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[ वि.सं १० जेष्ठ २०८३, आईतवार ]
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लैंगिक हिंसा प्रभावित महिलाके स्वास्थ्य अवस्था कमजोर

पहुरा | १० जेष्ठ २०८३, आईतवार
लैंगिक हिंसा प्रभावित महिलाके स्वास्थ्य अवस्था कमजोर

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १० जेठ ।
लैंगिक हिंसा प्रभावित महिलाहुक्रनके स्वास्थ्य अवस्था शारीरिक तथा मानसिक रुपमे कमजोर हुइनाके साथे यौन तथा प्रजनन् स्वास्थ्यमे समस्या हुइल पाइल बा ।

महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक)से अँट्वारके सार्वजनिक करल एक तथ्यांकसे लैंगिक हिंसा प्रभावित महिलाहुक्रनके स्वास्थ्य अवस्था शारीरिक तथा मानसिक रुपमे कमजोर हुइनाके साथे यौन तथा प्रजनन् स्वास्थ्यमे समस्या पाइल हो । ओरेकसे समुदायमे महिलाहुक्रनेक यौन तथा प्रजनन् स्वास्थ्य अवस्था, उहाँहुक्रे भोग्टी रहल समस्या ओ ओकर कारणके पहिचान करक लाग एकीकृत महिला स्वास्थ्य मेलाके आयोजना करल रहे । उहे मेलामे सहभागि महिलाहुक्रनसे हुइल “सयपत्री बातचितमे” मे ३८ जाने लैंगिक हिंसा प्रभावित महिलाहुक्रनके स्वास्थ्य अवस्था शारीरिक तथा मानसिक रुपमे कमजोर पाइल हो ।

उक्त हिंसा प्रभाावित महिला मध्ये कैलालीके ६६ वर्षीया सुहाना (परिवर्तित नाउँ) फेन एक हुइटी । उहाँ छोट्टे उमेरमे भोजपाछे निरन्तर घरेलु हिंसा, श्रमके अवमूल्यन आ्े उपचारके अभाव भोग्ली । सुत्केरी अवस्थामे उचित हेरचाह नैपाके उहाँक पाछे पाठेघर गिर्ना गम्भीर समस्या हुइल, जिहीसे उहाँकउपर हुइना हिंसा आउर बह्राइल । अन्ततः शल्यक्रिया कैके पाठेघर निकारे परल ।

शल्यक्रियापाछे फेन थप दुर्घटनाके कारण उहाँके पिसाब थैली बाहर निकरगैल ओ अवस्था झन जटिल बने पुगल । आर्थिक समस्या ओ पारिवारिक असहयोगके कारण आवश्यक उपचार नियमित हुइ नैसेकल । गाउँके शिविरमार्फत रिङ पेसरी रख्लेसे फेन समयमे परिवर्तन करे नैसेकके घाउ संक्रमण हुइल । हाल ओहकान पिसाब थैली पूर्ण रूपमे बाहर निकरल ओ गम्भीर संक्रमण हुइल बा ।

गौरीगंगा नगरपालिका निवासी ३६ वर्षीया (परिवर्तित नाउँ सानी) के १४ बरसके उमेरमे मागी भोज हुइल रहे ओ १७ बरसमे पहिलचो गर्भवती हुइली । उहाँक जन्माइल ५ सन्तान मध्ये २ जनहनके मृत्यु होसेकल बा कलेसे ३ जाने जीवित रहल बटै ।

ओहकान सक्कु सन्तान घरमे जन्मल हुइट । छोट उमेरमे भोज हुइल ओरसे काम करे नैसेकके गोसियासे कुटपिट, गालीगलौज ओ मानसिक हिंसा सहे परल बटैली । लगातार छाइ जन्मलपाछे थप हिंसा भोगे परल ओ छावाके चाहनामे २ चो गर्भपतन फेन करैली । गर्भावस्था ओ सुत्केरी अवस्थामे पर्याप्त खाना, आराम ओ स्वास्थ्य सेवा नैपाइल तथा स्वास्थ्य संस्था डुर रहल ओरसे नियमित जाँच फेन कराइ नैसेकल उहाँ बटैली । उहाँ लम्मा समयसम परिवार नियोजनके अस्थायी साधन (नरप्लान्ट) प्रयोग करल अ‍ोरसे अब्बे महिनावारी गडबडी, ढाड–कमर बठैना ओ यौनाङ्गमे समस्या रहल बटिन् ।

