थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ थारु सम्बत ३० बैशाख २६५०, बुध ]
[ वि.सं ३० बैशाख २०८३, बुधबार ]
[ 13 May 2026, Wednesday ]

सुदूरपश्चिम प्रदेश पुनःस्थापना केन्द्र उदघाटन

पहुरा | ३० बैशाख २०८३, बुधबार
सुदूरपश्चिम प्रदेश पुनःस्थापना केन्द्र उदघाटन

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ३० बैशाख ।
कैलाली जिल्लाके धनगढी उपमहानरपालिका–७ देवहरियामे सुदूरपश्चिम प्रदेश पुनःस्थापना केन्द्र संचालनमे आइल बा ।

धनगढी उपमहानगरपालिका ओ विकलाङ्ग मित्र समूह÷अपाङ्ग बाल अस्पताल तथा पुनस्र्थापना केन्द्र (एचआरडीसि) बनेपा, काभ्रेपलाञ्चोकके साझेदारीमे वडा नं. ७ देवरियामे सुरु हुइल सुदूरपश्चिम प्रदेश पुनःस्थापना केन्द्रके बुधके रोज एक कार्यक्रमके विच उदघाटन कैगिल हो ।

धनगढी उपहानगरपालिका वडा नम्बर ७ के वडा अध्यक्ष मोती रानाथारुके अध्यक्षतामे हुइल पुनस्र्थापना केन्द्र उदघाटन कार्यक्रममे धनगढी उपहानगरपालिकाके नगर प्रमुख गोपाल हमाल, उप–प्रमुख कन्दकला कुमारी राना, विकलाङ्ग मित्र समूह÷अपाङ्ग बाल अस्पताल तथा पुनस्र्थापना केन्द्र (एचआरडीसि) के प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत, उ अस्पतालके डाक्टरहुक्रे, बोर्डके पदाधिकारी तथा सदस्यहुक्रे ओ धनगढी उपमहानगरपालिकाके वडा अध्यक्षुक्रे, प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत तथा टमान विषयगत शाखाके प्रमुखहुकनके सहभागिता रहे ।

गरीबीके रेखाटरे रहल तथा उपचार सेवाके पहुँचसे विमुख अपाङ्गता हुइल बालबालिकाहुकनहे प्राथमिकताके साथ उपचार तथा पुनस्र्थापन सेवा पुगैना उद्देश्यसे वि.सं.२०४२ साल भदौसे संचालनमे आइल यी उपचार तथा पुनस्र्थापन कार्यक्रम वि.सं २०४८ (सन् १९९२) से विकलाङ्ग मित्र समुह (गैर सरकारी संस्था) पूर्ण जिम्मेवारी बहन करके अपाङ्ग बाल अस्पताल तथा पुनस्र्थापना केन्द्र मार्फत उपचार तथा पुनस्र्थापन कार्यक्रम संचालन करटी आइल विकलाङ्ग मित्र समूह÷अपाङ्ग बाल अस्पताल तथा पुनस्र्थापना केन्द्रके प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत प्रकाश यादव बटैलै ।

उहाँ कहलै, विकलाङ्ग मित्र समूह÷अपाङ्ग बाल अस्पताल तथा पुनस्र्थापना केन्द्र बाल अपाङ्गता व्यवस्थापनमे क्रियाशील मुनाफारहित, गैर राजनीतिक, गैर धार्मिक, जातीय भेदभाव रहिटके संस्था हो । नेपाल सरकार, स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालयसे एक सय शैया (१०० बेड) के स्वीकृत प्राप्त विशिष्ट मेरिक टिसरा तहके प्रेषण केन्दके रुपमे संचालित अस्पताल हो । ओकर शाखाके रुपमे धनगढीमे स्थापना करल हुई ।

यी संस्थाके सेवासे २०८२ पुस मसान्तसम १ लाख ३१ हजार ८०५ (बालिका जेम्ने ५२ सय जाने शारीरिक अपाङ्गता हुइल बालबालिका तथा ओइनके अभिभावक लाभान्वित हुइल बटै ।

शारीरिक अपाङ्गताके कारण सहभागिता ओ सेवाके पहुँचमे कमी हुइल बालबालिकाहे उच्चकोटीक समग्र उपचार तथा पुनस्र्थापन सेवा प्रदान कैना उद्देश्य रहल उहाँ जनैलै । केन्द्रमे शारीरिक अपाङ्गता हुइल बालबालिकाके अविलम्ब पहिचान कैना, शारीरिक अपाङ्गता हुइल बालबालिकाके उपचार योजना तयार ओ चिकित्सकीय सेवा प्रदान कैना उहाँ बटैलै ।

ओस्टे पुनस्र्थापनके योजना तयार कैना, फिजियोथेरापी, अर्थोपेडिक सहायक सामग्री, कृत्रिमअङ्ग अन्य सहायक सामग्री नापजाँच निर्माण ओ वितरण सेवासे पुनस्र्थापना कैना उहाँ बटैलै ।

सेवाहे विकेन्द्रीकृत करके पहुँचहे समुदायस्तरमे पुगैना तथा समुदायके पुनस्र्थापन लागत घटैना उद्देश्यसे टमान ठाउँमे केन्द्र स्थापना कैटी रहल बटैलै ।

कार्यक्रममे धनगढी उपमहानगरपालिकाके नगर उपप्रमुख कन्दकलाकुमारी राना, विकलाङ्ग मित्र समूह÷अपाङ्ग बाल अस्पताल तथा पुनस्र्थापना केन्द्रके बोर्ड सदस्य सरिता देवी खनाललगायतसे मन्तव्य राखल रहिट ।

विकलाङ्ग मित्र समूह÷अपाङ्ग बाल अस्पताल तथा पुनस्र्थापना केन्द्रसे सुदूरपश्चिम प्रदेश पुनस्र्थापना केन्द्रमे बुधके रोज शारिरीक अपाङता परिक्षण घुम्टी शिविर संचालन कैगिल बा ।

१८ वर्षसमके शारीरिक अपाङ्गता हुइल बालबालिकाके लाग शारीरिक अपाङ्गता परीक्षण घुम्ती शिविरमे जन्मजात गोरके पौला भिटर फरकल, आगीसे डहके अङ्ग एक आपसमे जोँटल, टुटके बाङ्ग हुइल वा हड्डी नैजोरल गोर तुली ओ कमजोर हुइल, ढाड बाड़ी या कृपो हुइल, जोर्नी ओ घुँडाके पाँडो खुस्कल, जोर्नी बठैना ओ सुवैना समस्या रहल, हड्डी पाक्के पिप अइटी रहना ओ हड्डीके टि.वि. रोग लागल, अंगरी एक–आपसमे टाँसल वा ढेर हुइल, शरिरके टमान जोर्नी बाङ्ग वा खुस्कल, अन्य हाडजोर्नी सम्बन्धी समस्या रहल, सहायक सामग्री तथा कृत्रिम अङ्गके आवश्यकता, जन्मटी ओठ तथा तालु फाटलके उपचार कैगिल बा ।

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