वालविवाह निवारणके लाग भल्मन्सनसे छलफल
कैलाली, १८ कुवाँर । वालविवाह निवारणके लाग भल्मन्सा/बडघरके भुमिका विषयमे छलफल तथा अन्तरक्रिया कार्यक्रम कैगिल बा ।
सिडिसी नेपालके आयोजनामे वालविवाह निवारणके लाग भल्मन्सा/बडघरके भुमिका विषयमे दुई दिने अन्तरक्रिया कार्यक्रम धनगढीमे कैगिलक हो ।
बाल अधिकार, मानव अधिकार सम्बन्धित विद्यामान कानुन निती तथा कानुनी प्राबधानबारे छलफल कैना बालबिबाह एकर कारण परिणाम तथा रोकथामके उपाय बारे बुझाइमे एकरुपता कैना बालबिबाहके रोकथामके लग भल्मन्सा स्थानीय, प्रदेश, संघ सरकार बाल सञ्जाल नागरिक समाज संघसंस्था तथा अन्य सरोकारवालाबीच सहकार्य ओ समन्वय सुदृढ कैना बालबिबाह रोकथाम तथा बालबलिकाके अधिकार प्राबधानके लाग समुदायस्तरमे कार्यान्वयन करेसेक्ना व्यावहरिक कार्ययोजना तथा प्रतिबद्धता विकास कैना उद्देश्यसे छलफल तथा अन्तरक्रिया कार्यक्रम आयोजना करल सिडिसि नेपालके कार्यक्रम अधिकृत एकराज बडु जनैलै ।
कैलाली ओ कञ्चनपुरके भल्मन्साहुकनके सहभागितामे हुइल दुई दिने छलफलसे बालविवाह निवारणके लाग दुनु जिल्लाके भल्मन्साहुक्रे १० वुँदे प्रतिवद्धता जनैले बटै ।
सामुदायिक विकास केन्द्र डोटी ओ बाल अधिकार र सशक्तीकरणका लागि सामूहिक पहल, सुदूरपश्चिम प्रदेश सञ्जालके समन्वयमे आयोजित “बाल विवाह निवारणके लाग भल्मन्सा बडघरहुकनके भूमिका विषयक कार्यशालामे सहभागी भल्मन्साहुक्रे बालबालिकाके अधिकार, शिक्षा, संरक्षण ओ सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कैना अपन समुदायमे बालविवाह निवारणके लाग सक्रिय भूमिका निर्वाह कैना प्रतिवद्धता व्यक्त करल हुइट ।
भल्मन्साहुकनसे करल प्रतिवद्धतामे अपन समुदायमे बाल विवाह नैकैना ओ नैकरैना बातावरण निर्माण कैना सक्रिय भूमिका निर्वाह कैना कहले बटै ।
२० वर्ष उमेर नैपुगके भोज करे नैहुइना कानुनी प्रावधानके बारेमे समुदाय, अभिभावक, बालबालिका तथा किशोर–
किशोरीहुकनहे जानकारी करैना कहल बा । बालविवाह हुई सेक्ना जोखिम तथा सम्भावित घटनाके समयमे पहिचान करके सम्बन्धित निकायहे सूचना डेना तथा आवश्यक समन्वय कैना, साथे समुदायमे २० टरेक भोज कानुनी रुपमे बर्जित रहल ओरसे उ भोजमे सहभागी नैहुइना ओ औरहेफे सहभागी नैहुइना आग्रह कैना कहल बा ।
बालविवाह निवारणके लाग अभिभावक, वाल क्लव, किशोर–किशोरी, युवा, विद्यालय तथा समुदायके अगुवाहुकनसंग नियमित संवाद ओ छलफल कैना कहल बा ।
बालबालिकाहे निरन्तर शिक्षामे जोरना, विद्यालय छोरना अवस्था रोक्न तथा अपन भविष्य निर्माण कैना प्रोत्साहित कैना कहल बा ।
वडा कार्यालय, बाल कल्याण अधिकारी, विद्यालय, प्रहरी, महिला तथा बालबालिका सम्बन्धी शाखा ओ अन्य सम्बन्धित निकायसँग आवश्यक समन्वय ओ सहकार्य कैना कहल बा ।
अपन समुदायमे बालविवाह, बाल श्रम, लागुऔषध दुव्र्यसन तथा बालबालिकाके अधिकारमे असर पर्ना अन्य सामाजिक कुरीति तथा जोखिमसे बालबालिकाहे जोगैना समुदायस्तरमे चेतनामूलक कार्यक्रम तथा अभियान संचालन कैना कहल बा । बालविवाह निवारणके लाग अपने करल प्रयास, उपलब्धी तथा डेखल चुनौतीके बारेमे समुदाय ओ सम्बन्धित स्थानीय तहसंग नियमित रूपमे जानकारी आदान–प्रदान कैना कहल बा ।
अपन पालिकाहे बालमैत्री स्थानीय तह तथा बाल विवाहमुक्त स्थानीय तह घोषणा कैना स्थानीय सरकारसँग आवश्यक पैरवी, समन्वय ओ सहकार्य कैना कहल बा ।
बालबालिकाके सर्वोत्तम हितहे प्राथमिकतामे रख्टी बाल अधिकार संरक्षण, बाल विवाह निवारण ओ बालमैत्री समुदाय
निर्माणके लाग अपन सामाजिक नेतृत्व ओ प्रभावहे सकारात्मक रूपमे प्रयोग कैना कहल बा ।
कार्यक्रममे रष्ट्रिय मानवअधिकार आयोगके उपसचिव प्रकाशराज भट्ट, मानव अधिकार अधिकृत विदेशराम चौधरी, सामाजिक बिकास मन्त्रालयके सामाजिक बिकास महाशाखा प्रमुख लोकेन्द्र भट्ट, युवा अभियन्ता ठाकुर प्रसाद करियाप्रधान, सिडिसिके कार्यक्रम संयोजक तिलक चौधरी, धनगढी नगर भल्मन्सा रोहित चौधरी लागयत सहजीकरण करटी बटै ।
मानव अधिकार, बालअधिकारके बिकासक्रम, नेपालमे बालअधिकारके अवस्था, कारण, असर ओ कानुनी व्यवस्थाबारे छलफल कैगिल बा । बाल बिबाह अन्त्यके लाग राष्ट्रिय कार्यन्वयनके कार्ययोजना २०८२ मे सरोकारवालाके भुमिकाबारे छलफल कैगिल बा ।
भल्मन्साके सामाजिक भुमिका, जिम्मेवारी ओ प्रभावकारी परिचालन ओ बालबिबाह न्यूनिकारणमे समुदायके भुमिकाबारे छलफल हुइल बा ।
बालबिबाहके जोखिम पहिचान, सूचना, प्रबाह ओ रोकथामे भल्मन्साके भुमिकाबारे, बालबिबाह रोकथाममे भल्मन्सा, अभिभावक, विद्यालय, बालक्लव ओ स्थानीय तहविचके समन्वयबारे छलफल हुइल बा ।
बालबिबाह न्यूनिकरणके लाग भल्मन्साके कार्ययोजना निर्माणबारे छलफल हुइल बा ।
