थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं १८ जेष्ठ २०८३, सोमबार ]
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लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसङ्ख्यकके ‘मिसन ८४’ केन्द्रित राजनीतिक साक्षरता अभियान

पहुरा | १८ जेष्ठ २०८३, सोमबार
लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसङ्ख्यकके ‘मिसन ८४’ केन्द्रित राजनीतिक साक्षरता अभियान

पहुरा समाचारदाता
काठमाडौं, १८ जेठ ।
वर्षौँसे घर, परिवार ओ समाजसे तिरस्कार, अपमान, बहिष्कार ओ अस्वीकारके सामना करटी आइल लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसङ्ख्यक समुदाय अब्बे राजनीतिक पहिचान, नेतृत्व विकास ओ अधिकार सुनिश्चितताके यात्रामे खुलके आघे बह्रे लागल बा ।

सामाजिक विभेद, रोजगारीके अभाव, असुरक्षा, मानसिक दबाब ओ निरन्तरके अस्वीकृतिबीच समुदायसे अब राजनीतिक मूलधारमे अर्थपूर्ण सहभागिताके अभियान सुरु करले बा ।
युरोपियन युनियनके सहयोग तथा एक्सन एड नेपालसँगके सहकार्यमे मायाको पहिचान नेपाल, समावेशी मञ्च नेपाल (इन्क्लुसिभ फोरम) ओ लिड नेपालसे संयुक्त रूपमे ‘मिसन ८४’ केन्द्रित राजनीतिक साक्षरता अभियान सञ्चालन करले बटै । अभियानअन्तर्गत देशभरसे ५० जाने लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसङ्ख्यक राजनीतिक अभियन्ताहे परिचालन करल तीनु संस्थासे जानकारी डेले बटै ।

समुदायके राजनीतिमे अनिवार्य ओ अर्थपूर्ण सहभागिता हुर्एपर्ना मान्यता रख्टी तीनु संस्थासे समुदायके सदस्यहे अपने गाउँ, टोल ओ समुदायसे राजनीतिक रूपमे सक्रिय हुइना प्रेरित करटी समावेशी राजनीतिओर अग्रसर कराइल बटैले बटै । ओइनके अनुसार २०८४ सालमे हुइना प्रदेश तथा स्थानीय तहके निर्वाचनहे लक्षित करटी उम्मेदवारीके तयारीसहित ५० जाने लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसङ्ख्यक समुदायके प्रतिनिधि सक्रिय हुइल हुइट ।

ओइने वडा कार्यालयसे नगरपालिका, जिल्ला, प्रदेश हुइटी सङ्घीय संसद्सम पुग्न दीर्घकालीन राजनीतिक अभियानमे जुटल बटै । अभियानमार्फत आत्मपहिचानके आधारमे सहज नागरिकता प्राप्ती, विभेदविरुद्ध संवैधानिक संरक्षण, समान विवाह तथा नागरिक अभिबन्धन अधिकारके माग उठाइल बा ।

ओस्टे परिवार तथा धर्मसन्तान सम्बन्धी अधिकार, सम्पत्ति तथा उत्तराधिकार अधिकार, समावेशी व्यवस्थाके मागफे तीनु संस्थासे करले बटै । निजामती सेवा तथा रोजगारीमे आरक्षण, निर्वाचन तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्वके सुनिश्चितता, स्वास्थ्य अधिकारमे पहुँच, सुरक्षित सार्वजनिक सेवा तथा संरक्षण, संविधान तथा कानुनमे समावेशी भाषा प्रयोगलगायतके विषयहेफे अभियानसे प्राथमिकतामे ढरले बा ।

समानता, समावेशिता ओ न्यायपूर्ण समाज निर्माणके लाग अभियान निरन्तर जारी रना तीनु संस्थासे उल्लेख करले बटै । लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसङ्ख्यक समुदायके राजनीतिक अभियन्ताहुक्रे यी माग वडा तहसे सङ्घीय सरकारसम पुगासेकल जनैले बटै । ओइनके अनुसार अब्बेक अभियान केवल चुनावी तयारी केल्ह नैहुके समुदायहे नुकके बैठेपर्ना अवस्थासे बाहेर ल्यन्ना राजनीतिक तथा सामाजिक अभियानफे हो ।
अभियानमे सहभागीहुकनके अनुसार समुदायसे अभिनफे परिवारसे अस्वीकार, समाजसे अपमान ओ सार्वजनिक जीवनमे अविश्वासके सामना करटी रहल बा । लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसङ्ख्यक समुदायके राजनीतिक अभियन्ताहुक्रे समुदायहे केवल शौचालय वा प्रतीकात्मक बहसमे सीमित कैना करल बटैले बटै । रोजगारी, आरक्षण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व ओ निर्णय प्रक्रियामे सहभागिताके मुद्दा भर अभिन ओझेलमे पारजैटी आइल विगतके अनुभव सेयर करले बटै ।
अभियन्ताहुक्रे एक्के छाताटरे रहिके साझा उद्देश्यके साथ आघे बह्राई पर्नामे जोड डेले बटै । विचार फरक हुई सेक्ना हुइलेसेफे समुदायके अधिकार, राजनीतिक सहभागिता, रोजगारी, आरक्षण ओ नेतृत्व विकासके मुद्दामे साझा धारणा आवश्यक रहल ओइने बटैठै ।

राजनीतिक अभियानमे सहभागीहुक्रे लैङ्गिक पहिचानमे “हावादारी बाट करके अभियान सफल नैहुइना कहटी व्यवहारिक राजनीतिक सहभागिता, जनस्तरसम पहुँच ओ दीर्घकालीन रणनीतिमे जोड डेले बटै । ओइने लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसङ्ख्यक समुदायहे राजनीतिक रूपमे सशक्त, सङ्गठित ओ नेतृत्वदायी भूमिकामे स्थापित करेपर्नामे जोड डेले बटै ।

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