थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं १२ फाल्गुन २०८२, मंगलवार ]
[ 24 Feb 2026, Tuesday ]

एक बर्षमे सुदूरपश्चिममे ८ सय ८९ जाने पीडित

पहुरा | १२ फाल्गुन २०८२, मंगलवार
एक बर्षमे सुदूरपश्चिममे ८ सय ८९ जाने पीडित

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १२ फागुन ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशमे यी बर्ष ८ सय ८९ जाने हुइल बटै ।

इन्सेक सुदूरपश्चिम कार्यालयसे ३४औं मानव अधिकार वर्ष पुस्तकके सार्वजनिकीकरण तथा प्रदेशके मानव अधिकारके अवस्थाबारे कैगिल अन्तरक्रियामे उ जानकारी डेहल हो ।

इन्सेकके प्रलेख अधिकृत कृष्णबहादुर विक बर्ष पुस्तकके सक्षेपमे प्रतिवेदन प्रस्तुत करटी यी वर्ष प्रदेशमे इन्सेकसे करल अभिलेख अनुसार मानव अधिकार उल्लङ्घन ओ ज्यादतीके घटनामे राज्य पक्षसे सात जाने महिला सहित ६४ जाने ओ अन्य पक्षसे ७ सय २६ महिला सहित ८ सय २५ जाने करके ८ सय ८९ जाने पीडित हुइल बटैलै ।

गैल वर्ष मानव अधिकार उल्लङ्घन ओ ज्यादतीके घटनामे राज्य पक्षसे एक महिला सहित ११ जाने ओ अन्य पक्षसे १ ह्जार ५४ महिला सहित १ ह्जार ८८ करके १ हजार ९९ जाने पीडित हुइल रहिट । गैल वर्षसे यी वर्ष २ सय १० जाने कम पीडित हुइलै । यी वर्ष राज्यपक्षसे मानव अधिकार उल्लङ्घनके घटनासे गैल वर्षके तुलनामे ६ महिला ५३ जाने पुरुष ढेर पीडित हुइलै ।

प्रदेशमे घटनाके प्रकार अनुसार पीडितके संख्या घाहिल १३४ जाने, बाल अधिकार १०४, अमानविय व्यवहार १, बाल सुधार गृहमे मृत्यु १ जाने, महिला अधिकार ६०९, कुटपिट १०, धम्की १, करागारमे मृत्यु २, हिरासतमे मृत्यु १, हत्या १८ ओ जातीय विभेद ६ करके जम्मा ८८९ जाने पीडित हुइल इन्सेक जनैले बा ।

ओस्टेक वर्ष पुस्तक २०२६ मे समेटल मानव अधिकारके मुख्य सवालमे मानव अधिकार ओ दवाफदेहिताके प्रश्न चिन्ह खडा हुइल रहे । भदौ २३ गते प्रर्दशनकारीउप्पर अत्याधिक बल प्रयोग करल छाती, मुरी ओ घेँचासे उप्पर गोलीप्रहार करल, अध्याधिक बल प्रयोग मानव अधिकारके उल्लङ्घन हो । प्रदर्शनके क्रममे हुइल घटनासे जीवनके अधिकारके गम्भीर उल्लङ्घन हुइल ।

भदौ २४ गते जवाफदेहिताके प्रश्न चिन्ह खडा हुइल बा । भदौ २३ गते प्रहरीसे करल अत्यधिक बल प्रयोगके कारण हुइल मानवीय क्षतिके विरोधमे भदौ २४ गते काठमाडौँ उपत्यका लगायत देशके ढेर स्थानमे प्रदर्शन हुइल, उ प्रदर्शन शान्तिपूर्ण नैहुइल विध्वंशमे परिणत हुइल ।

देशके प्रमुख प्रशासनिक केन्द्र सिंंहदरबार, सर्वोच्च अदालत, अदालत, लगायत सरकारी ओ नीजि सम्पत्तिमे हुइल आगजनी तथा विध्वंशमे देशके प्रमुख सुरक्षा निकायके भूमिकाउप्परफे ओटरे प्रश्न तेरसल । भदौ २४ गतेके प्रदर्शन केवल सडक प्रदर्शनमे केल्ह सीमित नैरहल । यी प्रदर्शन राज्यके तीनु अङ्ग (कार्यपालिका, व्यवस्थापिका ओ न्यायपालिका) के भौतिक संरचना उप्पर लक्षित डेखाइल ।

कार्यक्रम इन्सेकके केन्द्रीय अध्यक्ष विजय गौतमके बरका पहुनामे हुइल रहे । उहाँ कहलै, देशमे टमान संक्रमणकालिन घटनापाछे छानविन आयोग गठन हुइल रहे । उ आयोगसे काम करे नैसेकलपाछे पीडितहुक्रे न्याय नैपाइल हुइट । बार बार म्याद ठपेबेर निष्कर्षमे पुगे नैसेकल हो । कलेसे गैल भदौ २३ ओ २४ गतेक घटना छानविनके लाग समिति गठन हुइल रहे । उ समिति २ महिनामे प्रतिवेदन बुझैना कहल रहे । फेरसे एक महिना समितिके म्याद थप करलपाछे यी समिति नैकरी की कनाहस हुइल बा ।

कार्यक्रम सहजीकरण इन्सेक प्रदेश संयोजक खडकराज जोशी करल रहिट ।

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