ओस्टके कैलालीके ६५ वर्षीया (परिवर्तित नाउँ तुली) के १४ बरसके उमेरमे भोज होके १५ बरसमे पहिल सन्तान जन्मल रहे । उहाँ घरमे जन्माइल १६ सन्तान मध्ये ७ ठो किल जीवित रहल बटै ओ ९ ठो बच्चा खेर गैल रहे । वर्षेनी गर्भवती हुइना ओ २ वा ३ महिनामे खेर गैलेसे फेन उहाँहे कबु फेन स्वास्थ्य चौकी नैलैगिल रहे । छाइ किल जन्मल कहटी गोसिया, सास–ससुरुवासे गालीगलौज ओ गोसियासे कुटपिट सहे परल उहाँ बटैली । गर्भावस्था ओ सुत्केरी समयमे पर्याप्त खाना ओ आराम कबु नैपाइल ओ स्वास्थ्य जाँचके लाग अस्पताल नैलैगिलिन् । लगातार ढेर सन्तान जन्माइ परेबर शरीर कमजोर होके उहाँहे ढाड–कमर दुख्ने, पेट बठैना ओ कमजोरीके समस्या डेखगैल बा ।

ओरेकके जिल्ला संयोजक गीता चौधरी नेपालके प्रजनन् स्वास्थ्य अधिकार ऐन २०७५ से प्रजनन् स्वास्थ्यहे शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक स्वास्थ्यसँग जोरके परिभाषित करल ओ दिगो विकास लक्ष्यसे फेन सबके लाग यौन तथा प्रजनन् अधिकार सुनिश्चित कैना प्रतिबद्धता व्यक्त करल मने व्यवहारमे महिलाहुक्रे अपने शरीर सम्बन्धी निर्णय करे नैपाइल अवस्थासे इ मेरके समस्या आइल बटैली । उहाँ बालविवाह, छावा जन्माइ पर्ना बाध्यता, जबरजस्ती यौन सम्बन्ध, असुरक्षित यौन व्यवहार तथा महिलाके श्रमके अवमूल्यन जैसिन समस्यासे महिलाहुक्रनके अवस्था दयनीय बने पुगल बटैली । जिल्ला संयोजक चौधरी विभेदपूर्ण सामाजिक संरचना परिवर्तन नैहुइटसम महिलाके यौन तथा प्रजनन् स्वास्थ्यमे अपेक्षित सुधार सम्भव नैहुइना फेन बटैली ।

महिलाहुक्रे छोट उमेरमे भोज, कम उमेरमे गर्भधारण, लगातार गर्भधारण, बारम्बार गर्भपतन, ओ छावा जन्माइ पर्ना सामाजिक दबाबके कारण ओइनके स्वास्थ्यमे गम्भीर असर परल हो । साथे, गोसियासे हुइना शारीरिक, मानसिक तथा यौन हिंसा, सुत्केरी अवस्थामे समेत आराम ओ पोषणके अभाव, तथा स्वास्थ्य सेवामे पहुँच नैहुइना समस्यासे झन् जटिल बनल बा ।

ओरेकसे माघसे चैत्र महिनाके अवधिमे गौरीगंगा नगरपालिका ओ धनगढी उपमहानगरपालिकासँगके समन्वयमे टमान वडामे जोखिम अवस्थामे रहीके वसोवास कैटी आइल समुदायहे लक्षित कैके गौरीगंगा नगरपालिकाके वडा नं ७, ११ ओ धनगढी उपमहानगरपालिकाके वडा नंंं. १९ मे महिला तथा किशोरीहे एकिकृत स्वास्थ्य सेवा डेहक लाग, जनचेतना अभिवृद्धि करैनाके साथे प्रतिकारात्मक, प्रवद्धर्नात्मक, उपचारत्मक ओ परामर्श सेवा प्रदान कैना उद्देश्यसे एकिकृत महिला स्वास्थ्य मेला आयोजना करल रहे ।

चार दिनसम सञ्चालन करल स्वास्थ्य शिविरमार्फत ६५७ जनहनहे लैंगिक विभेदमे आधारित हिंसा, महिलाउपर हुइना हिंसासे स्वास्थ्यमे पर्ना असर, यकर रोकथामके उपाय, जडीबुटीके प्रयोग तथा उपयोग, साथे जनचेतनामूलक पोस्टर प्रदर्शन ओ अभिमुखीकरण मार्फत प्रजनन स्वास्थ्य समस्याके कारण ओ रोकथामके उपायबारे जानकारी प्रदान करल रहे ।

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