एकल महिलाहे आर्थिक रुपमे सशक्त बनैना आवश्यकः राज्यमन्त्री खडका
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ८ जेठ । सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके सामाजिक विकास राज्यमन्त्री सरस्वती खडका एकल महिलाहुकनहे आर्थिक रुपमे शसक्त बनाई सेक्लेसे केल्ह हिंसा न्युनिकरण करेसेक्ना बटैले बटी ।
मानव अधिकारका महिला एकल महिला समुह सुदूरपश्चिम प्रदेशके आयोजना तथा कुर्वे विष्ट्रोके सहयोगमे नेपालमे समावेशी समुदायके लाग शान्तिपूर्ण सशक्तीकरण सम्बन्धी शुकके रोजसे धनगढीमे हुइटी रहल दुई दिने प्रदेश स्तरीय कार्यशाला गोष्ठीके उदघाटन कार्यक्रममे उहाँ उ बाट बत्वाइल रहिट । एकल महिलाहुकनहे अब्बे ढेर संघर्ष करेपर्ना अवस्था बा, उहाँ कहली, ‘एकल महिलाहुकनहे आर्थिक रुपमे सशक्त बनाई सेक्लेसे केल्ह ओइन उप्पर हुइना हिंसा न्यूनिकरण करेसेक्जाई ।
अपने प्रदेशसभा सदस्य हुइल थेनसे राज्यमन्त्री हुइटसम प्रदेशके नौ जिल्लाके महिलाहुकनके मुद्दा उठाइल उहाँ बटैली । प्रदेशमे एकल महिला केल्ह नाही सक्कु महिलाके पीडा ओस्टे रहल बटैली ।
सामाजिक विकास समितिके सभापति धर्मराज पाठक महिलाहुकनके समान कामके समान ज्याला अनिवार्य करेपर्ना बटैलै । अभिनफे पुरुषप्रधान, समान्तवादी जरा गारल कहटी उहीहे हटैना जरुरी रहल बटैलै । सुदूरपश्चिम प्रदेशमे बालविवाह व्यापक रहल, महिला सम्मानके कमी रहलफे उहाँ बटैलै ।
प्रदेशसभा सदस्य खेमा विष्ट बजेट विनियोजन करेबेर जातीयसेफे वर्गके समस्याहे हेरके वियोजन करेपर्नामे जोर डेली । एकल महिलाके अलग पीडा रहल कहटी उहाँहुकनके छावा छाई पह्राईसे बञ्चित हुइल बटैली ।

सुदूरपश्चिम प्रदेशके नीति तथा योजना आयोगके सदस्य नृपबहादुर सुनार महिलाहुकनहे सम्मान पहुँच ओ क्षमताके आधारमे अवसर प्रदान कैना जरुरी रहल बटैलै । नेपालीहुँक्रे कृषि क्षेत्रमे ढेर निर्भर रहल मने उत्पादन घटटी गैल उहाँ बटैलै । उहाँ सक्कु क्षेत्र वर्गहे समेटके योजना बनाइल बटैलै ।
राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग सुदूरपश्चिम प्रदेश प्रमुख मानबहादुर कार्की नेपालके कानूनमे महिलालगायतके सम्मानपूर्वक बाँचे पैना अधिकार सुनिश्चित करल मने कार्यान्वयन ओ व्यवहारमे लागु नैहुइल बटैलै ।
बर्तमान सरकार आइलपाछे बागमति क्षेत्रके सुकुम्बासीके लाग सरकार सबसे भारी दुश्मनके रुपमे बन्के आइल बटैलै । राज्यके दायित्व टरेक वर्गहे उप्पर उठैना हो, राज्य अधिकारमु्खी हुई पर्ना हो । एकल महिलाके समस्या सक्कु जानेक समस्या रहल उहाँ बटैलै । आत्मसम्मान पूर्वक बाँचे पैना सबसे भारी हो, चिल्ला डगर बा, भारी भारी भवन बा, मने कोई स्वतन्त्र रुपमे बाँचे नैपाइल कलेसे ओरसे लाग छोट झोपरी ओकर लाग महत्व हो, उहाँ कहलै ।

फाया नेपालके अध्यक्ष गोमा आचार्य महिला उप्पर अभिन सामाजिक विभेद जारी रहल बटैली । केन्द्रमे एकल महिला सुरक्षा कोषके लाग ८ करोड रुप्या रहल मने प्रत्येक स्थानीय तहमे कोषा स्थापना हुइ नैसेकल उहाँ जनैली । सुदूरपश्चिम प्रदेशके दुई ठो स्थानीय तहमे केलह समिति गठन हुइल बटैली । एकल महिलाके लर्कनहे जन्मदर्ता ओ नागरिक लेनामे समस्या हुइलफे उहाँ बटैली ।
घर फुटेबेर दुई डाडाभैया मजासे अंश बण्डा कैना मने एक महिला एकल हुईबेर अंश डेहे नैचाहल अवस्था रहल उहाँ बटैली ।
यूएनडीपिके प्रदेश प्रमुख बैजन्ती गिरी महिलाहुकनहे आर्थिक रुपमे शसक्त बनाईपर्ना बटैली ।
इन्सेक प्रदेश संयोजक खडकराज जोशी मानव अधिकारका लागि एकल महिला समुह गठन हुईनाफे भारी बाट रहल बटैलै । एकल महिलाहुक्रे दुख विसैना चौतारीफे नैरहे । यी आइलपाछे कमसे कम सुखदुख सटना थलो बनल बा । कुईहे दुख लागल बा कलेसे मन मिल्ना मनैन थेन रोई पैलेसे बहुट जैसिन दुःख कम हुइठ उहाँ कहलै ।

कोई केक्रो विरोध करटी, बाट कटटी जैनासेफे सहकार्य, समन्वय, सहयोगी भावनाके साथ आघे बह्रना उहाँ जोड डेले । संघसंस्था सरकारके सहयोगी, प्रतिपक्षी ओ खबरदारी कैना निकाय रहलफे उहाँ बटैलै ।
कार्यक्रममे कञ्चनपुरके रमा पन्त, बझाङके शान्ती महत आपन जिल्लाके एकल महिलाके अवस्था, समस्याबारे जानकारी डेहल रहिट ।

मानव अधिकारका महिला एकल महिला समुह सुदूरपश्चिम प्रदेशके अध्यक्षता भगवती हमालके अध्यक्षतामे हुइल कार्यक्रममे समुहके केन्द्रीय सदस्य जानकी जोशी धन्यवाद ज्ञापन करल रहिट । कार्यक्रमके संचालन मानव अधिकारका महिला एकल महिला समुह सुदूरपश्चिम प्रदेश कार्यक्रम अधिकृत वेद अवस्थी करल रहिट । कार्यक्रममे प्रदेश भरके डब्लुएचआरके प्रतिनिधिहुकनके सहभागिता रहल बा ।
