थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं १२ भाद्र २०८३, शुक्रबार ]
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रसुवाके बाढपीडितहे प्राकृतिक स्रोत द्वन्द्व रूपान्तरण केन्द्रके राहत

पहुरा | १२ भाद्र २०८३, शुक्रबार
रसुवाके बाढपीडितहे प्राकृतिक स्रोत द्वन्द्व रूपान्तरण केन्द्रके राहत

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १२ भदौ । बाढ तथा विपद्के कारण प्रभावित बनल रसुवाके नागरिकहे प्राकृतिक स्रोत द्वन्द्व रूपान्तरण केन्द्र नेपालसे राहत सामग्री सहयोग करले बा ।
विपदमे परल परिवारके तत्कालीन आवश्यकता पूरा कैना संस्थासे टमान मेरिक खाद्यान्न तथा दैनिक उपभोग्य सामग्री उपलब्ध कराइल हो ।

२०८३ भदौ १२ गते श्री नं. १ सैन्य तालिम केन्द्र, मैधली शिविर, त्रिशूलीमे राहत सामग्री हस्तान्तरण करल रहे । बाढपीडितके लाग आवश्यक पर्ना सामग्री संकलन करके सैन्य तालिम केन्द्रमार्फत प्रभावित समुदायसम पुगैना व्यवस्था करल संस्थासे जनौले बा ।

संस्थासे उपलब्ध कराइल राहत सामग्रीमे पोलार ब्लाङ्केट, खैनातेल, भाँडा धुइना साबुन, नोन, गरम मसला, चिउरा, दालमोठलगायतके खाद्य सामग्री बटै । ओस्टेक करके मञ्जन, दाँत मिस्ना ब्रस, लहैना साबुन ओ इपिइफोमसमेत वितरण करल बा ।

उपलब्ध विवरणअनुसार राहत सामग्रीमे १२० थान पोलार ब्लाङ्केट, पाँच कार्टुन तेल, तीन बाक्सा भाँडा धुइना साबुन, दुई बोरा नोन, १० केजी गरम मसला, पाँच बोरा चिउरा ओ दुई बोरा दालमोठ बटै । ओस्टे १०० थान मञ्जन, १०० थान दाँत मिस्ना ब्रस, १०० थान लहैना साबुन ओ दुई बन्डल इपिइ फोम सहयोग करल बा ।
राहत सामग्री श्री नं. १ सैन्य तालिम केन्द्रके सहसेनानी दजिल जंग शाही बुझले रहिट । प्राकृतिक स्रोत द्वन्द्व रूपान्तरण केन्द्र नेपालके कार्यकारी निर्देशक चुप बहादुर थापा राहत सामग्री हस्तान्तरण करल हुइट ।

कार्यकारी निर्देशक थापासे विपद्के बेला प्रभावित नागरिकके साथमे ठरहयइना सक्कुहुनके साझा जिम्मेवारी रहल बटैलै । बाढपहिरो जैसिन प्राकृतिक विपत्तिसे नागरिकके घरपरिवार, खाद्यान्न ओ दैनिक जीवनमे भारी असर पर्ना हुइल ओरसे तत्काल राहत तथा सहयोग आवश्यक पर्ना उहाँक कहाई बा ।
“विपत्तीमे परल ओरसे सहयोग कैना मानवीय धर्म हो,” थापा कहलै । विपदके समयमे पीडितके पीडा कम कैना सरकारी निकाय, सुरक्षा निकाय, सामाजिक संस्था तथा नागरिक समाजबीच सहकार्य आवश्यक रहल उहाँ बटैलै ।

उहाँक अनुसार राहत सामग्रीले प्रभावित परिवारहे छोट सहयोग पुग्न बा । विपद्पाछे प्रभावित नागरिकके जीवन सामान्य अवस्थामे लौटैना राहतसंगे पुनःस्थापना, पुनर्निर्माण ओ दीर्घकालीन सहयोगमे समेत ध्यान डेहेपर्ना आवश्यकता रहल उहाँ बटैलै ।

रसुवाके टमान क्षेत्रमे बाढ तथा पहिरोके कारण जनजीवन प्रभावित हुइना करल बा । वर्षायाममे नदी तथा खोलामे पानीके बहाव बह्रेबेर तटीय क्षेत्रमे बसोबास कैना परिवार जोखिममे पर्ना करल बा । सडक, पुल तथा अन्य भौतिक संरचनामे क्षति पुगेबेर प्रभावित क्षेत्रमे राहत तथा अत्यावश्यक सामग्री पुगैनासमेत कठिनाइ हुइना करल बा ।
यैसिन अवस्थामे स्थानीय तह, सुरक्षा निकाय, सामाजिक संस्था ओ नागरिकके सहकार्य महत्वपूर्ण हुइना करठ । प्रभावित नागरिकके तत्कालीन आवश्यकता पहिचान करके लक्षित परिवारसम राहत पुगाई सेक्लेसे विपद्के असर कुछ हदसम कम करे सेक्ना सरोकारवालाके कहाई बा ।

प्राकृतिक स्रोत द्वन्द्व रूपान्तरण केन्द्र नेपालसे प्राकृतिक स्रोत, समुदाय ओ विपद्सँग सम्बन्धित विषयमे काम करटी आइल जनैले बा । विपद्के समयमे मानवीय सहयोगहे प्राथमिकतामे रख्टी प्रभावित समुदायहे आवश्यक सहयोग उपलब्ध करैना उद्देश्यसे राहत सामग्री हस्तान्तरण करल संस्था जनैले बा ।

राहत सामग्री हस्तान्तरण कार्यक्रममे सहयोगहे प्रभावकारी रूपमे प्रभावितसम पुगैना विषयमे समेत छलफल हुइल रहे । बाढस प्रभावित परिवारके अवस्था बुझके आवश्यकताके आधारमे अइना दिनमे थप सहयोग ओ सहकार्य करेपर्नामे जोड डेहल बा ।

विपद्के समयमे करल यैसिन सहयोगस प्रभावित परिवारहे तत्काल राहत डेनाके साथे ओइनहे अपनेहुक्रे ऐक्केली नैरहल अनुभूति करैना अपेक्षा करल बा । मानवीय संवेदनासहित कैना सहयोग ओ सामूहिक प्रयाससे विपदसे प्रभावित समुदायहे पुनः सामान्य जीवनओर लौटना थप हौसला पुग्न विश्वास करल बा ।

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