिमुखीकरणमे सङ्घीय ओ प्रदेश मन्त्रालय ओ मातहतके निकाय, नेपाल बिमा प्राधिकरण, यूएनडीपी लगायत संस्थाके प्रमुख ओ प्रतिनिधिके सहभागिता रहे ।

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