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सुरक्षित गर्भपतन सेवा मान्यता प्राप्त संस्थासे लेना आग्रह

पहुरा | २३ भाद्र २०८०, शनिबार
सुरक्षित गर्भपतन सेवा मान्यता प्राप्त संस्थासे लेना आग्रह

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २२ भदौ
। सुरक्षित गर्भपतन सेवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थासे केल लेना आग्रह कैगिल बा ।

शुकके रोज कृपासे धनगढीमे आयोजना करल ‘सुदूरपश्चिम प्रदेशमे सुरक्षित गर्भपतन सेवाके उपलब्धी, चुनौती ओ सामधानके उपाय’ विषयक स्थानीय संचारकर्मीनसंग करल अन्तरक्रिया कार्यक्रममे सरोकारवालासे ओसिन आग्रह करल रहिट ।

सुदूरपश्चिम पश्चिम सामाजिक विकास मन्त्रालय जनस्वास्थ्य महाशाखा प्रमुख नरेन्द्र सिंह कार्की सुदूरपश्चिम प्रदेशमे सुरक्षित गर्भपतन सेवाके नाउँमे चुनौती ठप्टी गैल कहटी सम्बन्धी व्यस्थाबारे जानकारी डेटी मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थासे केल लेना आग्रह करल रहिट । यहाँ सुरक्षित गर्भपतन सेवा क्रममे टमान अप्रिय घटना घटल खबर अइटी बा,’ उहाँ कहलै, ‘सेकटसम परिवार नियोजनके अस्थायी साधनके प्रयोग बह्राई परल । अइच्छित, गर्भ बैठगिलेसे मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्था ओ तालिम प्राप्त स्वास्थ्यकर्मीनसे सेवा लेना चाहल ।’

प्रदेश जन स्वास्थ्य सेवा ऐन २०७६ मे प्रत्येक नागरिकहे प्रचलित कानून बमोजिम सुरक्षित गर्भपतन लगायत अन्य प्रजनन स्वास्थ्य सेवा निशुल्क प्राप्त करे हक प्रदान करल उहाँ जनैलै । प्रदेश स्वास्थ्य नीति २०७८ मे सुरक्षित मातृत्व तथा प्रजनन स्वास्थ्य क्षेत्रमे प्रदेशके आवश्यकता अनुरुप विद्यमान ऐन, नीति तथा रणनीतिहे समयानुकुल विकास तथा परिमार्जन करके लागु कैना कहल बा ।

स्वास्थ्य महाशाखा प्रमुख कार्की स्वास्थ्य प्रणालीके पुनसंरचनाके कारण स्थानीय, जिल्ला ओ प्रादेशिक निकाय विचमे दुविधा रहल, प्रादेशिक तथा स्थानीय तहमे सुरक्षित गर्भपतन सेवा सम्बन्धी कार्यक्रम संचालन निर्देशिका अभाव रहल बटैलै । प्रदेशमे मेडिकल एवोर्सनके औषधि पसलमे खुल्ला रुपमे उपलब्ध रहल, ओ खुला सीमानाके कारण लग्गे भारतीय बजारमे जाके असुरक्षित रुपमे गर्भपतन हुइटी रहल उहाँ बटैलै ।

कृपाके निर्देशक आनन्द तामाङ अनइच्छित रुपमे बैठल १२ हप्तासमके गर्भहे सुरक्षित रुपमे गर्भपतन कराई सेक्ना बटैलै । बलात्कार वा आपतकालिन अवस्थाके हो कलेसे १८ हप्तासमके गर्भहे सुरक्षित रुपमे गर्भपतन कराई सेक्ना उहाँ जनैलै । सन २०२१÷२०२२ मे ९० हजार ७ सय महिला सुरक्षित गर्भपतन सेवा लेहल उहाँ बटैलै ।

