थारु राष्ट्रिय दैनिक
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हरेक दुःख, सुखमे साथ डेहुइयाफें संगीत हो

पहुरा | ४ असार २०७९, शनिबार
हरेक दुःख, सुखमे साथ डेहुइयाफें संगीत हो

कञ्चनपुर जिल्लाके भिमदत्त नगरपालिका वडा नम्बर–१, राजीपुर गाउँके पटुहिया हुइटि समु चौधरी । थारु कलाकारिता जगतमे एकठो फरक पहिचान बनाइल मेहनति ओ लगनशिल कलाकार मध्ये एक हुइँट् । हुँंकार जलम वि.स. २०५२ साल पुस महिनाके १ गते बाबा श्यामलाल चौधरी ओ डाइ दुर्गादेवी चौधरीके कोखसे बेलौरी नगरपालिका–३, रिछाहा गाउँ कञ्चनपुरमे जलम हुइलिन । उहाँ थारु आधुनिक गीत ओ लोक सांगीतिक क्षेत्रमे नाम ओ दाम कमाइल मोडेलके रुपमे स्थापित हुइल बटि । समु एक दर्जनसे ढेर थारु ओ नेपाली गीतमे मोडेल खेल सेक्ले बटि । इहे क्रममे हुँकार सांगीतिक क्षेत्रमे केन्द्रित होके पत्रकार सागर कुश्मीसे करल छोट्मिठ बाटचिट यहाँ प्रस्तुत कैल बा ।

अप्ने कलाकारिता क्षेत्रओर कहियासे लग्ली ? गीतमे खेल्ना आशिर्वाद कहाँसे मिलल ?

– मै इ क्षेत्रमे २०७६ सालसे लग्नु कहे परल । मै घरे बैठके टिकटक बनाके पोष्ट करुँ । उ टिकटक हेरके विदेशमे रहल महेन्द्र चौधरी महिन प्रोत्साहन डेलैं । भिडियो खेले परल बरु कहाँ, कैसिक सहयोग करेक परि हम्रे करब कहटी, मोर टिकटक मोडल विवस चौधरीके ठन पुगाडेनै । टबमोरे टिकटक हेरके विवस जी महिनहे भिडियो खेल्ना मौका डेलैं । मै पहिल भिडियो चर्चित मोडेल विवस चौधरीसे धोती डान्स कना आधुनिक गीतम मोडेल कर्नु । ओकर बाड गोठेक लेहेंगा कना गीतमे चर्चित हिरो मुन थारु संगे कर्नु । ओस्टेक मोर कला थारु ईन्डस्ट्रीजमे मै डेखैना मौका पैनु ओ दर्शक ओइनके माग अनुसार मै टमान थारु ओ नेपाली गीत मार्फत पन कला डेखैना मौका पैटि बटुँ ।

अप्नेक बाल्यकाल कैसिक बिटल बटा डिइ ना ? जिन्गीमे सबसे यादगार पल कुछ बा, जौन कबु नै भुले सेक्ना ?

– पर्हके, खेलके मजैसे बिटलल कहे परल । चुन्नीके सारी बनाके नचना, गुल्ली डण्डा, बुक्रीभाँरा खेल्ना नैबिस्रैना पल हो । जहाँ टहाँ नाचलके कारण गारी पैलकफें नैबिस्रैना पल हो ।

अब्बेसम नेपाली ओ थारु मिलाके सक्कु कैठो सम खेल सेक्ली ?

– अब्बेसम थारु ओ नेपाली मिलाके १ दर्जनसे ढेर होगिल बा । लावा लावा अभिन अइना क्रम जारी बा ।

गीतसंगीत क्षेत्रमे लागके का पैली ओ का गुमैली ?

– पब्लीसिटी, इज्जत, पहिचान पैनु ओ ईन्डष्ट्रिजमे अपनहे चिन्हैना मौका पैनु । अपन घर परिवारके मजा सपोर्ट पैलेसेफें जन्ना बुझ्ना मनैंफें कोइ काइ बात कटठैं टे आपनत्व गुमाइल हस लागठ ।

अप्नेहे सक्कु मेराइक गीतमे अभिनय करल डेख्जाइठ । खास कैके कसिन गीतहे प्राथमिकता डेठी ? कैसिन गीत मन परठ ?

– थारु सांस्कृतिक नाचहे प्राथमिकता डेठुँ । मनो अब्बे सब मेराइक गीतमा भिडियो खेल्ले बटुँ । जस्ते अफर आइठ ओस्टे गीतमे अपन कला डेखैटी आइल बटुँ ।

अपन खेलल गीत मध्ये सबसे मन पर्ना गीत कौन हो ?

– अपन अभिनय करल गीत टे सक्कु मन परठ मने अभिनसमके खेलल मध्य लेहेंगा चोलियम सुघरकी छैली कना थारु गीत अभिनसमके मोर सप्से मन परल गीत हो  ।

गीतमे खेल्के यहाँ सम पुगसेक्ली । इ समयमे कैसिन कैसिन दुख, समस्या, ओ बाधा अड्चन आइल ?

– पारिवारिक, सामाजिक, व्यक्तिगत समस्याफें आइल । मने तर सब समस्याहे पार कर्टि आघे बर्हटुँ ।

एक्ठो सफल कलाकार बनक लाग का का करे परठ ? संगीत साधना कहाँसे सिख्ली ?

– सफल कलाकार बनेक लाग त सबसे पहिले मेहनत, लगनशिलता, अनुशासन ओ मौका सबसे महत्वपूर्ण हो जैसिन महिन लागठ । छोटेसे घरहीमे अभ्यास करटी, भिडियो हेरटी साधना सुरु कैनु ओ आझ यहाँ सम पुग्नु ।

अभिनय बाहेक आउर का कैके समय बिटाइटी ?

– महिला हुइलेक कारण घरपरिवारके जिम्मेवारी ढेर वा, खेतीपाती, सास ससुरा ओइन सेवा करटी समय बिटठ ।

मनैंनके जिन्गीमे गीत संगीतहे कैसिक परिभाषित कर्ठी ?

– मनैन के जीवन मे संगीत बहुत महत्वपूर्ण पक्ष हो । परम्परागत रुपमे हेर्लेसे हरेक जातजातीनके अपन संस्कृति बा उहे संस्कृतिमे संगीत नुकल बा । उहे संगीत्के आधारमे टमान जातजाती ओइने अपन पहिचान डेटि आइल बटैं । हरेक दुःख, सुखमे साथ डेहुइयाफें संगीत हो जैसिन महिन लागठ ।

भविस्यमे का बन्ना सपना बोकले बटी ?

– एक जिम्मेवार पटुहिया ओ एक सफल कलाकार बन्ना सपना बा ।

ओरौनीमे कुछ बाँकी बात बा कि कहे पर्ना ?

– महिन यहाँसम पुगैनामे साथ, सहयोग, सपोर्ट करुइया सक्कु जनहन हृदयसे धन्यवाद डेना चाहटुँ । मोर हरेक भिडियोमे सकारात्मक ओ नकारात्मक सुझाव डेके हौसला ओ सुधार कर्ना सुझाव प्रदान करुइया सक्कु संघरियनहे ढेरसे ढेर धन्यवाद डेना चाहटुँ । मोरिक हरेक पैलमे साथ डेहुइया मोर अपन परिवारहेफें हृदयसे धन्यवाद डेना चाहटुँ । ओस्टके हजुरहे सैगर सम्झ्ना ओ धन्यवाद ।


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