थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत ३० जेठ २६४५, अत्वार ]
[ वि.सं ३० जेष्ठ २०७८, आईतवार ]
[ 13 Jun 2021, Sunday ]

थारु भासक् गजलमे डब्नी भिराउ हुइल

पहुरा | १६ जेष्ठ २०७८, आईतवार
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थारु भासक् गजलमे डब्नी भिराउ हुइल

सागर कुस्मी
कैलाली, १६ जेठ । 
थारु भासा, साहित्यहे बह्रैना पहुरैना उदेश्यसे थारु भासक् गजलमे डब्नी भिराउ हुइल बा ।

सिट्टर फुलरिया युटुब च्यानलके आयोजनामे परडेसीनके बठ्ठा बिसयमे अनलाइन मार्फत थारु भासक् गजल डब्नी भिराउ हुइल हो । डब्नी भिराउमे गजलकार सन्देश दहित (कैलाली) पहिल, गजलकार अंकर अन्जान सहयात्री (कैलाली) डुसरा, गजलकार दुर्गा चौधरी (कैलाली) टिसरा, गजलकार सुरज चौधरी (बर्दिया) चौठा ओ हरि कुसुम्याँ (बर्दिया) पचुँवा हुइल बटैं ।

इहे जेठ २ गतेसे १५ गतेसम हुइल डब्नी भिराउमे कैलालीसे गजलकार लाहुराम चौधरी, संगम कुस्मी, गरिमा कुस्मी, मख्खन थारु, तिलक डंगौरा, सलिन चौधरी, असिराम डंगौरा, रितु चौधरी, तनुजा चौधरी, संजीव चौधरी, सुनिल कुस्मी, अरुण दहित, सुरेश चौधरी,राजाराम चौधरी रहिंट ।

ओस्टेके बर्दियासे गजलकार रामजी थारु, अर्जुन थारु, विनिता थारु, राजकुमार थारु, राजु कुस्मी, सुमन चौधरी, खुशीराम चौधरी, सुवास चौधरी, नरेश चौधरी, तेजेन्द्र बखरिया थारु, जय कुसुम्याँ, इन्द्र राजवंशी, राजाराम चौधरी,साइर चौधरी रहिंट कलेसे बाँकेसे गजलकार प्रेम चौधरी, सुशील चौधरी लगायत ३५ जाने भाग लेले रहिंट ।

पुरस्कार जिटुइयन पहिलहे ५ सौ, डुसराहे ३ सौ, टिसराहे २ सौ, चौठा ओ पचुँवाहे १/१ सौ के रिचार्ज के व्यवस्था कैल बा । पुरस्कारके लाग राजु सरगम (बर्दिया), अल्लु अर्जुन ( बर्दिया) डियर अबिरल (कतार) अर्जुन थारु (मलेसिया) से आर्थिक सहयोग कर्ले रहिंट ।

अइना दिनमे लावा लावा स्रस्टनके लेखन विकास ओ स्तरिय लेखनके लाग अस्टे अस्टे कार्यक्रम कर्टी जैना अध्यक्ष गजलकार प्रदीप डेउखरिया बटैलैं । भाग लेहल सक्कु गजल एक परगा डट कम मे प्रकासित हुइना सचिव अल्लु अर्जुन जनैलैं ।

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