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[ वि.सं १७ भाद्र २०८३, बुधबार ]
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जलवायु परिवर्तन विश्वके साझा जिम्मेवारी हो : प्रधानमन्त्री शाह

पहुरा | १७ भाद्र २०८३, बुधबार
जलवायु परिवर्तन विश्वके साझा जिम्मेवारी हो : प्रधानमन्त्री शाह

पहुरा समाचारदाता
काठमाडौं, १७ भदौ । प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाहले रसुवा बारह्के घटना जलवायु परिवर्तनसंग सम्बन्धित रहल ओरसे उबारे अन्तर्राष्ट्रिय समुदायहे जानकारी कराइ पर्ना बटैले बटै । बुधके रोज प्रतिनिधिसभामे सम्बोधन कैटी उहाँ हिमालय क्षेत्रमे जोखिम बह्रल ओरसे इ विश्वके साझा जिम्मेवारी रहल उल्लेख करलै ।

‘जलवायु परिवर्तनके कारण हमारमाझ अइसीन विपद् आइलागल,’ प्रधानमन्त्री शाह कहलै,’हिमालय क्षेत्रमे जोखिम बह्रल इहीसे डेखाइठ् । ओहेमारे इ विपद्मा हम्रे अन्तर्राष्ट्रिय समूदायहे कहेपरी । इ विश्वके साझा जिम्मेवारी हो ।’

सम्बोधनके क्रममे प्रधानमन्त्री शाह रसुवाके बारह्हे रसुवा, नुवाकोट ओ धादिङ किल नैहोके सिंगो नेपालके छातीमे परल साझा बज्रपात फेन कहले बटै ।
‘इ पीडा रसुवा, नुवाकोट ओ धादिङके किल नैहो । इ सिंगो नेपालके छातीमे परल साझा बज्रपात हो ।’

भदौ १० गते भोटेकोशी–त्रिशूली लडियामे आइल बारह्से रसुवाके टिमुरे, स्याफ्रुवेशी, बेत्रावती, नुवाकोटके त्रिशूली बजार ओ देवीघाटलगायत धादिङ, चितवन ओ गोरखा जिल्लाके त्रिशूली लडिया तटीय क्षेत्र प्रभावित हुइल बा ।

राष्ट्रिय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरणके अनुसार बारह्मे १ हजार ११४ जनहनके शव फेला परल बा, ३ हजार ९१६ जाने सम्पर्कविहीन बटै ओ ११ हजार ९९३ जनहनके उद्धार करल बा ।

राष्ट्रिय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरणके अनुसार रसुवामे ४१, नुवाकोटमे १५५, धादिङमे ५९, चितवनमे ३४८, गोरखामे ६६, तनहुँमे ३८, नवलपरासी पूर्वमे २१७ ओ नवलपरासी पश्चिममे १९० जाने सहित १ हजार ११४ जनहनके शव फेला परल हो । उहे बारह्मे परके ३ हजार ९१६ जाने सम्पर्कविहीन बटै कलेसे २९२ जाने घाहिल हुइल बटै ।

उहे बीच प्रधानमन्त्री शाह इ बेला शरिर थकित हुइल कहिके विश्राम लेना छुट नैरहल बटैले बटै । उहाँ सङ्कटके इ घडीमे देशके नेतृत्व आँस नैहोके, जनताहे हिम्मत, आड ओ भरोसा डेहे पर्ना यथार्थहे अपने स्वीकार कैके अहोरात्र खटल उल्लेख करलै । उहाँ मन रुइलेसे फेन एक–आपसमे बिलौना कैना समय झनै नैरहल बटैलै । प्रधानमन्त्री शाह कहलै, ’उहे दृढ सङ्कल्प ओ साहसके साथ इ विपत्तिसंग लर्ना हमारठन औरे विकल्प नैरहे ओ नैहो । हम्रे लर्टी रहल बटी ।’

आपन सपना डेख्टी रहल नानीबाबु, हाँसीखुसीके साथ बैठल डाइबाबा, दादाभैया तथा दिदीबहिनीयाहे बारह्से क्षणभरमे खोसके लैगिल बटैटी उहाँ इ अकल्पनीय विपत्तिमे परके ज्यान गुमुइया सम्पूर्णमे श्रद्धाञ्जली अर्पण करल रहिट । साथे उहाँ आपन मनै गुमाके गहिर शोकमे परल परिवारजनप्रति समवेदना प्रकट करल रहिट ।

प्रधानमन्त्री शाह घाइते हुइल सबके शीघ्र स्वास्थ्यलाभके कामना कैटी आपन मनै आभिन फेला नैपरके डगरा हेरटी रहल नागरिकके पीडा फेन अपने गहिरसे महसुस करल उल्लेख करलै ।

’इ पीडा रसुवा, नुवाकोट वा धादिङके किल नैहो, इ सिङ्गो नेपालके छातीमे परल साझा बज्रपात हो । बारह्मे परल नागरिकके कारुणिक चित्कार सुनेबर मोर छाती जुर हुइठ्’, उहाँ कहलै ।

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