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भ्रष्टाचार न्यूनीकरणके लाग संस्थागत सुदृढीकरण अनिवार्य

पहुरा | २५ कार्तिक २०८२, मंगलवार

पहुरा समाचारदाता
डोटी, २५ कार्तिक ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशके मुख्यमन्त्री कमलबहादुर शाह भ्रष्टाचार न्यूनीकरणके लाग संस्थागत सुदृढीकरण अनिवार्य रहल बटैले बटै ।

मंगरके रोज डोटीमे आयोजित जिल्लाके पालिका प्रमुख, संघ, प्रदेश ओ स्थानीय तहके कार्यालय प्रमुख तथा सुरक्षा निकायके प्रतिनिधिसंगके छलफल तथा अन्तरक्रिया कार्यक्रममे मुख्यमन्त्री शाह उ बाट बटाइल हुइट ।

पुरान दलसे राजदूत ओ आयोगके सदस्यसहितके संवैधानिक नियुक्तिमे राजनीतिक हस्तक्षेप करल आरोप लग्टी रहल बेला अब्बेक सरकारसेफे उहे बाट दोहरैटी रहल टिप्पणी करटी उहाँ ऊर्जामन्त्री कुलमान घिसिङहे लक्षित करलै ।

उहाँ कहलै, “नेपाल विद्युत प्राधिकरणके कार्यकारी निर्देशक हितेन्द्र शाक्यहे हटाके मनोज सिलवालहे नियुक्त कैना निर्णयसे राजनीतिक भागबण्डा दोहराइल पुष्टि हुइल बा ।” स्मरण रहे, केपी शर्मा ओली नेतृत्वके सरकारसे कुलमान घिसिङहे प्राधिकरणसे हटाके हितेन्द्र शाक्यहे नियुक्त करल रहे कलेसे अब्बे कुलमान ऊर्जामन्त्री बनलसंगे मन्त्रीपरिषद्से शाक्यहे हटाइल हो ।

मुख्यमन्त्री शाह खुला प्रतिस्पर्धासे योग्य ओ क्षमतावान व्यक्तिहे केल्ह नियुक्ति करे सेक्लेसे भ्रष्टाचार नियन्त्रण सम्भव हुइना बटैटी उ दिशामे सक्कु तहके नेतृत्वसे प्रतिबद्ध हुईपर्नामे जोड डेलै । उहाँ थप करलै, “सरकार ओ संविधान बा कहटी सन्देश डना मै प्रदेशके टमान जिल्लामे पुगल बटु । जेन्जी आन्दोलन अकल्पनीय रहे, आब हम्रे सक्कु जाने आ–आपन ठाउँसे सच्चे पर्ना जरुरी बा ।”

मुख्यमन्त्री शाहके अनुसार राजनीतिक ओ प्रशासनिक नेतृत्वबीचके समन्वय ओ हातेमालोसे केल्ह पारदर्शिता, सुशासन ओ विकास सम्भव हुई ।

अपने वाचा करलअनुसार प्रदेश सरकारसे प्रदेश निजामती सेवा ऐन एक वर्षभिटर जारी करल ओ ओकरपाछे स्थानीय सेवा सञ्चालनसम्बन्धी ऐनफे ल्यानल उल्लेख करटी उहाँ भ्रष्टाचार नियन्त्रण ओ सुशासन कायम कैना अपन प्रमुख नीति रहल बटैलै ।

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