थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत १९ कुँवार २६५०, सोम्मार ]
[ वि.सं १९ आश्विन २०८३, सोमबार ]
[ 05 Oct 2026, Monday ]

धनगढीमे थारू समुदायके मौलिक सखिया नाच प्रदर्शन हुइना

पहुरा | १९ आश्विन २०८३, सोमबार
धनगढीमे थारू समुदायके मौलिक सखिया नाच प्रदर्शन हुइना

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १९ कुँवार । थारू समुदायके मौलिक धार्मिक तथा सांस्कृतिक परम्पराके रुपमे रहल सखिया (सख्या) नाच डसैंके अवसरमे कैलालीके धनगढीमे विशेष रूपमे प्रदर्शन कैना हुइल बा ।
डसैं विशेष सामूहिक सखिया नाच प्रदर्शनी–२०८३ मूल आयोजक समितिसे इहे बुध कुँवार २१ गते धनगढी उपमहानगरपालिकाके परिसरमे विशेष सखिया नाच प्रदर्शन करे लागल हो ।
कार्यक्रमबारे जानकारी डेहक लाग सोम्मारके धनगढीमे आयोजित पत्रकार सम्मेलनमे मूल आयोजक समितिके संयोजक सानू चौधरी सखिया नाचके संरक्षण, प्रवद्र्धन ओ पुस्तान्तरण कैना उद्देश्यसे कार्यक्रम आयोजना करे लागल जानकारी डेली ।
कृष्णलीला तथा महाभारतके कथावस्तुमे आधारित गीतमे युवतीहुक्रे सामूहिक रूपमे गायन कैना ओ युवा मन्डराके तालमे साथ डेना सखिया नाच थारू समुदायके मौलिक पहिचान, धार्मिक आस्था, कला, भाषा, परम्परा ओ सामाजिक एकताके महत्वपूर्ण प्रतीकके रूपमे रहटी आइल उहाँ बटैली ।
परम्परागत रूपमे अष्टिम्की टिहुवारसे सुरु होके डसै हुइटी डेवारीसम करिब एक महिनासम गाउँघरमे सखिया नाच प्रदर्शन कैना चलन रहलमे पाछक समय शिक्षा, रोजगारी, वैदेशिक पलायन ओ बदलिँदो सामाजिक परिवेशके कारण इ परम्परा क्रमशः छोट्याइटी ओ सीमित हुइटी गैल आयोजक जनैले बा ।
अइसीन अवस्थामे मौलिक संस्कृति नयाँ पुस्तासम पुगैना, युवायुवतीहे आपन संस्कृति ओ परम्परासँग जोर्ना तथा सखिया नाचके संरक्षण ओ पुस्तान्तरणके लाग सकारात्मक वातावरण निर्माण कैना उद्देश्यसे एकदिने विशेष कार्यक्रम आयोजना करे लागल जनाइल बा ।
कार्यक्रम डिनके ३ बजेसे साँझ ६ बजेसम सञ्चालन हुइना बा । कार्यक्रममे थारू समुदायके कलाकार, युवायुवती, संस्कृतिकर्मी तथा संस्कृति संरक्षणमे रुचि रखुइया टमान सरोकारवालाके सहभागिता रहना जनाइल बा ।
आयोजक कार्यक्रमहे केवल नृत्य प्रदर्शनके रूपमे नैहोके थारू समुदायके मौलिक संस्कृति, परम्परा, भाषा, कला ओ सांस्कृतिक पहिचानहे नयाँ पुस्तासम पुगैना अभियानके रूपमे लेहल जनैले बा ।

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