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शुक्लाफाँटासे उडान, हिमाचलमे प्रजनन

पहुरा | २१ कार्तिक २०८३, शनिबार
शुक्लाफाँटासे उडान, हिमाचलमे प्रजनन

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २१ कार्तिक । नेपालमे स्याटेलाइट जडान करल दुर्लभ डङ्गर गिद्ध अन्तर्राष्ट्रिय सिमाना पार करके भारतके हिमाचल प्रदेशमे बच्चा कोरल्नमे व्यस्त रहल फेला परल बा ।

सुदूरपश्चिम प्रदेशके शुक्लाफाँटा राष्ट्रिय निकुञ्जसे करिब छ सय किलोमिटर टाढा उडान भरके हिमाचल प्रदेश पुगलके डङ्गर गिद्धसे अन्तर्राष्ट्रिय सिमाना पार करके ओस्टेक पहिल चो प्रजननमे व्यस्त हुइल देखलके पुष्टि हुइल हो । २०२६ मार्च १६ मे शुक्लाफाँटामे उ गिद्धहे स्याटेलाइट ट्याग करल रहे । ३७६७७१ जिपिएस नम्बर रहलके दुर्लभ डङ्गर गिद्ध स्याटेलाइट ट्याग करल एक हप्ता शुक्लाफाँटासहित आसपासमे बैठके अन्तर्राष्ट्रिय सीमा पार करल रहे ।

नेपालमे चराके क्षेत्रमे काम करटी आइलके नेपाल पन्छी संरक्षण सङ्घ (बिसिएन) के अनुसार अन्तर्राष्ट्रिय सिमाना पार करके हिमाचल प्रदेशओर गिलके गिद्धहे भारतीय अनुसन्धानकर्ता माल्याश्री भट्टाचार्य गुँड बनाइटीरहलके अवस्थामे फेला पारटी रहल बा । इन्टरनेसनल युनियन फर कन्जरभेसन अफ नेचर (आइयुसिएन) एसएससी भल्चर स्पेसियलिस्ट ग्रुपके सदस्यसमेत रहलके भट्टचार्यसे नोभेम्बर ४ मे हिमाचल प्रदेशके पोङ्ग एरियामे उ गिद्धहे फेला पारेकहुइल हो । सल्लाके रुख्वामे गुँडमे बैठलके अवस्थामे भट्टाचार्यसे उ गिद्धके तस्बिरसमेत कैद करल बा ।

जोडीके खोजीमे गिद्ध डुर डुर सम भौँतारटी करल जनैल बा । उहे सिलसिलामे इ गिद्ध लम्बा दुरीके उडान तय करके हिमाचल प्रदेश पुगलके बिसिएनके फिल्ड अफिसर एवं चराविद् हिरूलाल डङ्गौराके कहाइ बा । उहाँसे शुक्लाफाँटामे स्याटेलाइट ट्याग करल गिद्ध शुक्लाफाँटासे उत्तराखण्डके जिम कर्बेट नेसनलपार्क, देहरादुन हुइटी हिमाचल प्रदेश पुगलके उल्लेख करल बटै ।

बिसिएनके अनुसार एकरआघे नेपालमे स्याटेलाइट ट्याग करलके गिद्ध पाकिस्तानके सिमानासम पुगलके उदाहरण बा । ओस्टेक अन्तर्राष्ट्रिय सिमाना पार करके ब्रिडिङमे सक्रिय हुइल भर इ पहिल घटना हो । अपन जोडी खोज्न अद्भुत तरिकासे लम्बा यात्रा तय करल डङ्गुर गिद्ध अब्बेके छ महिनासम ब्रिडिङमे व्यस्त रहल बिसिएनके गिद्ध संरक्षण कार्यक्रमके प्रबन्धक अङ्कितविलाश जोशी बटैले बटै ।

उहाँ कहलै, “स्याटेलाइट ट्याग करल गिद्ध गत मार्चमे भारतओर गिल रहे । उ गिद्धके बारेमे हमे्र माल्याश्री भट्टाचार्यहे जानकारी करल रहे । उहाँसे नेपालसे गिलके गिद्ध पहिल चो कोटका बनैल फेला पारल बा । नोभेम्बरसे मार्चसम ब्रिडिङ पिरियड हो ।”

जोशीके अनुसार हिमाचल प्रदेशमेफे गिद्धके भारी ‘कोलोनी’ बा  । नेपालसे गिलके गिद्ध ओकरमे मिसाइल बा । गिद्ध आहाराके खोजीमे किल एक दिनमे एक सयसे दुई सय किलोमिटरसम उडान भरेसेक्ना करल हिमाचल प्रदेश पुगल इ गिद्ध ब्रिडिङपाछे शुक्लाफाँटा लौटना फे सेक्ना उहाँके कहाइ बा ।

आघे वर्ष नवलपुरके कावासोतीसे करिब छ हजार किलोमिटर नेपाल–भारत वारपार करटी स्याटेलाइटजडित डङ्गर गिद्ध कैलाली पुगल रहे ।

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