सुदूरके बजेट पारितबारे मुख्यमन्त्री कठै – एमालेसँगे संवाद जारी बा, कल सम निकास निक्री
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ३१ असार । सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके आगामी आर्थिक वर्ष २०८३÷८४ के बजेटहे लैके सत्ता साझेदार दल नेपाली कांग्रेस ओ नेकपा एमालेबिच देखल विवाद समाधानके लग काठमाडौँमे संवाद जारी बा ।
बजेट पारित कैना अब दुई दिन किल बाँकी रहँदा मुख्यमन्त्री कमलबहादुर शाहसे बुधसम निकास निकरना विश्वास व्यक्त करल बा ।
बजेट विवाद समाधानके लग सोम्मार पार्टी नेतृत्वके आह्वानमे काठमाडौँ पुगल मुख्यमन्त्री शाहसे मंगरके रातोपाटीसँगे करटी एमालसे ओ कांग्रेसके शीर्ष नेताबिच दिनभर सकारात्मक छलफल हुइल जानकारी देलै ।
‘एमाले ओ कांग्रेसका शीर्ष नेताहुकनबिच निरन्तर संवाद हुइल बा । फोनमेफे छलफल जारी बा । वातावरण सकारात्मक बा । काल्हसम कुछ न कुछ निकास निक्री कहटी विश्वास बा,’ मुख्यमन्त्री शाह कहलै । उहाँके अनुसार अपन बुधके धनगढी लौटना तयारीमे बटै मने ओकरपाछे प्रदेश सभासे बजेट पारित कैना प्रक्रिया आघे बह्रैना बा ।
‘पराउ बजेट पारित हुइ कहटीमे हम्रे आशावादी रहब । अब्बे फे छलफलमे बटी,’ उहाँ मने । सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारसे असार १ गते सार्वजनिक करल ३७ अर्ब ७० करोड रुपयाँके बजेटहे लैके सत्ता साझेदार नेकपा एमालेसे सुरुसे असन्तुष्टि जनैटी आइल बा ।
एमालेसे बजेट एकलौटी ढङ्गसे ल्यानल , अपन सुझाव समेटल नैहुइल ओ योजनाके वितरण असन्तुलित हुइल आरोप लगैना बा ।
एमालेके ६ जाने सांसदसे ६ मन्त्रालयके बजेट एक रुपयाँमे झारेक पर्ना मागसहित प्रदेश सभामे खर्च कटौती प्रस्ताव दर्ता करल बटै । एमाले प्रमुख सचेतक चक्रबहादुर मल्लसे मुख्यमन्त्रीले पार्टीके सुझाव बेवास्ता करल आरोप लगैटी बजेटमे संशोधन नैहुइट सम खर्च कटौती प्रस्ताव फिर्ता नैलेना अडान दोहराइटी बटै ।
यहाँ नेपाली कांग्रेस मने हालके बजेट पारित करेकपर्ना पक्षमे बा । बजेट विवाद चर्कल पाछे कांग्रेस सभापति गगनकुमार थापासे सोम्मार मुख्यमन्त्री शाहसँगे काठमाडौँमे भेट करटी एमालेसँगे थप संवाद ओ परामर्श करके सहमतिके आधारमे आघे बह्रना सुझाव देहल रहे । गठबन्धनके मर्मअनुसार विवादहे संवादमार्फत समाधान करेकपर्ना उहँके धारणा रहे ।
बजेट सार्वजनिक हुइलके दिनसे सत्ता गठबन्धनभिटर देखल मतभेद अब्बे औपचारिक रूपमे टुङ्गो लागल नै हो । यद्यपि पाछे दुई दिनसे शीर्ष तहमे हुइल निरन्तर संवादपाछे समाधान ओर सकारात्मक वातावरण बनलके मुख्यमन्त्री शाहके दाबी बा ।
प्रदेश सरकारके लग असार ३२ गतेभिटर बजेट पारित कैना संवैधानिक बाध्यता हो । तोकल समयभिटर बजेट पारित हुइ नैसेक्ना लाँवा आर्थिक वर्षसे विकास निर्माण, सेवा प्रवाह ओ सरकारी खर्च सञ्चालन प्रभावित हुइना जोखिम रहल बा । ओस्टेक, सत्ता साझेदार दलहुकन अन्तिम घडीसम सहमति जुटैना प्रयासमे जुटल बटै ।
