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[ वि.सं २८ असार २०८३, आईतवार ]
[ 12 Jul 2026, Sunday ]

’मृत्युगञ्जके मौनता’ सार्वजनिक ः कविता समाज विचलनके दस्तावेश

पहुरा | २८ असार २०८३, आईतवार
’मृत्युगञ्जके मौनता’ सार्वजनिक ः कविता समाज विचलनके दस्तावेश

पहुरा समाचारदाता
काठमाडौं, २८ असार ।
कवि केशव निमेषके नवीन कवितासङ्ग्रह ’मृत्युगञ्जके मौनता’ शनिच्चर काठमाडौंमे आयोजित एक विशेष समारोहबीच सार्वजनिक करल बा । शिखा बुक्ससे प्रकाशित उ कृतिके साहित्य, राजनीति ओ सामाजिक क्षेत्रके व्यक्तित्वहुकनके उपस्थितिमे विमोचन करल हो ।

कार्यक्रममे नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानके निवर्तमान कुलपति भूपाल राई ’मृत्युगञ्जके मौनता’ समकालीन नेपाली समाजके अन्तर्विरोध, मानवीय संवेदना ओ समयके गहिर बेचैनीहे कवितामार्फत सशक्त ढङ्गसे अभिव्यक्त कैना कृति हुइल बटैलै । उहाँ केशव निमेषके कवितासे युगीन चेतना, प्रतिरोध ओ मानवीय मूल्यहे कलात्मक रूपमे प्रस्तुत करल उल्लेख करटी यी सङ्ग्रह समकालीन नेपाली कवितामे अर्थपूर्ण योगदान हुइना विश्वास व्यक्त करलै ।

सामाजिक अभियन्ता तथा कवि अस्मिता वादीसे कवितासङ्ग्रहसे समाजमे दबल आवाज, मौन बनाइल जीवन ओ सीमान्तकृत समुदायके अनुभूतिहे संवेदनशील रूपमे अभिव्यक्त करल बटैलै । उहाँ साहित्य केवल सौन्दर्यबोधके विषय नैहुके सामाजिक रूपान्तरणके माध्यमफे रहल उल्लेख करटी निमेषके कवितासे पाठकहे पुछना ओ समाजहे नयाँ दृष्टिसे हेर्ना प्रेरित कैना धारणा रख्लै ।

कार्यक्रममे प्रतिनिधिसभाके सांसद सुरेश कुमार चौधरी, खड्गबहादुर बुढा ओ रमेश मल्लसे कविता सङ्ग्रहउप्पर शुभकामना तथा समीक्षा प्रस्तुत करल रहिट । उहाँहुक्रे साहित्यसे समाजहे मानवीय, संवेदनशील ओ लोकतान्त्रिक चेतनाओर डोहरैना महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह कैना उल्लेख करटी ’ मृत्युगञ्जके मौनता’ से समकालीन नेपाली समाजके यथार्थहे प्रभावकारी ढङ्गसे उजागर करल धारणा व्यक्त करलै ।

कार्यक्रमके प्रारम्भमे शिखा बुक्सके प्रकाशक पुष्पराज शर्मा स्वागत मन्तव्य व्यक्त करटी साहित्य सिर्जना ओ प्रकाशनहे निरन्तरता डेना पाठक, लेखक ओ प्रकाशकबीचके सहकार्य आवश्यक रहल बटैलै । उहाँ गुणस्तरीय नेपाली साहित्यहे पाठकमाझ पुगैना प्रतिबद्धताफे व्यक्त करलै ।

कार्यक्रमके अन्त्यमा कवि केशव निमेषसे अपन लेखन यात्राके अनुभव साझा करटी कविता आपन समय, समाज ओ मनैनसंगके निरन्तर संवाद हुइल बटैलै । उहाँ ’मृत्युगञ्जके मौनता’ आपन व्यक्तिगत अनुभूति केल्ह नैहुके समाजके असङ्ख्य आवाजके प्रतिनिधित्व कैना प्रयास हुइल उल्लेख करलै । कार्यक्रममे उपस्थित सक्कुहुनप्रति आभार व्यक्त करटी उहाँ पाठकके प्रतिक्रियासे अपन अइना सिर्जनाहे थप ऊर्जा प्रदान कैना विश्वास व्यक्त करलै ।

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