दलित समुदायके मुद्दा उठैना आग्रह
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ११ चैत । दलित समुदायके मुद्दा उठैना संचारकर्मीहे आग्रह कैगिल बा ।
दलित महिला संघ (फेडो) कैलालीके आयोजनामे बुधके रोज धनगढीमे हुइल लैंगिक तथा सामाजिक न्याय ओ विकास प्रक्रियामे दलित महिलाके पहुँच अभिवृद्धिके लाग सञ्चार क्षेत्रके भुमिका विषयक अन्तरक्रिया कार्यक्रममे उ आग्रह कैगिल हो ।
दलित महिला संघ कैलालीके अध्यक्ष सबिना सुनारके अध्यक्षतामे कार्यक्रममे संघके केन्द्रीय सदस्य तथा प्रदेश अध्यक्ष अम्बिका ताम्रकार संचारकर्मीनहे दलित समुदायके मुद्दामे कलम चलाडेना आग्रह करली ।

उहाँ कहली, सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारसे २०७८ सालमे दलित शसक्तीकरण ऐन ल्यानल मने अभिनसम कार्यान्वयन नैहुइल हो । उ ऐन कार्यान्यन हुइलेसे दलित समुदायके हकअधिकार सुनिश्चित हुइठ । लैंगिक तथा सामाजिक न्याय ओ विकास प्रक्रियामे दलित महिलाके पहुँच अभिवृद्धि हुइल नैसेकल उहाँ बटैली ।
फेडो कैलालीके कार्यक्रम सयोजक बिनोद घिमिरे कार्यक्रमके उदेश्यबारे जानकारी डेहल रहिट । दलित समुदायके महिला उप्पर हिंसा हुइटी रहल कहटी सरकारहे जवाफदेही बनाइक लाग लैंगिक तथा सामाजिक न्याय ओ विकास प्रक्रियामे दलित महिलाके पहुँच अभिवृद्धिके लाग कार्यक्रम करल उहाँ जनैलै ।

कार्यक्रममे पत्रकार कर्ण शाह पत्रकारके भुमिकाबारे प्रस्तुतीकरण करल रहिट । उहाँ दलित महिला संघ (फेडो) से २०८१ मे करल अध्ययन अनुसार नेपाल प्रहरीके विवरणमे हिंसा पीडित दलित महिलाके कुल सख्या ११ दशमलव ५४ प्रतिशत रहल जनैलै । हिंसा पीडित दलित बालिकाके संख्या १९ दशमलव ४४ प्रतिशत बा ।
राष्ट्रिय महिला आयोगमे अभिलेख हुइल घटनामध्ये ११ दशमलव ३४ प्रतिशत दलित महिलासँग सम्बन्धित बटै ।
ओरेक नेपालके अभिलेखअनुसार हिंसापीडित महिलामे दलित महिलाके सख्या २७ प्रतिशत बा ।
इन्सेकके अभिलेखमेफे दुसरा ढेर हिंसामे पर्ना महिलामे दलित बटै । जेम्ने दलित महिला २२ दशमलव ५८ प्रतिशत बटै । उल्लिखित तथ्याङ्क पीडकके ओरसे उजुरी आइल केल्ह हुइट । थप हिंसाके डर ओ न्यायिक प्रक्रियामे कमजोर उपस्थितिके कारणफे दलित महिलासँग जोडल डेरजैसिन हिंसा घटना गुपचुप रना करल अधिकारकर्मीके दाबी बा ।
कार्यक्रममे पत्रकार महासंघ प्रदेश महासचिव शिवराज भट्ट, कैलाली अध्यक्ष श्रवण देउवालगायत मन्तव्य राखल रहिट ।