थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ 07 Feb 2023, Tuesday ]
‘ सम्पादकीय ’

महिलाउप्पर हुइना हिंसामे कमि काहे नइआइल

पहुरा | ११ मंसिर २०७९, आईतवार
महिलाउप्पर हुइना हिंसामे कमि काहे नइआइल

नेपाल सरकारसे सार्वजनिक करल पन्धौँ फञ्चवर्षीय योजना (२०७६/७७ – २०८०/८१) मे महिला समानता तथा सशक्तीकरण सम्बन्धी नीति तथा कार्यत्रम लैङिक समानतामूलक राष्ट्र निर्माण कैना विषयहे दीर्घकालीन सोचके रूपमे प्रस्ताव करके महिलाके समान तथा अर्थपूर्ण सहभागिता सहित सारभूत समानता कायम कैना विषयहे लक्ष्यके रूपमे लेहल बा, मने महिलाउप्पर हुइना हिंसामे कमि नइआइल विल्गाइठ ।

लैंगिक हिंसा विरुद्धके १६ दिने अभियानहे २५ नोभेम्बरके दिनसे विश्वभर मनाई लागल बा । नेपालमेफे महिला विरुद्ध हुइना हिंसाके सवालमे सचेतना ओ पैरवीमुलक कार्यक्रम संचालन करल बा । राज्यसे मानवअधिकार तथा मौलिक हकके संरक्षणके लाग नेपालके संविधानमे लैंगिक विभेदके अन्त्य करके आर्थिक समानता, समृद्धि ओ सामाजिक न्याय सुनिश्चित कैना समानुपातिक समावेशी ओ सहभागितामूलक सिद्धान्तके आधारमे समतामूलक समाजके निर्माण कैना संकल्प करले बा । यी अन्तर्गत सक्कुहुनके न्याय प्राप्त कना अधिकार, हिंसा मुक्त हुके आत्मसम्मानके साथ बाँचे पैना अधिकार ओ समानताके हकलगायत ३१ ठो मौलिकके व्यवस्था करल बा । वर्ष २०७६ हे नेपाल सरकारसे लैङिक हिंसा विरुद्धके अभियान वर्षके रुपमे घोषणा करके मनाइल, गैल बर्ष २०७७ मे राष्ट्रिय लैङिक समानता नीति पारित करके लागु हुइल ।

मने हरेक दिन महिला व्यक्तिगतसे सार्वजनिक क्षेत्रमे कौनो ना कौनो प्रकारके हिंसाके सामना करटी परल स्थिति बा । आर्थिक वर्ष २०७७/७८ के तथ्यांक हेर्ना हो कलेसे नेपाल प्रहरीमे १४ हजार २ सय ३२ ठो उजुरी आइल मन्से सबसे ढेर घरेलु हिंसा रहल बा । नेपाल प्रहरीमे आर्थिक वर्ष २०७८/०७९ मे कूल २१ हजार ४५१ जाने महिला तथा बालबालिका उप्पर हुइल हिंसाके घटना दर्ता हुइल बटै ।

ओरेकमे आर्थिक वर्ष २०७७/०७८ मे एक हजार ७७२ ठो महिला हिंसाके घटना अभिलेखीकरण हुइलमे यी वर्ष ४१ ठो घटना बृद्धि हुके एक हजार ८१३ जाने महिला तथा बालिकाउप्पर हुइल हिंसाके घटना अभिलेखीकरल हुइल बा । अभिलेख करल तथ्याङ्कके विश्लेषण करेबेर सबसे ढेर ६५ प्रतिशत (११७५ जाने) महिला उप्पर घरेलु हिंसा हुइल पाइल बा । घरेलु हिंसामे महिलाउप्पर सबसे ढेर अपने गोसियासे ७७ प्रतिशत (९०८ जाने) ओ २३ प्रतिशत (२६७जाने) परिवारके सदस्यसे हिंसा हुइल पाइल बा ।

प्रत्येक बरस १६ दिने महिला हिंसा विरुद्ध अभियान कैजाइठ मने तथ्याङ्कहे विश्लेषण करेबेर महिला सबसे ढेर घरभिटरे ओ अपन व्यक्तिसे असुरक्षित बटै । महिला हिंसाके घटना बह्रलके बह्रल कानून कार्यान्वयन फितलो बा । टबमारे कारण पत्ता लगाके कानून कार्यान्वयन आवश्यक बा ।

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