थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं ११ कार्तिक २०७८, बिहीबार ]
[ 28 Oct 2021, Thursday ]
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डसियामे गाउँहे संक्रमणके जोखिमसे बचाई

पहुरा | २६ आश्विन २०७८, मंगलवार
डसियामे गाउँहे संक्रमणके जोखिमसे बचाई

डशिया डेवारीके आगिल, सहर बजारसे फैरौ–फैरो मनैे अपन जलम गाँउ लौटुइय बह्रल बटै । वर्ष दिनमे एक चो अइना चाड पर्वके बेला सक्कु खाले पीडा भुलके हुइलेसेफे मनै भेटघाट, रहरंङगीके लाग पुख्र्यौली घर लौटल परम्परागत चलल बा ।

देश तथा विदेशमे शिक्षा, रोजगारी एवं व्यावसयिक रुपसे नम्मा समयसे घरसे बाहेर रहल नागरिक कर्मथलो छोरके डसिया डेवारी, छठके बेला जन्मथालो लौटठै । गाउँ लौटेबेर सार्वजनिक यातायातमार्फत आइबेर भीडभाडके प्रवाह नइकरके यात्राके करेबेर कोरोना संक्रमण जोखिम उच्च हुइसेकठ ।

सार्वजनिक यातायातमे यात्रा करेबेर आमने–सामने हुके बैठे परठ । गाडीभिटर भौतिक दूरी कायम कैना सम्भवफे नइरहठ । यात्रुहुक्रे एकदुसरसंग भलाकुसारी, हाँसोठट्टा करठै । उ बेला ओइने न शारीरिक दूरीके ख्याल रख्ठै, न मास्कके प्रयोग करठै, जिहीसे संक्रमण फैलना जोखिम उच्च रहठ ।

देशके टमान भागमे अब्बेफे कोभिड–१९ विरुद्धके खोप अभियान जारी बा, मने सरकारके लक्ष्य अनुसार करिब एक तिहाइ नागरिक केल खोप लगैले बटै । खोप नइलगुइयाके संख्या भारी बा । अभिन देशके सक्कु ठाउँमे खोप कार्यक्रम समानुपातिक ढंगसे सञ्चालन हुई नइसेकल हो । भारी–भारी सहरमे बैठल मनै गाउँ लौटेबेर कोरोना संक्रमणफे साथेम लेके जाई सेक्ना सम्भावना बा । सहरमे बैठेबेर खोप पासेकल ओइने जनस्वास्थ्यके मापदण्ड पालनामे हेलचेक्र्याइँफे करे सेक्ही । ओसिन व्यक्तिसे खोप नइपाइल ओ अभिनसम संक्रमणफे नइहुइल व्यक्ति ढेर जोखिममे परे सेक्ही ।

वैदेशिक रोजगारमे क्रममे बाहेर देश रहल नेपाली डसिया लगायतके चाडपर्व मनाईक लाग अपन देश लौटेबेर नेपाल–भारत सीमा नाकामे अब्बे भीडभाड लाइन लागल लागल डेखे सेक्जाईठ । सीमा नाकामे एन्टिजेन परीक्षणके व्यवस्था नइहुइलेसे सोझे घरपरिवार ओ छरछिमेकके सम्पर्कमे आके संक्रमण फैल्ना ढेर जोखिम हुइल ओरसे एन्टिजेन परीक्षण करके घर पठैना व्यवस्था कैना जरुरी रहल बा ।

दशियामे परिवारके सदस्यसंग केल नाही, संघरीयाभैया, इष्टमित्र लगायत समाजके अग्रज व्यक्तिसंग समेत भेटघाट ओ शुभकामना आदन प्रदान कैना प्रचलन बा । आ–अपन काम विशेषसे नम्मा समयसे प्रत्यक्ष रुपमे भेटघाट हुई नइपाके यी समयमे आत्मीयता, माया, प्रेम, सद्भाव, भाइचारा, मेलमिलाप एकदुसरमे साटासाट नइकरके बैठे नइसेक्जाइठ । यैसिक जमघटसे भारी घुलमिल कराइठ । जमघटके समयमे जनस्वास्थ्यके मापदण्ड पालनामेफे खासे ख्याल नइकैना ओरसे संक्रमण फैल्ना जोखिम उच्च हुई सेकठ ।

शिक्षा, रोजगारी तथा व्यवसायिक कारणसे बुदुबुदी लगायत घरपरिवारसे भेट नइहुइल नम्मा समय हुइलरहठ । जिहीसे नातिया–नातिनिया ओ बुदु बुदी आत्मीयता रुपमे एकदम लग्गे हुके खुसी साटासाट करठै ।

देश विदेशमे रहुइयाहुक्रे अपन पुर्खाैैयली घर लौटेबेर उपहार नानडेना चलन बा । उपहार वा खैना चिज पैलेसे लर्कापर्का झन लग्गे हुइठै । बच्चाहुक्रे खेलौना, लौवा लुगरा, मिठ मिठ खैना पाइलपाछे मख्ख परे सेक्ठै ओइनहे कोरोनाके बारेमे पत्ता नइहुइठ । हम्रेफे लर्कनहे अइटी गोडेम लेना चलन बा । छोट–छोट हेल्चक्राईसे घरमे संक्रमण फैले सेकठ । टबमारे बाहेर रहल मनै घर जाईबेर एन्टिजेन चेक करके गैलेसे संक्रमण नियन्त्रण करे सेक्जाइठ । डसियाके टिका ग्रहण करेबेरफे टिका तथा खानपिनके कार्यक्रममे परिवारके सदस्य केल हुके केल मनाई, संक्रमणसे बाँचेक लाग जमघटके समयमे जनस्वास्थ्यके मापदण्ड पालना करी मजासे डशिया मनाई ।

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