सामाजिक सन्जाल आज्कल सुचनाके बरवार माध्यम बनल बा । इहे क्रममे २०८२ पुस ६ गते वकिल जोहारीलाल चौधरीके असमायिक निधनके खबर सामाजिक सन्जालसे मिलल् । इ खबरले मन मुर्झा गइल । काजे कि उहाँसे हम्रे संग्संग्हिक रहि । महिसे केवल एक बरसले
हालै नेपालमा २०८२ भाद्र २३ र २४ गते भएको जेनजी आन्दोलनका बारेमा सम्पूर्णसबै लाई सर्बबिधितै छ । यसै आन्दोलन बाट बेलौरी नगरपालिका समेत अछुतो रहन सकेन । मेरो बुझाईमा जेनजी समूहको थुप्रै माग मध्ये प्रमुख दुई वटा माग रहेको पाएको
एक महिना आगे एकजाने १७ वर्षके किशोरीहे आफन्त मनोविमर्शके लाग लेके अइलैं । किशोरी एकडम निराश ओ कमजोर आत्मविश्वासके अवस्थामे रहि । मै एकान्तमे सुरक्षित वातावरण निर्माण कैके बाट करे लग्नु, उहाँक बाटमे अनुभूतिपुर्वक सुन्नु ओ कौनो
हरेक जातजातिके सभ्यताके विकास सँगसँग भाषा, कला, संस्कृति, मूल्यमान्यताके विकास हुइटि गैल ओ कालान्तरम मैगर संस्कृति बन पुगल । थारु जाति कला संस्कृतिम बहुट धनी ओ सम्पन्न जातिके रुपम चिहिन्जाइठ । थारु समुदायम मनाजिना विविध चाडपर्वमध्ये
थारु किसान दक्षिण एसिया आउर नेपाल के इतिहासमे किसान आन्दोलनके एकथो बहुत बरवार हिस्सा ओगथ्थै। थारु पहिचान आउर राजनीतिक, आर्थिक संघर्ष आठारौं शताब्दी से सुरु हुके आजतक फेन चल्ती रहल बा। नेपाल जब एकथो बरवार नेपालमे एक नइ हुइल रहे तब
आज नेपालसे भोग्टी रहल प्रमुख चुनौतीमध्ये रोजगारी अभाव सबसे गहिर समस्या बनसेकल बा । प्रत्येक वर्ष हजारौं युवाशक्ति विदेश जैना क्रम बह्रटी बा मने ओकर मूल कारणमे सरकारके योजनाविहीन नीति, उद्योगविहीन आर्थिक ढाँचा ओ स्थानीय रोजगारी
कमैया मुक्ति घोषणा हुइल २५ वर्ष पुगल बा । २०५७ सावन २ गते सरकारसे कमैया मुक्तिके घोषणा करले रहे । मुक्ति घोषणा हुइल वर्ष जन्मल मुक्त कमैयाके छावाछाइ लक्का जवान हुइल बटैं, जिहिनहे ओइनके अभिभावक कैसिक जमिन्दारके सास्ती खेपल पटा नैहो