लैगिङक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके लाग अवाज उठैना प्रतिवद्धता
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ३० असार । सुदूरपश्चिम प्रदेश सभा सदस्यहुक्रे लैगिङक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके अवाज सदनमे उठैना प्रतिवद्धता जनैले बटै ।
मंगरके रोज रोज धनगढीमे एकता नेपालके आयोजनामे सुदूरपश्चिम प्रदेश सांसदहुकनसंग लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके विषयमे हुइल अभिमुखीकरण कार्यक्रममे सांसदहुक्रे अवाज उठैना प्रतिवद्धता जनाइल रहिट ।
छलफल तथा अभिमुखीकरण कार्यक्रममे सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके सामाजिक विकास समितिके सभापति धर्मराज पाठक सक्कु जनहन एक्के डालो धारके हेर्ना प्रवृति अभिनफे कमी नैआइल बटैलै ।
अभिनसम सक्कु जनहनहे एक्के क्याटागोरीमे धारके हेर्ना प्रवृति बा, समितिके सभापति पाठक कहलै, सामाजिक मुद्दाहे कम महत्व डेना चलन बा । सामाजिक विकास कैना जरुरी बा । यिहीहे विस्तारे परिवर्तन कैनाफे जरुरी बा ।

नयाँ शिरासे छलफल करे सक्कु जाने खुल्टी आइल उहाँ बटैैलै । नीति योजनामे यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यक समुदायके लाग आवास गृहके बाट उठल उहाँ बटैलै ।
प्रदेश उप–सभामुख कोइलीदेवी चौधरी अब्बे यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यकहुकनके बारे जानकार हुइटी गैल ओरसे वहाँहुकनके हकअधिकारके लाग सदनमे आवाज उठैना थप व्यवस्था कैना प्रतिवद्धता जनैली ।
उहाँ कहली, गाउँ ठाउँमे यी समुदायके ढेर व्यक्ति रहल मने सामाजिक हेपाईके कारण बाहेर आइ नैसकल कारण सही तथ्याङक लेना जरुरी रहलफे उहाँ बटैली ।
एकता नेपालके कार्यकारी निर्देशक राज चौधरी नेपालके संविधान २०७२ मे लैङिक तथा यौनिक अल्पसख््यक समुदायके लाग टमान हक अधिकार सुनिश्चित करल मने सामाजिक पूर्वग्राह ओ विभेद जारी रहल बटैलै । उहाँ कहली, ‘नागरिक पैना सवालमे होए वा शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगारीके सवालमे होए लैङिक तथा यौनिक अल्पसख््यक समुदाय विभेद खेप्टी आइल बटै ।
लैङिक तथा यौनिक अल्पसख्यक समुदाय शिक्षा तथा जानकारीमे सीमित पहुँच, रोजगारी तथा आर्थिक अवसरमे असमानता, मानसिक स्वास्थ्यमे असर, सामाजिक बहिष्कारण ओ असुरक्षाके अनुभूति, जीवनस्तर ओ अवसरमे दीर्घकालिन प्रभाव परल निर्देशक राज बटैलै ।
सन २०२३ मे सर्वोच्च अदादतसे समलिङगी विवाहके अस्थायी दर्ताके डगर खुला कैना ऐतिहासिक आदेश डेहल रहे, मने समलिङगी विवाह करुइयाहे समाजसे स्वीकार करे नैसेकल कारण सम्बन्ध विच्छेद कैना अवस्था रहल उहाँ बटैलै ।
नेपालके संविधान २०७२ से लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके अधिकारहे स्वीकारण् करले बा ओ नागरिक, जनगणना तथा कानूनी पहिचानके क्षेत्रमे कुछ महत्वपूर्ण प्रगती हुइल उहाँ जनैली ।
संविधानके प्रस्तावनासे सामाजिक न्याय सहित सक्कु नागरिकके समान सहभागिताके वाचा करठ । मने, यी प्रगतिशील प्रतिज्ञाके बाबजुदफे लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदाय नेपालमे अभिनफे सबसे ढेर बहिष्कृत ओ संस्थागत रूपमे उपेक्षित समूहमध्ये परठै ।
संविधानके धारा ४२ मे ‘आर्थिक, सामाजिक वा शैक्षिक रूपमे पाछे परल महिला, दलित, आदिवासी जनजाति, मधेशी, थारू, मुस्लिम, अल्पसंख्यक, अपांगता हुइल व्यक्ति, लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक तथा पाछे परल क्षेत्रके नागरिक’हे राज्यके सक्कु अंगमे समावेशी सहभागिताके हक प्रत्याभूत करल बा ।
नेपाल एशियामे लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यकके कानूनी मान्यताके दृष्टिकोणसे अग्रणी देश मानजाइठ, लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यकके नागरिकता, समलैङिक सम्बन्धके गैरअपराधीकरण, अन्तरलिंगी बालबालिकाउप्पर जबर्जस्ती सर्जरी विरुद्धके चेतना आदिमे नेपालसे महत्वपूर्ण कदम चालल बा ।
एकता नेपालके कार्यकारी निर्देशक राज चौधरी अपने भोगल अनुभव सुनैटी लम्मा यात्रा करेबेर चर्पीके समस्या हुइबेर विना पानी खाइल यात्रा कैना बाध्य हुइल बटैठी । उहाँ कहलै मै केल्ह नाही सक्कु लैगिङक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायहे ओस्टे समस्या बा । डगरेम मैत्रीपूर्ण शौचालयके व्यवस्था करल नैहो । जिहीसे समस्या भोग्टी आइल बटी ।
कार्यक्रममे आशिका चौधरी परिवारमे समेट नैस्वीकरण बटैली । यी समुदायहे रोजगारी, स्वास्थ्यके समस्या समेट रहल बटैली
ओस्टेक रामजनम रानाफे अपनहे पाछे पहिचान करे सेकल कहटी अब्बे समाजमे अपनहे चिन्हैना समस्या रहल बटैलै । उहाँ उहाँ अपने रोजगारीके लाग एप्लाई करलबेला अस्विकार करलफे जनैलै ।
कार्यक्रम संचालन एकता नेपालके अध्यक्ष कृति चौधरी करल रही । कार्यक्रममे प्रदेश सभा सदस्य जानकी कुवँर, इन्दिरा गिरी, कैलाश चौधरी, लक्ष्मी विक, तुल्सी देवकोटा, डम्मरी महरा, एकता नेपालके सन्दिप भुजे लगायतके सहभागिता रहे ।
