कृषि बन्धुवा मजदुरके पुनःस्थापनामे राज्य उदासीन
नीतिगत संवादमे सरकारउप्पर दबाब
पहुरा समाचारदाता
काठमाण्डौ, ६ जेठ । राज्यके इच्छाशक्तिके अभावके कारण नेपालमे रहल कृषि बन्धुवा मजदुर समुदायः मुक्त कमैया, हलिया, कमलरी ओ हरवाचरवाके न्यायोचित पुनःस्थापना अभिन प्रभावकारी रूपमे हुई नैसेकल निष्कर्ष निकारल बा ।
राष्ट्रिय कृषि बन्धुवा मजदुर संयुक्त संघर्ष समितिसे काठमाडौंमे आयोजना करल “मुक्त हरवाचरवा, हलिया, कमैया ओ कमलरीके पहिचान, व्यवस्थित पुनःस्थापना हमार सरोकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगारी ओ सामाजिक सुरक्षा हमार अधिकार” विषयक नीतिगत संवाद कार्यक्रममे सहभागीहुक्रे यैसिन धारणा व्यक्त करल हुइट ।
कार्यक्रममे वक्ताहुक्रे नेपाल सरकारसे वि.सं. २०५७ मे कमैया, २०६५ मे हलिया, २०७० मे कमलरी तथा २०७९ साउन २ गते हरवाचरवाके मुक्ति घोषणा करलेसेफे ओइनके प्रभावकारी पुनःस्थापना अभिन अधुरे रहल बटैले रहिट । विशेष करके हरवाचरवा समुदायके सन्दर्भमे मुक्ति घोषणा हुइल करिब तीन वर्ष बिटसेक्लेसेफे व्यवस्थित तथ्यांक संकलन, प्रमाणीकरण तथा पुनःस्थापना कार्यक्रम प्रभावकारी रूपमे आघे बह्रे नैसेकल ओइनके कहाई रहे ।
संघर्ष समितिके अनुसार हालसम ३२ हजार ५०९ मुक्त कमैया तथा १४ हजार २४२ मुक्त हलिया परिवारसे परिचयपत्र प्राप्त करले बटै । उ मध्ये २५ हजार १९५ मुक्त कमैया परिवार ओ १३ हजार ५४६ मुक्त हलिया परिवारसे पुनःस्थापना प्याकेज पैले बटै । मने १ हजार १०४ हलिया परिवारसे पुनःस्थापना कार्यक्रमके अन्तिम किस्ता रकम पाई सेकल नैहुइट कलेसे १ हजार १३५ हलिया परिवार अभिन पुनःस्थापनाके पर्खाइमे रहल बटै । ओस्टे, देशभर १२ हजार ९७० मुक्त कमलरी पहिचान हुइलेसेफे हजारौं परिवार अभिन पहिचान, प्रमाणीकरण ओ पुनःस्थापनासे वञ्चित रहल जनाइल बा ।
कार्यक्रममे प्रतिनिधिसभा सदस्य सुरेन्द्र चौधरी मुक्त हलिया, कमैया, कमलरी ओ हरवाचरवाके न्यायोचित पुनःस्थापनाके लाग सरकारसे स्पष्ट ‘कटअफ डेट’ निर्धारण करके कार्यान्वयन करेपर्नामे जोड डेलै । उहाँ राज्यके संरचनात्मक रूपान्तरणके लाग नीति निर्माताहुक्रे संवेदनशील बन्न आवश्यक रहल बटैलै ।
प्रतिनिधिसभा सदस्य ठाकुर सिंह थारु कृषि बन्धुवा मजदुरके सवाल मानवअधिकारसँग जोरल विषय रहल ओरसे राज्यसे यकर सम्मान, संरक्षण ओ परिपूर्ति करेपर्ना धारणा रख्लै ।
प्रतिनिधिसभा सदस्य गणेशबहादुर विश्वकर्मा वि.सं. २०७८ मे भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरिबी निवारण मन्त्रालयसे गठित “मुक्त कमैया, हलिया, कमलरी तथा हरवाचरवा वस्तुस्थिति अध्ययन समिति” के सिफारिस कार्यान्वयनओर सरकार गम्भीर रूपमे आघे बह्रे नैसेकल बाटमे जोड डेलै । कार्यक्रममे प्रतिनिधिसभा सदस्य जगतप्रसाद जोशी, सुरेश चौधरी, श्रीधर पोखरेल ओ हरिमोहन भण्डारीसेफे मुक्त कमैया, हलिया, कमलरी तथा हरवाचरवाके पुनःस्थापनाके सवालमे अपनेहुक्रे प्रतिबद्ध रहल बटैले रहिट ।
द फ्रिडम फण्डके वालाराम भट्टराई अवधारणापत्र प्रस्तुत करटी मुक्त समुदायके पुनःस्थापनाके लाग पर्याप्त बजेट, स्पष्ट कार्यविधि ओ तीन तहके सरकारबीच प्रभावकारी समन्वय आवश्यक रहल बटैलै ।
कार्यक्रममे राष्ट्रिय मुक्त हलिया समाज महासंघके पूर्व अध्यक्ष राजुराम भुल, मुक्त कमैया समाजके महासचिव हरीचन्द्र चौधरी, मुक्त कमलरी विकास मञ्चके अध्यक्ष सुमिता चौधरी तथा मुक्त हरवाचरवा अधिकार मञ्चके केन्द्रीय सदस्य श्यामसुन्दर सदा समुदायसे भोग्टी रहल समस्या ओ पुनःस्थापनाके आवश्यकताबारे धारणा रख्लै ।
राष्ट्रिय कृषि बन्धुवा मजदुर संयुक्त संघर्ष समितिके अध्यक्ष दशनलाल मण्डलके अध्यक्षतामे सम्पन्न कार्यक्रममे कमैया महिला जागरण समाजके अध्यक्ष कृष्णी थारु स्वागत मन्तव्य राखल रहिट कलेसे कार्यक्रम सञ्चालन मुक्त कमैया समाजके कार्यक्रम संयोजक चन्द्रप्रसाद चौधरी करल रहिट । राष्ट्रिय दलित नेटवर्क, नेपालके उपाध्यक्ष श्याम सुनार धन्यवाद ज्ञापन करल रहिट ।
