लैङिक हिंसा न्यूनीकरण करी
आर्थिक वर्ष २०८१/८२ क लैङिक विभेदमे आधारित हिंसाके तथ्यसे हमार समाजमे गहिरसे जरा गरल पितृसत्तात्मक सोच, हानिकारक परम्परागत अभ्यास, ओ संरचनात्मक विभेदसे निर्देशित गम्भीर समस्या हुइल यथार्थहे फेरसे पुष्टि करलेबा । तथ्य पत्रमे यी आर्थिक वर्षमे ओरेक संकलन हुइल कूल १.२७९ ठो घटनाके बहुपक्षीय विश्लेषण करले बा । जौन मध्ये सबसे ढेर ७२ प्रतिशत (९२१) घटना घरेनु हिंसाके रहल बटै । उ पश्चात १७ प्रतिशत (२१८) यौन हिंसा दुसरा भारी रूपमे डेखल बा । ओस्टेक करके महिला हत्या या हत्या प्रयासके १० ठो घटना, मानव बेचबिखनके २७ ठो घटना, साइबर अपराधके ६ ठो घटना, तथा आत्महत्या वा आत्महत्या प्रयासके ५ ठो घटना रहल बटै । जिहीसे नेपालमे महिला उप्पर हुइना हिंसाके बहुआयमिक स्वरुपहे उजागर करठ ।
हिंसाके कुल घटना मध्ये ८८६ घटनामे गोसिया मुख्य पीडकके रुपमे रहल पाइल बा । अन्य पीडकके रुपमे परिवारके सदस्य तथा छिमेकी, अविवाहित मने संगे बैठल संघरीया हिंसामे संलग्न रहल डेखल बा । यी तथ्यसे महिलाके लाग अपने घर सुरक्षित स्थान नैहुके सबसे जोखिमयुक्त स्थान बनल यथार्थहे पुष्टि करठ । घरेलु हिंसामे ८८.३% पीडक अपन गोसिया रहल तथ्यसे पितृसत्तात्मक संरचना भिटर महिला ओ पुरुष विच रहल असमान शक्ति सम्बन्ध हिंसाके मुख्य जरके रुपमे रहल संकेत करठ । प्रदेशगत रूपमे हेरेबेर सबसे ढेर ४१९ घटना कर्णाली प्रदेशसे दर्ता हुइल डेखाइठ । जिहीसे कर्णाली प्रदेशमे उच्च जोखिमसंगे उजुरी कैना संरचना सक्रिय रहल ओरफे संकेत करठ ।
सबसे प्रदेशमे १८ से २५ वर्ष ओ २६ से ३५ वर्ष उमेरके महिला सबसे ढेर हिंसासे प्रभावित हुइल बटै । ओस्टेक करके हिंसामे संलग्न पुरुषफे उहे उमेर समूहके ढेर रहल बटै । ओस्टे हानिकारक परम्परागत अभ्यासके आधारमेफे महिला उप्पर हिंसा यथावत् बटै । जेम्ने २१ जाने महिलाहे बोक्सीके “आरोपमे हिंसा करल बा । जेम्ने प्रायः बार्षिक ओ सामाजिक रुपमे पाछे परल एकल महिलाहे ढेर लक्षित करल विल्गाइठ कलेसे, ५१ जाने दाइजके कारणसे हिंसा भोगे परल बा । यिहीसे नयाँ पुस्तामे समेत समाजमे विद्यमान हानिकारक परम्पमरागत अभ्यास रहल ओ विभेदकारी सामाजिक ओ सांस्कृतिक मूल्य मान्यता महिला उप्पर हिंसा कैना औजारके रूपमे प्रयोग हुइटी रहल बा कना पुष्टि करठ । ओस्टे करके, यौन दुव्र्यबहारके ६९ घटना मध्ये सबसे ढेर मधेश प्रदेशसे संघलन हुइल बटै । यौन हिंसाके घटनामे सबसे ढेर गोसिया पीडकके रुपमे रहल बटै । जिहीसे पारिवारिक संरचना भिटरके विभेद, असमानता ओ हिंसाके विभत्स रुपहे उजागर करठ । महिला मानव अधिकार रक्षकहुक्रे विरुद्धके हिंसासे थप जटिल पक्षहे दर्शाइल बा । सचलित ८४ घटनामध्ये अधिकांशसे गालीगली, धम्की, चारित्रिक आरोपके कारण मानसिक हिंसा भोगल बटैले बा । कूल घटनामे सबसे ढेर ३५.७४ घटना वागमति प्रदेशसे सञ्चालन हुइल महिला मानव अधिकार रक्षकहसक्रे भोगल हिंसा तथा चुनौति सम्बन्धि ओरेकसे करल सर्वेक्षणसे डेखाइठ ।
नेतृत्व तहमे महिला नेताहुक्रे महिला हुइल कारणसे घर, परिवार, समाज तथा राज्यसे भोगे परल विभेद ओ हिंसाके अवस्था झन जटिल बा । यी सम्बन्धी सुदूरपश्चिम, मधेश ओ कर्णाली प्रदेशमे करल सर्वेक्षणमे सहभागी कूल २९७ सहभागी मध्ये ६५.३ प्रतिशत (१९४ जाने) महिला हुइल कारण अपन भूमिकामे भेदभाव ओ बेवास्ता करल अनुभब करले बटै । यिहीसे महिला उप्पर व्यक्तिगत ओ सार्वजनिक दुनु जीवनमे हुइना हिंसाके अवस्थाहे उजागर करले बा ।