ढेर महिला अभिन कानूनी सेवाके पहुँचमे पुगे नइसेकल उहाँ बटैलै । विशेष करके गरिब, अति विपन्न ओ भौगोलिक रुपमे पृथक महिला रहल उहाँ बटैलै । कृपासे करल अध्ययनमे सुरक्षित गर्भपतन कराई खोज्न व्यक्ति मन्से १० प्रतिशत सेवासे बञ्चित रहल बटै । ४० प्रतिशत १० हप्तासे उप्परके गर्भहे गर्भपतन कराई खोजल उहाँ बटैलै । सन २०१४ ओर आधासे ढेर गर्भपतन (५८ प्रतिशत) गैर कानूनी रहे । जिहीसे ३ प्रतिशत मातृ मृत्यु रहल रहल रहे ।

वरिष्ठ पत्रकार डा. उद्धव पुरी नेपालके सुरक्षित गर्भपतन पहुँच प्रवद्र्धन कैना संचार माध्यमके भूमिकाबारे प्रस्तीकरण करल रहिट । प्रस्तुतीकरण अन्र्तगत पत्रकार आचारसहिता २०७३ भिटर मानव अधिकार, अन्तर्राष्ट्रिय सम्बन्ध ओ सुसुचित हुइना हकके सम्मान, सामाजिक दायित्य ओ सम्मान, पीडित प्रभावितप्रति जिम्मेवारी, गम्भीर प्रकृतिके स्वास्थ्य सवाल, असुरक्षित गर्भपतनके कारण जोखिममे महिलालगायत विषय बस्तु समेटल रहे ।

सुरक्षित गर्भपतनके लाग समाचार वा लेखके लाग प्रस्तुत कैगिल तस्वीर ओ फोटु गलत तरिकासे धारजैटी रहल उहाँ बटैलै । सुरक्षित गर्भपतनके लाग सही वा प्रयोग करे सेक्ना खाली परिक्षण कोठा वा सुरक्षित गर्भपतन साइटके बोर्ड, सरकारसे तोकल सुरक्षित गर्भपतन साइटके लोगो, सेवा प्रदान कैना क्लिनिक वा अस्पताल, सामान्य प्रयोग हुइना औषधी, उपकरण, व्यक्तिके पहिचान नइखुल्ना फोटुके प्रयोग करे सेक्ना पत्रकार डा.पुरी बटैलै ।

गर्भपतन करेबेर भ्रुण (१० हप्तासमके ओ १० हप्ता उप्परके) कहेपर्नामे, बच्चा÷बालक÷ बालिका÷ गर्भमे रहल बच्चा कहिजाइटा । गर्भपतन करुइया व्यक्ति कहे पर्नामे डाई कहिजाइटा, गर्भपतन÷गर्भके अन्त्य कहे पर्नामे गर्भ हत्या, बच्चाके गर्भपतन, भु्रण हत्या कहिजाइटा, एन्टी च्वाइस, एन्टी एवोर्शन कहे पर्नामे प्रो लाइफ, प्रो फेमिली कहिजाइटा, दुसरा, टिसरा त्रैमासिक गर्भपतन हप्ताके गर्भके गर्भपतन कना सट्टामे ढिला अवधिके गर्भपतन कहिजैटी रहल ओ लिङ पहिचान पाछेक गर्भपतनहे महिला भ्रुण हत्या, लिङ हत्या, बालिका हत्या कहिजैटी रहल उहाँ बटैलै ।

भु्रण गम्भीर अशक्तताके आधारमे करल गर्भपतन, एकसे ढेर करल गर्भपतन, गर्भहे निरन्तरता डेना, गर्भधारण कैना व्यक्तिके जीवन ओ स्वास्थ्यके अधिकार शब्द प्रयोग कैना उहाँ बटैलै ।

