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जडीबुटी खेतीमे रमैटी टीकापुरके किसान

पहुरा | ८ असार २०७७, सोमबार
जडीबुटी खेतीमे रमैटी टीकापुरके किसान

दुर्गा देवकोटा
टीकापुर, ८ असार ।
कैलाली टीकापुरके किसान बहुउपयोगी जडीबुटी मेन्था ओ मेथीक्रिया (केमोमाइल)खेती कैके मजा आम्दानी लेहे लागल बाटै ।
यहाँके किसानसे हिउँदे खेती स्याहारल पाछे बाँझ रहल जमिनमे उ खेती करटी रहल बाटै । बाँझ जमिनके प्रयोग ओ बिक्री कैना समस्या नाइ हुइना हुुइलपाछे उ खेती ओर आकर्षित हुइल हुइट । एक कठ्ठा जमिनमे तीनसे पाँच लिटरसम मेन्थाके तेल उत्पादन हुइना जनाइल बा । मेन्थासे प्रशोधित तेल एक हजार ५० रुपैँयामे बिक्री हुइठ् कलेसे केमोमाइल १९ हजार प्रतिकिलोमे जडीबुटी उत्पादन तथा प्रशोधन कम्पनी टीकापुरसे खरिद कैना करल बा ।
‘‘मेन्थासे सञ्चो, हिमालयन मसाज तेल, पाउडर, साबुन उत्पादन हुइठ्’’, कम्पनीके शाखा प्रमुख कमल बेल्वासे कहलै, ‘‘सञ्चो ओ मसाज तेल स्वदेशमे मजा खपत हुइटी रहल बा ।’’ प्रशोधित तेल अपने जडीबुटी कम्पनीसे उत्पादन कैना तेलमे खपत हुइटी रहल उहाँ बटैलै ।‘‘केमोमाइलसे प्रशोधित तेल भर विदेशमे खपत हुइना करल बा’’, उहाँ कहलै‘‘मेन्था ओ केमोमाइलसे उत्पादित तेल दर्जनौँ औषधि तथा चकलेटमे प्रयोग हुइठ् ।’’
कम्पनीसे यी क्षेत्रके किसानहे उ जडीबुटीके विरुवा निःशुल्क उपलब्ध करैना करल बा । कम्पनीसे उत्पादित जडीबुटी फेन अपने खरिद कैडेना करल ओरसे खेती ओर किसानके आकर्षण बह्रल हो । यी बरस टीकापुरमे केमोमाइल ५० केजी किल उत्पादन हुइल बा । यी बरस टीकापुरमे ६० विघामे मेन्था ओ ५५ विघामे केमोमाइल खेती करल रहे । आघेक बरस ३५ विघामे केमोमाइल ओ ४० विघामे मेन्था खेती हुइल कम्पनी जनैले बा ।
गैल बरसके तुलनामे केमोमाइल उत्पादन ५० प्रतिशत कमी हुइल किसानके गुनासो रहल बा । कोरोना संक्रमणके कारण तयार हुइल जुडीबुटी स्याहारे नाइ पाके किसान क्षति बेहोरे परल हो । यी बरस कम्पनीसे अनुमान करल बराबरके क्यामोमाइल उत्पादन नाइ हुइल । कम्पनीसे १५० केजी केमोमाइल तेल उत्पादन हुइना अनुमान करल रहे । मने ५० केजी किल उत्पादन हुइल ।
लकडाउनके कारण किसान खेती स्याहारे नाइ सेकके यी बरस घाटा हुइल टीकापुर–१ के कृषक राधेश्याम चौधरी बटैलै । ‘‘लकडाउनसे समयमे खेती स्याहारे नाइ पैली जिहीसे उत्पादनमे कमी आइल’’, उहाँ कहलै ‘लकडाउनके समयमे कम्पनी फेन कुछ दिन वन्द रहे । ओहेमारे किसान ओ कम्पनी दुनुहे कुछ नोक्सानी हुइल बा ।’’ कम्पनीके अनुसार यी बरस मेन्था भर दुई टन (२ हजार किलो) उत्पादन हुइल बा । यी बेर किसान मेन्था प्रशोधन करसेकल बाटै । मेन्था खेती स्याहारलपाछे किसान धान खेती करठै ।
यहाँके किसान दुई कठ्ठासे दुई विघासम खेती करले बाटै ।‘‘खेती बाँझ रहना समयमे जडीबुटी लगाके आम्दानी लेटी रहल बाटी’’, टीकापुर वनगाउँके बीचकापुरुवाके किसान राजेन्द्र चौधरी कहलै, ‘‘यी खेतीमे विषादी प्रयोग नाइ करे परठ् । यम्ने सिँचाइके सुविधा हुइलेसे पुगठ् । जडीबुटीहे गाइबस्तु फेन खासे नाइ खैठै ओहे मारे खासै नोक्सानी फेन नाइ हुइठ् ।’’
प्रशोधन कम्पनीसे जुडिबुटी प्रशोधन कैना दुई थान मेशिन रहे । खेती करुइया किसान बह्रलपाछे जडिबुटी प्रशोधन कम्पनी थप चार मेसिन बह्राके छ पुगैले बा । जडीबुटी खेती अन्नबालीसे सजिल ओ नगदेबाली रहल ओरसे किसानके आकर्षण बह्रल उहाँहुक्रनके कहाइ बा । परशुराम चौधरी तरकारी खेती कैनासे जडीबुटी सजिल रहल ओरसे मेन्था खेती करे लागल बटैलै । उहाँ यी बरस आठ कठ्ठा जमिनमे मेन्था लगैले रहिट ।‘‘आठ कठ्ठामे ३२ किलो मेन्था उत्पादन हुइल । सिँचाइके सुविधा हुइलेसे कम लागतमे ढिउर आम्दानी लेहे सेकजाइठ्’’, उहाँ कहलै ‘‘जडीबुटी खेती करेबर बजारसमेतके समस्या नाइ रहल ओरसे सहज हुइल बा । बजार अपनहे खोजे नाइ परठ्, कम्पनीसे जडीबुटीके बीउ फेन डेहठ् ओ उत्पादन फेन अपनहे किनडेहठ् ।’’
कम्पनीसे स्थानीयहे रोजगार फेन डेहल बा । कम्पनीके टीकापुर शाखामे नियमितरुपमे ३० जने दैनिक ज्यालादारीमे ओ सात जने स्थायी कर्मचारी बाटै । औद्योगिक क्षेत्रमे तीन हेक्टर जमिनमे जडीबुटी उद्योग सञ्चालनमे रहल बा । जडिबुटी उद्योगसे रहल छ प्रशोधन मेशिन दैनिक १६ घण्टा चलठ् । ‘‘कम्पनीसे दैनिक ५० टन जडिबुटी प्रशोधन करे सेकठ्’’, उहाँ कहलै, ‘‘जेठ ओ असारमे मेन्था, फागुन ओ चैतमे क्यामोमाइल प्रशोधन करजाइठ् । अन्य समयमे कोरा जडिबुटी संकलनके काम करठी ।’’
पाछेक समय स्थानीय तहसे फेन जडीबुटी खेती करुइया किसानहे सहयोग कैना नीति लेले बावै । लम्कीचुहा नगरपालिकासे जुडीबुटी खेती करे चहुइया किसानहे आवश्यक अनुदान डेना जनाइल बा ।‘‘जडीबुटी करे चहुइया किसान आइलमे हम्रे लगानी कैना तयार बाटी’’, नगर प्रमुख महादेव बजगाई कहलै, ‘‘किसानहुक्रे योजना लन्लेसे अनुदान डेबी ।’’

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