थारु राष्ट्रिय दैनिक
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‘ अन्तर्वार्ता ’

संगीत दुःखी मनैनहे जिए सिखाइठ

पहुरा | १४ श्रावण २०७९, शनिबार
संगीत दुःखी मनैनहे जिए सिखाइठ

कैलाली जिल्लाके लम्कीचुहा नगरपालिका वडा नम्बर ६, गुलरा कैलालीके गायिका समीक्षा चौधरी थारु गायिकामध्ये एक हुइँट् । सुमधुर स्वर, कला, गलाके खानी समीक्षा डाइ फूलरानी देवी डंंगौरा ओ बाबा ऐतवारी राम डंगौराके कोखसे वि.सं.२०४८ साल सावन महिनाके १० गते इ धर्तीमे पाइला टेकलैं । हुँकार घोडाघोडी नगरपालिका वडा नम्बर १ कौहा गाउँमे हुँकार जलम हुइलिन । अब्बे लम्कीचुहा नगरपालिका ६ गुलरा कैलालीके बासी फेरु डंगौरासे बियाह कैके जिन्गी सवँरटी बटि । उहाँ थारु आधुनिक गीत ओ लोकगीत गाके सांगीतिक क्षेत्रमे नाम ओ दाम कमाइल व्यवसायिक गायिकाके रुपमे स्थापित होसेकल बटि । ओहकान पहिल एल्बम ’वैष्णवी“ लगायत अब्बेसम २३० से ढेर थारु ओ नेपाली गीत गासेक्ले बटि । इहे क्रममे पहुरा दैनिक पत्रिकाके लाग साहित्यकार तथा पत्रकार सागर कुस्मीसे समसमायिक विषयमे करल छोट्मिठ बाटचिट यहाँ प्रस्तुत कैल बा ।

समीक्षा बाबु अप्ने गायन क्षेत्र ओर कहियासे लगली ? गीत गैना आशिर्वाद कहाँसे मिलल् ?

– धन्यवाद डाडु । गीत यो मै पहिलेसे गाँउ । मनो बजारमे भर २०७१ सालमे आइल । महिन गीत गैना सक्कुहुनके सहयोग साथ मिलल् । खास कैके मोर बाबासे मिलल । ओ गोसिया ओ सक्कु घर परिवारसे मिलल् ।

अप्नेक बाल्यकाल कैसिक बिटल बटा डिना ? जिन्गीमे सबसे यादगार पल कुछ बा, जौन कबुनै भुले सेक्ना ?

– मोर बाल्यकाल बहुत दुःखद् रहे डाडु । खैना लगैना बेला महिन कम्लहरी बने परल । वहाँ खाना फे नैमिले । पेट भर खाना नाइ पाउँं । मलिक्वक पिटाइ खोप सहे परे । मलिक्वक घर भुँखे पियासे आँस चुहैलक कब्बु नैबिसरैम ।

अब्बेसम नेपाली ओ थारु मिलाके सक्कु कैठोसम गीत गासेक्ली ?

– मै अब्बेसम सक्कु मिला २३० ठो गीत गासेक्ले बटुँ । मै थारु ओ नेपाली डुनु भासक गीत गैठुँ । अभिन लावा लावा गीत अइना क्रम जारी बा ।

गीत संगीत क्षेत्रमे लागके का पैली ओ का गुमैली ?

– इ क्षेत्रमे लागके या गीत गाके गुमाइल टो अभिन कुछु नैहुँ । लेकिन स्रोता ओइनसे ढेर हौसला ओ मैयाँ पाके यहाँसम पुगल बटुँ । वश इहे हो मिलल ।

अप्ने सक्कु मेराइक गीत गाइल डेख्जाइठ । खास कैके कसिन गीतहे प्राथमिकता डेठी ? कैसिन गीत मन छुवठ ?

– गैना टो मै सक्कु मेरिक गीत गालेठुँ । मनो ढेरहस थारु सांस्कृतिक गीत गैले बटुँ । महिन अपने समुदायके पुर्ख्यानी गीत मन परठ । विशेष कैके ढमार गीत मोर मन छुवठ ।

अपन गाइल गीत मध्ये सबसे मन पर्ना गीत कौन हो ?

– मन टो सक्कु परठ । मनो ढमार गीत महिन बहुत मन परठ ।

‘सुनो मोर प्यारा…’ कना गीत हिर्डा हिला डेहठ । गीत गाके यहँसम पुगसेक्ली ।

इ समय मे कैसिन कैसिन दुख, समस्या ओ बाधा अड्चन आइल ?

– दुःख टे दुःखे हो डाडु । इ क्षेत्रके पीडा छुट्टे बा । भुखे पियासे रात बिरात यात्रा करे परठ । कहुँ कहुँ सोचलहस नै रहठ सेवा सुबिधा ।

एक्ठो सफल गायक बनक लाग का का करे परठ ? संगीत साधना कहाँसे सिख्ली ?

– मोर बिचारमे टो सबसे पहिले लगनशील होके लागे परठ । मेहनत करे परठ । स्रोता ओइने मन परा डेहे परल । गाना चलगैल कलेसे सफल हुइगैलो नैकी लगानी डुबजाइठ । मने मजासे मेहनत कर्लेसे हर ठाउँमे सफल मिलठ ।

गायन बाहेक आउर केहोर समय बिटाइटी ?

– पहिले प्राइभेट स्कुलमे पर्हाउँ । अब्बे गीत किल गैठुँ । व्यवासायिक रुपमे गायन क्षेत्रमे कदम आघे बर्हटी बा । कबु गीत गैटी कबु घर परिवार हेर्टी ।

मनैंनके जिन्गीमे गीत संगीतहे कैसिक परिभाषित कर्ठी ?

– महिन लागठ इ संगीत कना चिज, मनैनके सुखदुःखके संघरिया हो । संगीत दुःखी मनैनहे जिए सिखाइठ । ओहेमारे सामाजिक हरेक प्राणीनहे संगीतके जरुरत परठ ।

अन्तमे कुछ बाँकी बा कि कहे पर्ना बात ?

– ओरौनीमे मोर आवाजहे सक्कु मोर पुगाडेलक मे अप्नेनहे बहुत बहुत धन्यवाद बा । अइना दिनमे सक्कु जाने मोर गीत मन पराके महिन हरदम साथ ओ सुझाब डिहि कलेसे मै जरुर अप्नेनके कहल ठाउँमे पुगे सेकम ।

फाेटु साैजन्यः समीक्षाके फेसबुकसे

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