लैगिङक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायहे समाजमे अभिन चुनौती
शिवानी चौधरी
धनगढी, ११ असार । लैगिङक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके अन्तर्राष्ट्रिय गौरव महिना जुनके अवसरमे बुधके रोज धनगढीमे छलफल तथा अभिमुखीकरण सम्पन्न हुइल बा ।
एकता नेपालके आयोजनामे लैगिङक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके अन्तर्राष्ट्रिय गौरव महिना जुनके अवसरमे टमान संघसंस्थाहुकनसे छलफल तथा अभिुखीकरण कार्यक्रम यी समुदायके व्यक्तिहुकनहे समाजमे अभिन चुनौती रहल बटागिल बा । यी समुदायहे सामाजिक कलंक, सेवामे असमनता, रोजगारी अवसर, मानसिक स्वास्थ्यके चुनौती रहल बा ।
एकता नेपालके कार्यकारी निर्देशक राज चौधरी गौरव (प्राइड) महिनाके इतिहासबारे जानकारी डेहल रहिट । प्राइड महिना कहल यौनिक तथा लैङिक विविधता रहल व्यक्तिहुकनके अधिकार, सम्मान ओ समानताके लाग हुइल नम्मा संघर्षके विकासक्रम हो, जिहीसे विरोध आन्दोलनसे सुरु हुके आज विश्वव्यापी मानव अधिकार ओ समावेशिताके अभियानके रूपमे लेहल बा ।

एकता नेपालके कार्यकारी निर्देशक राज चौधरी नेपालके संविधान २०७२ मे लैङिक तथा यौनिक अल्पसख््यक समुदायके लाग टमान हक अधिकार सुनिश्चित करल मने सामाजिक पूर्वग्राह ओ विभेद जारी रहल बटैलै । उहाँ कहली, ‘नागरिक पैना सवालमे होए वा शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगारीके सवालमे होए लैङिक तथा यौनिक अल्पसख््यक समुदाय विभेद खेप्टी आइल बटै ।
लैङिक तथा यौनिक अल्पसख्यक समुदाय शिक्षा तथा जानकारीमे सीमित पहुँच, रोजगारी तथा आर्थिक अवसरमे असमानता, मानसिक स्वास्थ्यमे असर, सामाजिक बहिष्कारण ओ असुरक्षाके अनुभूति, जीवनस्तर ओ अवसरमे दीर्घकालिन प्रभाव परल निर्देशक राज बटैलै ।
सन २०२३ मे सर्वोच्च अदादतसे समलिङगी विवाहके अस्थायी दर्ताके डगर खुला कैना ऐतिहासिक आदेश डेहल रहे, मने समलिङगी विवाह करुइयाहे समाजसे स्वीकार करे नैसेकल कारण सम्बन्ध विच्छेद कैना अवस्था रहल उहाँ बटैलै ।
नेपालके संविधान २०७२ से लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके अधिकारहे स्वीकारण् करले बा ओ नागरिक, जनगणना तथा कानूनी पहिचानके क्षेत्रमे कुछ महत्वपूर्ण प्रगती हुइल उहाँ जनैली ।

संविधानके प्रस्तावनासे सामाजिक न्याय सहित सक्कु नागरिकके समान सहभागिताके वाचा करठ । मने, यी प्रगतिशील प्रतिज्ञाके बाबजुदफे लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदाय नेपालमे अभिनफे सबसे ढेर बहिष्कृत ओ संस्थागत रूपमे उपेक्षित समूहमध्ये परठै ।
संविधानके धारा ४२ मे ‘आर्थिक, सामाजिक वा शैक्षिक रूपमे पाछे परल महिला, दलित, आदिवासी जनजाति, मधेशी, थारू, मुस्लिम, अल्पसंख्यक, अपांगता हुइल व्यक्ति, लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक तथा पाछे परल क्षेत्रके नागरिक’हे राज्यके सक्कु अंगमे समावेशी सहभागिताके हक प्रत्याभूत करल बा ।
नेपाल एशियामे लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यकके कानूनी मान्यताके दृष्टिकोणसे अग्रणी देश मानजाइठ, लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यकके नागरिकता, समलैङिक सम्बन्धके गैरअपराधीकरण, अन्तरलिंगी बालबालिकाउप्पर जबर्जस्ती सर्जरी विरुद्धके चेतना आदिमे नेपालसे महत्वपूर्ण कदम चालल बा ।
एकता नेपालके कार्यकारी निर्देशक राज चौधरी अपने भोगल अनुभव सुनैटी लम्मा यात्रा करेबेर चर्पीके समस्या हुइबेर विना पानी खाइल यात्रा कैना बाध्य हुइल बटैठी । उहाँ कहलै मै केल्ह नाही सक्कु लैगिङक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायहे ओस्टे समस्या बा । डगरेम मैत्रीपूर्ण शौचालयके व्यवस्था करल नैहो । जिहीसे समस्या भोग्टी आइल बटी ।
कार्यक्रममे संचालन एकता नेपालके अध्यक्ष कृति चौधरी करल रही । कार्यक्रममे फाया नेपालके शेरबहादुर बस्नेत, निडस नेपालके विनोद कडारा, पिसविन नेपालके कमला बुढाथोकी, ओरेक कैलालीके विष्णु रेग्मीलगायतसे आपन आपन बाट राखल रहिट ।




