थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं २९ फाल्गुन २०८२, शुक्रबार ]
[ 13 Mar 2026, Friday ]

बलात्कारके घटनाप्रति ओरेक नेपालके ध्यानाकर्षण

पहुरा | २९ फाल्गुन २०८२, शुक्रबार
बलात्कारके घटनाप्रति ओरेक नेपालके ध्यानाकर्षण

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २९ फागुन ।
बलात्कारके घटना बह्रटी गैल कहटी महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक) नेपालके गम्भीर ध्यानाकर्षण हुइल जनैले बा ।

ओरेक नेपालके सुदूरपश्चिम प्रदेश संयोजक सपना थापा सार्वजनिक विज्ञप्ती जारी करटी बलात्कारके घटना बह्रल कहटी गम्भीर ध्यानाकर्षण हुइल जनैली ।

कञ्चनपुर जिल्ला, भीमदत्त नगरपालिका–१० स्थित बैजनाथ सामुदायिक वनमे १२ वर्षीया बालिकाउप्पर फागुन २७ गते सामुहिक बलात्कार करल जघन्य घटनाप्रति गहिर दुःख ओ आक्रोश व्यक्त कैगिल बा । १२ वर्षीया बालिकाउप्परके सामुहिक बलात्कारके घटनाप्रति गम्भीर ध्यानाकर्षण देशभर महिला तथा बालिकामे बह्रटी बलात्कार ओ हत्याके घटनासे हमार समाजके सुरक्षा संरचना ओ न्याय प्रणाली उप्पर गम्भीर प्रश्न उठाइल उहाँ कहली ।

यी घटनापूर्व, भर्खर फागुन २३ गते सुर्खेत जिल्लाके बीरेन्द्रनगरमे १६ वर्षीया किशोरी इनिसा वि.क. उप्पर सामुहिक बलात्कार करके हत्या करल घटना, गैल वर्षके फागुन शालीन पोखरेलके शंकास्पद हत्या, निर्मला पन्त, एलिशा तामाङ, सम्झना कामी, भागीरथी भट्टलगायतके बलात्कारपाछे हत्या हुइल घटनासे महिला ओ बालिकाके सुरक्षित जीवन जिए पैना अधिकार कुण्ठित करल बा ।

राज्यसे नागरिकके सुरक्षा ओ न्याय सुनिश्चित कैना अपन जिम्मेवारी निर्वाह कैना असफल हुइल तित यथार्थहे उजागर करले बा । नेपाल प्रहरीके तथ्याङ्क अनुसार, प्रत्येक दिन करिब सात जाने महिला ओ बालबालिका बलात्कारके शिकार हुइना करल बटै । विगत पाँच वर्षमे ८ हजारसे ढेर बलात्कार ओ ३१ हजारसे ढेर बलात्कार प्रयास हुइल तथ्याकं डेखैले बा । यी तथ्याङ्कसे न्याय प्रणाली ओ सुरक्षा निकायहुकने कमजोरी केल्ह नाही, राज्यको निष्क्रियता ओ अपराधीहे संरक्षण कैना दण्डहीनताके प्रवृत्तिहे छर्लङ्ग परल कहल बा ।

पीडित तथा प्रभावितके परिवार ओ समाजमे न्यायप्रतिके विश्वासहे थप कमजोर बनाइल बा । यी घटना केवल एक ठो व्यक्तिउप्पर करल अपराधकेल्ह नैहुके हमार समाजमे जरा गारके बैठल पितृसत्तात्मक सोच ओ महिलाके अस्तित्वउप्पर निकृष्ट प्रहार हो ।

यी घटनाके निष्पक्ष छानबिन करके अपराधमे संलग्न दोषीहे कौनोफे मेरिक राजनीतिक, प्रशासनिक वा सामाजिक संरक्षण नैकरके मुलुकी अपराध संहितामे व्यवस्था हुइल अनुसार हदैसमके कानुनी कारबाहीके लाग माग करल बा ।

बलात्कार तथा हत्या जैसिन जघन्य अपराधमे संलग्न व्यक्तिहे कौनोफे बहानामे उन्मुक्ति डेहे नहुइना, पीडित परिवारके सुरक्षा सुनिश्चित कैना माग करल बा ।
न्यायमे सहज ओ सम्मानजनक पहुँच उपलब्ध करैना तथा आवश्यक मनोसामाजिक सहयोग उपलब्ध करैना दायित्व तत्काल निर्वाह कैना सम्बन्धित निकायहे अनुरोधफे करल बा । महिला तथा बालिकाके जीवन, सुरक्षा ओ गरिमा उप्पर निरन्तर हुइटी रहल यैसिन जघन्य अपराधप्रति राज्यसे तुरुन्ते गम्भीर ओ प्रभावकारी कदम चाले पर्ना कहटी ध्यानाकर्षण करागिल बा ।

पीडितहे न्याय ओ पीडक जे कोई हुइलेसे अनुसन्धान करके कार्वाही प्रक्रिया आघे नैबह्रलेसे न्याय तथा उत्तरदायित्व सुनिश्चित करैना मानव अधिकारकर्मी, नागरिक समाज ओ सरोकारवाला पक्ष संगठित रूपमे आवाज उठैना ओ सडकमे उत्रना बाध्य हुइना विज्ञप्तीमे कहल बा ।

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