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स्वास्थ्य बिमा प्रमावकारी नैरहल गुनासो

पहुरा | २६ चैत्र २०७७, बिहीबार
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स्वास्थ्य बिमा प्रमावकारी नैरहल गुनासो

पहुरा समाचारदाचा
धनगढी, २६ चैत ।
नेपालमे स्वास्थ्य बिमा सुरु हुइल ५ बरस पुगल बा । विपन्न नागरिकहे स्वास्थ्यके पहुँचमे लानक लाग सरकारसे ०७२ सालमे सुदूरपश्चिमके कैलालीसे स्वास्थ्य बिमा कार्यक्रम सुरु करल हो । मने, सेवा प्रभावकारी नै रहल सेवाग्राही गुनासो करले बाटै ।

‘कार्यक्रमके उद्देश्य ढिउर मजा बा,’ धनगढी ५ तारानगरके हरिना भट्ट कहली, ‘कार्यान्वयन पक्ष भर फितलो बा । मै फेन स्वास्थ्य बिमा करले बाटुँ, सेवा लेना अस्पताल फेन पुग्नु मने सामान्य औषधी फेन निजी क्लिनिकसे अपनहे किने परल ।’

स्वास्थ्य बिमा करसेकलपाछे सेवा लेहे जाइबर अस्पतालमे ओत्र मजा व्यवहार नैकैरलै, कैलारी गाउँपालिका ४ के हरिष चौधरी कहलै, ‘औषधि अभाव कहिके बाहर किने पठैठै । सेवाके गुणस्तर वृद्धि कैना आवश्यक बा ।’

ढिउरहे स्वास्थ्य बिमा कार्यक्रम बारे जानकारी नैहो, सेती प्रादेशिक अस्पतालमे कार्यरत डा.जगदीश जोशी कहलै, ‘मोर घरके सक्कु जाने फेन स्वास्थ्य बिमाके बारेम जानकारी नैहो, यकर महत्व सर्वसाधारण सक्कु जनहनहे बुझैना सचेतनामूलक कार्यक्रम ओ प्रसारके आवश्यकता बा ।’

सुदूरपश्चिममे ३ लाखसे स्वास्थ्य बिमा

कैलालीसे सुरु हुइल स्वास्थ्य बिमा कार्यक्रम सुदूरपश्चिममे नै प्रभावकारी बने सेकल नैहो । स्वास्थ्य बिमा बोर्डके अनुसार २८ लाख जनसंख्या रहल सुदूरपश्चिममे हालसम ३ लाख ४१ हजार २ सय ४५ जाने किल स्वास्थ्य बिमा करले बाटै ।

जौन मध्ये सबसे ढिउर कैलालीमे १ लाख ७५ हजार २ सय बिमित रहल बाटै । अछाममे ३९ हजार ७ सय ४०, बझाङमे ३५ हजार २ सय १०, बाजुरामे ३० हजार ३ सय ४०, बैतडीमे १७ हजार ४ सय ९५, कञ्चनपुरमे २६ हजार १ सय ४५ ओ बैतडीमे १७ हजार ४ सय ९५ स्वास्थ्य बिमा करले बाटै ।

ओस्टके दार्चुलामे ८ हजार ४ सय ४५, डडेल्धुरामे ५ हजार ३ सय ७५ ओ डोटीमे ३ हजार २ सय ७६ बिमितके संख्या रहल बा । ‘सुदूरपश्चिम प्रदेशभर स्वास्थ्य बिमा लागु होसेकल बा,’ स्वास्थ्य बिमा बोर्ड सुदूरपश्चिम संयोजक जनक साउद कहलै, ‘आर्थिक अभावसे कोइ फेन अकालमे ज्यान गुमाइ नपरे कना उद्देश्यसे स्वास्थ्य बिमा सुरु हुइल हो, मने अब्बेसम हम्रे अपेक्षा अनुसार उपलब्धि हासिल करे सेकल नैहुइ ।’

भौगौलिक बिकटताके कारण फेन लक्ष्य पुरा करे नैसेकल साउँद बटैलै । ‘भौगोलिक विकटता संगे सेवा प्रदायक संस्था ओ विमितहुक्रनके अपेक्षामे तालमेल नै मिल्ना फेन समस्या हो,’ उहाँ कहलै, ‘विमितहुक्रे बिमा करसेकलपाछे सक्कु उपचारके ग्यारेन्टी लेहे परल कना अपेक्षा रख्ठै, मने हमार छुट्टे मापदण्ड रहठ् । बिमा सुरु हुइल ५ बरस पुग्लेसे फेन आभिन ढिउर इ बारेम जानकार नैहुइट,स्वास्थ्य बिमा प्रति आकर्षण बह्रैना सचेतनामूलक कार्यक्रममे जोड डेब ।’

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