थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ थारु सम्बत १० भादौ २६५०, बुध ]
[ वि.सं १० भाद्र २०८३, बुधबार ]
[ 26 Aug 2026, Wednesday ]

विनाशकारी बाढसे व्यापक जनधनके क्षति

पहुरा | १० भाद्र २०८३, बुधबार
विनाशकारी बाढसे व्यापक जनधनके क्षति
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १० भदौ । चीनसे आइल विनाशकारी बाढके कारण व्यापक जनधनके क्षति हुइल बा । रसुवासहित नुवाकोट, धादिङसहितके त्रिशूली लडियाके तटीय क्षेत्रमे  बाढसे व्यापक जनधनके क्षति हुइल हो ।
बाढसंगे अब्बे सुरक्षा निकाय उद्धार ओ राहतमे केन्द्रित हुइल बा । ओस्टे टमान राजनीतिक दल, संघ संगठनसे फे आवश्यक समन्वय करले बटै । बुधके बिहान ९ बजेओर चीनके तिब्बत ओरसे आइल ल्हेन्दे खोलाके बाढ रसुवाके भोटेकोशीमे मिल्के भारी भारी क्षति पुगल हो ।  बाढसे भौतिक क्षतिके कौनो लेखाजोखा नैहो । सडक, विद्युत् आयोजना, खानेपानी आयोजनामे ओटरे क्षति पुगल बा ।
समाचार लिखटसम रसुवा स्थित भोटेकोशीमे आइल बाढके कारण मृत्यु हुइलके संख्या ७२ जाने पुगल बा ।
अभिनसम ७२ जानेक शव भेटल प्रहरी प्रवक्ता (डीआईजी) अबि नारायण काफ्ले बटैलै । रसुवा, नुवाकोट, धादिङ ओ चितवनस्थित लडिया तटिय क्षेत्रमे शव भेटल हो । भेटल शवके पहिचान खुलैना प्रयास हुइटी रहल डीआईजी काफ्ले जानकारी डेलै ।
बाढमे परल २८ जाने प्रहरी कर्मचारी सम्पर्कमे नैहुइट । बाढके कारण रसुवाके टिमुरे ओ मैलुङमे कार्यरत सशस्त्र प्रहरी कर्मचारीफे सम्पर्कविहीन हुइल बटै ।
  • रसुवागढी बाढके विनाशप्रति सुदूरपश्चिमके मुख्यमन्त्री भट्टसे गहिर दुःख व्यक्त 
सुदूरपश्चिम प्रदेशके मुख्यमन्त्री खगराज भट्टसे रसुवागढीस्थित भोटेकोसी लदियामे आइलके बाढके  कारण हुइल जनधनके क्षतिप्रति गहिर दुःख व्यक्त करल बटै ।
अचानक आइल बाढके कारण नुवाकोटके बेत्रावती, बनार, त्रिशूली बजार ओ देवीघाट बजार लगायतके क्षेत्रमे ठूलो क्षति पुगकेप्रति दुःख व्यक्त करटी मुख्यमन्त्री भट्टसे विपद्के इ घडीमे उच्च सतर्कता अपनाउन सक्कुमे आग्रह करल बटै ।
बाढ ओ पहिरोजस्ते प्राकृतिक विपद्के जोखिमहे मध्यनजर करटी लदिया, खोला ओ जलाधार क्षेत्र आसपास बसोबास कैना  नागरिकहे विशेष सावधानी अपनैना ओ सम्भावित जोखिमसे सुरक्षित रहना मुख्यमन्त्री भट्ट अपिल करल बटै ।
विपद्के समयमे एकअकाहे सहयोग करटी उद्धार ओ राहत कार्यमे हात बह्रैना उहाँके सक्कु जनहनहे आग्रह करल बटै । सुरक्षा निकाय ओ सम्बन्धित निकायसे जारी कैना सूचना ओ निर्देशनके अनिवार्य पालना कैना समेत उहाँ अनुरोध करल बटै । बाढ प्रभावित नागरिकके उद्धार, राहत ओ पुनस्र्थापनामे सक्कु सम्बन्धित निकायके बीच प्रभावकारी समन्वय ओ सहकार्य आवश्यक रहल मुख्यमन्त्री भट्ट बटैले बटै ।
