बजेट विवादसे पाछे धकेलल विकासके काम
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १८ कार्तिक । चालु आर्थिक वर्ष २०८३÷८४ मे उत्पन्न बजेट विवादके कारण इ प्रदेश विकासनिर्माणमे पाछे परल बा । कुवाँरसम बजेटविहीन प्रदेश सरकारसे ओस्टे महिनाके अन्तिममे बजेट ल्याकेफे विवाद कहलै अभिन सुल्झल नै हो ।
बजेटमे सत्तापक्षके चर्को असहमति हुइलपाछे संसदीय समिति गठन करके छानबिन कैना तयारी हुइटीरहल बा । समितिसे बजेटउप्पर छानबिन करके तयार पारल प्रतिवेदनके आधारमे पूरक बजेट ल्यानल सरकारके प्रतिबद्धता बा । बजेटमे विवाद ओ अन्योल कायम रहलपाछे आयोजना कार्यान्वयन कैना ढिलाइ हुइटीरहल बा ।
सरकारसे कुवाँरमे बजेट ल्यानलफे विकासनिर्माणमे ढेर पाछे परसेकलके सुदूरपश्चिम प्रदेश सभाके सामाजिक विकास समितिके सभापति धर्मराज पाठक बटैले बटै । उहाँ कहलै, “मोर समितिसँगे सम्बन्धित सामाजिक विकास मन्त्रालय ओ भूमि, व्यवस्था, कृषि ओ सहकारी मन्त्रालयके काम प्रभावित हुइल बटै ।
चालु आवमे प्रदेश सरकार विकासनिर्माणमे ढेर पाछे परसेकल ।”प्रदेश सरकारसे प्रत्येक आवके लग असार १ गते प्रदेश सभामे बजेट पेस करेकपर्ना संविधानसे व्यवस्था करल बा ।
सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारसे चालु आवके लग असारमे प्रस्तुत करल बजेट पारित नैहुइलपाछे साउनसे कुवाँर मसान्तसम प्रदेशमे बजेट शून्यता हरइल रहे । सरकारसे कुवाँर अन्तिम साता ३७ अर्ब ७० करोड ३९ लाखके दोसर बजेट ल्यानलफे विवादके कारण अन्योल कायम रहल बा ।
प्रदेश सरकारसे पूरक बजेटसमेत ल्यानल कहटी बजेट अन्योलता सिर्जना करल प्रदेश लेखा नियन्त्रक कार्यालयके प्रमुख वासुदेव जोशी बटैलै । “ओस्टेक ते बजेट नैहुइट कामकाज ढिला हुइसेकल रहे,” उहाँ कहलै, “बजेट विवादसे आयोजनाके काम अभिन पाछे धकेलल बा । अभिन पूरक बजेट ल्यानल बाट बा, अब्बे पारित हुइल बजेटसे अन्योल बह्रल बा ।”
जोशीके अनुसार प्रदेश सरकारके पुँजीगत खर्च जम्मा ०.८ प्रतिशत बा । बजेट ल्यानलके एक महिना पुग्टी करके चालु खर्च भर पाँच प्रतिशत पुगलके जोशीसे उल्लेख करल बटै । उहाँ कहलै, “विकासनिर्माणके आयोजना ते कार्यान्वयनमे गिल नै हो ।”
चालु आवके प्रथम चौमासिक सेकल अब डेढ हप्ता बाँकी रहल बा । इ अवधि भरके आयोजनाके काम फिल्डमे सुरु करना समय हो । भौतिक पूर्वाधार विकास कार्यालय कैलालीके प्रमुख रामचन्द्र खत्री बजेट विवादसे आयोजना कार्यान्वयनमे असर परलके बटैले बटै । उहाँ कहलै, “पुँजीगत बजेट हुइल इ बेला फिल्डमे सर्भेके काम हुइट । उ कार्य करल नै हो ।”
बहुवर्षीय एवं पुराना योजनाके काम भर हुइटीरहलके खत्रीके कहाइ बा । उहाँसे लावा आयोजनाके ठेक्का सम्झौताके काम प्रभावित हुइल उल्लेख करल बटै ।