ओस्टेक करके उहाँ हेडलाइन ध्यानपूर्वक लिखे पर्ना, तथ्यपरक जानकारी ओ स्वास्थ्य तथ्यांकमे आधारित बनाई पर्ना, सुरक्षित वा असुरक्षित गर्भपतनके बारेमे लिखेबेर व्यक्तिके गोपनीयताके सम्मान करे पर्ना उहाँ सुझाव डेलै । गर्भपतन सम्बन्धी समाचार संकलन करेबेर चित्र धारे परलेसे ओकर छनौटमे ध्यान पुगाई पर्ना उहाँ बटैलै ।

सुदूरपश्चिम प्रदेश सुरक्षित गर्भपतन सेवा कार्यक्रम व्यवस्थापन निर्देशिका निर्माणके चरणबारे डा. लक्ष्मीराज पाठक प्रस्तुतीकरण करल रहिट ।

२०७८ चैत १६ गते सामाजिक विकास मन्त्रालयसे सहमति प्राप्त कैगिल, जनस्वास्थ्य महाशाखा प्रमुखके अध्याक्षतामे ८ सदस्य प्राविधिक समिति गठन, प्राविधिक समितिसंग संघीय सुरक्षित गर्भपतन सुरक्षा व्यवस्थापन निर्देशिका प्रस्तुत, उहे समितिसे संघिय सुरक्षित गर्भपतन सेवा कार्यक्रम व्यवस्थापन निर्देशिकाके ढाँचा अनुशरण कैना सहमति ओ प्रदेशके आवश्यकता अनुसार उ निर्देशिकामे कौन कौन बुंदा थप कैना विषयमे प्रारम्भिक छलफल हुके बुंदा स्पष्ट रुपमे व्याख्या कैगिल बटैलै ।

२०७९ असार २२ गगते सामाजिक विकास राज्य मन्त्रीके उपस्थितिमे सरोकारवालासंग बैठक आयोजना, नेपालके सुरक्षित गर्भपतन सेवाके स्थिति, चुनौती ओ अवसरके बारेमे कृपाके सह– निर्देशकसे प्रस्तुत कैगिल बा ।

सामाजिक विकास मन्त्रालयके जनस्वास्थ्य महाशाखा प्रमुखसे सुदुरपश्चिम प्रदेशके सुरक्षित गर्भपतन सेवाके यथार्थ विश्लेषण पेश, बैठकमे व्यापक अन्तरक्रिया करके सुझाब संकलन, परिमार्जित मस्यौदा समितिहे प्रेसित ओ सुझाव माग्गिल, टमान चरणमे मस्यौदाउप्पर समितिसंग सुझाव आदान प्रदान करके अन्तिम मस्यौदा तयार कैके पारित कैगिल रहे ।

२०७९ कुवाँँर ३० गते सरोकारवालाके वृहत बैठकमे अन्तिम मस्यौदा प्रस्तुत करके छलफल हुइल, सुझाव संकलन, प्राप्त सुझाव अनुसार मस्यौदाहे परिमार्जन करके सामाजिक विकास मन्त्रालयमे पेश कैगिल उहाँ जनैलै । ओस्टेक करके सामाजिक मन्त्रालयके कानुन शाखासे निर्देशिकाके विस्तृत समिक्षा करके कुछ सुझाव प्रदान करल ओ २०७९ फागुन ३० गते उहे अनुरुप मस्यौदाहे परिमार्जन करके फेरसे सामाजिक विकास मन्त्रालयमे पेश करल विषय विज्ञ डा. लक्ष्मीराज पाठक जनैलै ।

कार्यक्रममे कृपाके अनुसन्धान अधिकृत मिनाक्षी दाहाल, प्रदेश स्वास्थ्य तथा शिक्षा अधिकृत हेमराज खडका, सिनियर पब्लिक स्वास्थ्य अधिकृत शिवराज सुनार, सचिव ज्ञान प्रसाद ढकाललगायत संचारकर्मीनहे सहभागिता रहल रहे । कार्यक्रमके सहजीकरण वरिष्ठ पत्रकार डा. उद्धव पुरी करल रहिट ।

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