थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत २१ अगहन २६४६, बुध ]
[ वि.सं २१ मंसिर २०७९, बुधबार ]
[ 07 Dec 2022, Wednesday ]

प्रदेश राजधानी ‘गोदावरी’ अभिन अलमल

पहुरा | १२ आश्विन २०७७, सोमबार
प्रदेश राजधानी ‘गोदावरी’ अभिन अलमल

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १२ कवाँर ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशके स्थायी राजधानी गोदावरी टोकल सोम्मारके रोज ठीक २ बरस पुगल बा ।

मने प्रदेश राजधानीके संरचना बन्न टे दुर टमान कानूनी उल्झन ओ सरकारके इच्छाशक्तिके कमीके कारण अन्योलता अस्टही रहल बा । मने प्रदेश सरकार स्थायी राजधानी बनैना प्रक्रिया आघे बह्रल दाबी करटी रहल बा ।

२ बरस आघे २ तिहाई बहुमतसे सुदूरपश्चिम प्रदेश सभासे स्थायी राजधानी गोदावरी बनैना निर्णय हुइल हो । जौन कैलाली जिल्लाके गोदावरी नगरपालिकाके २ ओ ४ नम्बर वडाके वन क्षेत्र हो ।
मने प्रदेश सरकार वन क्षेत्रमे राजधानी टोकल कहटी प्रतिपक्ष दल नेपाली काँग्रेस ओ जनता समाजवादी पार्टीसे विरोध फेन हुइटी आइल बा ।

गाेदावरी मन्दिर

यहेक्रममे प्रदेश सरकारके निर्णय विरुद्ध सर्वोच्च अदालतमे प्रदेश सरकारहे विपक्षी बनाके २ ठो रिट निवेदन दायर हुइल फेन करिब २ बरस पुगे लागल बा । मने अभिनसम कौनो फैसाला नैआइल हो । अधिवक्ता देवीकुमारी जोशी ओ मनिश कुमार श्रेष्ठसहितके ९ जहनके समूह रिट दायर करल रहे ।

प्रदेशसभा प्रदेशहे राजधानी चयन करे पैना संवैधानिक अधिकार रहलेसे फेन प्रदेश राजधानी स्थापना कर्ना नाउमे वन विनाश करे नैपैना कहटी अन्तरिम आदेश माग करगिल रहे । मने सर्वोच्च अदालतसे आन्तरिम आदेश डेनामे अस्वीकार करलओरसे राजधानी निर्माणमे कौनो असर तथा अवरोध नैकर्ना प्रदेश सरकारके मुख्य न्यायधिवक्ता कुलानन्द उपाध्याय बटैठै ।
उहाँ आघे कहलै, ‘मुद्दा जारी रहलेसे फेन अदालतसे अन्तरिम आदेश जारी नैकरलओरसे कानूनी अडचन कुछ नाइ हो । प्रदेश सभासे निर्णय हुइलपाछे संघीय सरकारसे जग्गा हस्तान्तरणके प्रक्रियाके किल बाँकी बा । आब ढिउर ढिला नाई हुई ।’

प्रदेश सरकार गैल आर्थिक वर्ष २०७६/२०७७ प्रदेश राजधानीके लाग कुछ बजेट फेन बिनियोजन करल रहे । भौतिक पूर्वाधार विकासके लाग विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तयार कर्ना,
तटबन्ध ओ घेराबार तथा पर्खाल निर्माण करेक लाग आवश्यक बजेट बिनियोजन करल रहे । ओस्टके चालु आर्थिक वर्ष २०७७/२०७८ मे फेन प्रदेश सरकार ओ संघीय सरकार फेन बजेट बिनियोजन कर्ले बा । मने अभिनसम कार्यान्वयनमे नैगैल हो ।

दोधारे प्रतिपक्ष

प्रदेश राजधानी टोकक लाग नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के संसदीय दलके प्रमुख सचेतक तारालामा तामाङके संयोजकत्वमे पाँच सदस्यीय समिति बनागिल रहे । समितिके सदस्यमे प्रदेश सदस्य प्रेमप्रकाश भट्ट, बलदेव रेग्मी, श्यामलाल राना ओ चुनकुमारी चौधरी रहल रही । जौन समितिमे रहल राना नेपाली कांग्रेसके ओहोरसे प्रतिनिधित्व जनाइल रहिट । कलेसे बाँकी प्रदेश सभा सदस्य नेकपासे रहिट ।

मने आपन दलके प्रतिनिधित्व रहटी रहटी फेन हाल नेपाल काँग्रेस राजधानी टोकल स्थान ठीक नैरहल कहटी विरोध जनैटी रहल बा ।

नेपाली काँग्रेसके संसदीय दलके नेता डा. रणबहादुर रावल कहठै, ‘अभिन फेन कुछ बिग्रल नाई हो । पुनर्विचार कर्लेसे मजा रही, बनुवा फाँरके राजधानी बनैना मना नैहो । वातावरणीय दृष्टिसे फेन चुरे भावर क्षेत्रसे जोरल गोदावरी क्षेत्रके बनुवा क्षेत्रहे मासके राजधानी बनैना कलेक पाछे जाके कैलाली ओ कञ्चनपुर जिल्लाहे मरुभुमीकरण कर्ना हो ।’

ओस्टके काँग्रेसके डोसर प्रदेश सभा सदस्य भरतबहादुर खड्का राजधानी टोकेक लाग बनाइल समितिहे असंवैधानिक रहल कहटी राजधानी बनैना निर्णय कर्नामे काँग्रेस चुकल बटैठै । उहाँ तराईमे राजधानी बनैना कलेक पहाडी क्षेत्रहे उपेक्षा करल बटैठै । उहाँ कौनो राजधानी अवस्था परिवर्तन हुइटी किल गोदावरीहे राजधानी बनैना सवाल ओ निर्णय उल्टे सेक्ना टिप्पणी कर्लै ।

जनाअवजको टिप्पणीहरू