  • विपद् प्रभावित क्षेत्रमे उद्धारके लग सशस्त्र प्रहरीके बरवर संख्यामे टोली परिचालन
चीनसे रसुवा हुइटी आइल बाढ ओ विपद् प्रभावित क्षेत्रमे उद्धार कार्यहे तीव्र बनैना सशस्त्र प्रहरी बल नेपालसे बरवर संख्यामे सुरक्षाकर्मी परिचालन करल बा । सशस्त्र प्रहरीके सहायक प्रवक्ता शैलेन्द्र थापाके अनुसार प्रभावित क्षेत्रमे टमान युनिटसे टोलीहे खटल बटै ।
उद्धारके लग सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल नं. १९ गुल्म नुवाकोट, युएन शान्ति स्थापना तालिम शिक्षालय ककनी, धादिङ गुल्म, विपद् व्यवस्थापन बेस आदमघाट ओ नं. १७ गण चितवनसे  सुरक्षाकर्मीहे प्रभावित क्षेत्रमे पुगल बटै । बाढ ओ डुबानमे  परल नागरिकके खोजी ओ सुरक्षित स्थानान्तरणके लग इ टोलीहे सक्रियतापूर्वक काम करटीरहल प्रवक्ता थापासे  जानकारी देलै ।
  • रसुवा ओ नुवाकोटमे बाढके प्रभावः टेलिकमके ७ टावरमे क्षति, नेटवर्कमे समस्या
रसुवा ओ नुवाकोट लगायतके क्षेत्रमे आइल भीषण बाढके कारण नेपाल टेलिकमके सञ्चार पूर्वाधारमे क्षति पुगल उ क्षेत्रके टेलिफोन ओ इन्टरनेट सेवा प्रभावित हुइल बा । बाढसे टेलिकमके सातठो टावर ओ अप्टिकल फाइबरमे क्षति पुगैना हो । नेपाल टेलिकमके प्रवक्ता कमल लामिछानेके अनुसार प्रारम्भिक विवरण प्राप्त हुइल अनुसार रसुवामे दुईठो ओ नुवाकोटमे पाँचठो टावरमे भौतिक क्षति पुगल बा । टावरमे पुगेल क्षतिसँगे विद्युत अवरुद्ध हुइल  कारणफे ढेर जैसिन ठाउँमे नेटवर्कके समस्या देखल हो ।
बाढसे टावरहे किल नै हुइ गल्छीसे रसुवागढीसमके अप्टिकल फाइबरमे फे क्षति पुगैना बा । प्रवक्ता लामिछाने कहलै, ‘कुछ टावरमे भौतिक क्षति पुगल बा मने गल्छीसे रसुवागढी ओरके फाइबरमेफे समस्या आइल बा । क्षतिके पूर्ण विवरण भर अभिन संकलन हुइना क्रममे बा ।’
सञ्चार सेवा पूर्ण रूपमे ठप्प हुइना नै देना टेलिकमसे वैकल्पिक प्रविधिके प्रयोग करटी रहल जानकारी देले बा । हाल त्रिशुलीसम फाइबर सेवा सुचारु रहल ओ उहिनसेउप्पर क्षेत्रमे माइक्रोवेभ रेडियो प्रविधिमार्फत नेटवर्क सुचारु राख्ना प्रयास हुइटी रहल बा । विद्युत आपूर्ति बन्द हुइल कारण कुछ साइटहे चल्ना नै सेकना हुइलफे उहाँहे पुनः सञ्चालनमे ल्यान्ना प्राविधिक टिमसे काम करटी रहल बा ।
टेलिकमके मर्मत सम्भार ओ आकस्मिक व्यवस्थापन टिम अब्बे  कार्यक्षेत्रमे खटल बा । प्रवक्ता लामिछाने कहलै, ‘हम्रे टिमसे  समानान्तर रूपमे काम करटी रहल बा । जोखिमके बावजुद जटना सेक्ना छोट सेवा रिस्टोर कैना हमार प्राथमिकता हो ।’
ओस्टेक करके, टेलिकमसे विपद् व्यवस्थापन विभागसँगे समन्वय करके बाढ प्रभावित ओ जोखिमयुक्त क्षेत्रके बासिन्दाहुकनहे बिहानसे सचेतनामूलक ‘एलर्ट’ एसएमएस
पठाके सुरक्षित रहना आग्रह समेत करटी रहल बा ।

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