नेपाली भाषाके महाकवि लक्ष्मीप्रसाद देवकोटा साहित्य सजीव अनुभवक कलात्मक प्रकाशन हो कल बाट । अंग्रेजी साहित्यके मसिहा वर्डस्वर्ड प्रवल भावके सहज उच्छलन हो कैक परिभाषित कर्लबाट । साहित्य मानव भावके उद्घाटन हो कलसे साहित्यके माध्यमसे
नेपालीके सुन्दर भु–भागमे चिन्ह जैना सुदूरपश्चिमके सेती अंचलमे रहल कैलाली समथर भुभाग हुइलेक् ओरसे अन्न भण्डारके जिल्लाके रुपमे परिचित बा । यहाँक् ९० प्रतिशत सिमाना पानीसे छुट्याइल ओरसे यी जिल्ला ३ हजार २ सय ३५ वर्ग किलोमिटर क्षेत्रफलमे
कैलाली जिल्ला गाउँ, गाउँसे भरल जिल्ला हो । यहाँ १३ ठो स्थानीय निकाय बा । ओहे निकाय मन्से कैलारी गाउँपालिका वडा नम्बर ३ मोहनपुर (साविक हसुलिया–४) फेन एकठो थारु जातिनके किल बस्ती रहल गाउँ हो । मोहना लडियक् ढिकुवामे हुइलेक ओर्से इ गाउँक्
थारू भूमिपुत्र हुइट । सायद यी बातम दुईमत नै होकी, थारू मानव सभ्यताक प्रारम्भिक चरणथेसे जमिन, जंगल ओ जलसे डब्नीभिर्या खेल्टी अइल । इह ऐतिहासिक कारणसे थारून्हक हरेक संस्कृति, परम्परा, चाल चलन ओ सामाजिक मूल्य मान्यता जल, थल ओ जंगलमे
ओंरवा लेहेबेर लौव अग्रासन साप्ताहिक इहे अगहन २५ गते १४ बरसमे प्रवेश करलमे सब्से पैल्हे साप्ताहिक परिवारहे बहुट बहुट बधाइ बा । प्रकाशक, सम्पादक सन्तोष दहितके सामाजिक सन्जाल ओ इमेलमे अर्जि रहे, बार्षिकोत्सवके अवसरम विशेष अंकके लग
एकात्मक ओ केन्द्रीय शासन प्रणालीसे देशके दुरजराजमे, भौगोलिक, आर्थिक ओ सामाजिक रुपमे सीमान्तकृत समुदायहे समानुपातिक वितरण डेहे नैसेकठ कना यथार्थहे आत्मसाथ करटि गाउँ–गाउँमे सिंहदरवार पुगे, स्थानीय सरकार जनमुखी सेवा ओ सुविधा प्रदान