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‘ लैङिक उत्तरदायी ओ समावेशी शासनके प्रवद्र्धन तथा डिजिटल सुरक्षा सम्बन्धी तालिम ’

महिलाके अर्थपूर्ण सहभागिता आवश्यकः जिसस प्रमुख

पहुरा | १३ चैत्र २०८२, शुक्रबार
महिलाके अर्थपूर्ण सहभागिता आवश्यकः जिसस प्रमुख

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १२ चैत ।
लैङिक उत्तरदायी ओ समावेशी शासनके प्रवद्र्धन तथा डिजिटल सुरक्षा सम्बन्धी सुदूरपश्चिम प्रदेश स्तरीय तीन दिने तालिम धनगढीमे सम्पन्न हुइल बा ।

महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक)के आयोजनामे ६ ठो स्थानीय तहके जनप्रतिनिधिहुकनहे लैङिक उत्तरदायी ओ समावेशी शासनके प्रवद्र्धन तथा डिजिटल सुरक्षा सम्बन्धी विषय बस्तुहे समेटके तालिम प्रदान कैगिल संस्थाके सुदूरपश्चिम प्रदेश संयोजक सपना थापा बटैली ।

तालिममे समावेशी बजेट निर्माण करेबेर अवस्था अनुसारके व्यवस्था करेपर्ना बाट सिखाइल बा । आपन वडाके टोलमे जाके टोलके समस्या बुझना ओ टमान समुदायके व्यक्तिहे भेला कराके अवश्यकता पहिचान कैना, पाछे पारल व्यक्ति, एकल महिला, शारिरीक आपाङता हुइल व्यक्ति, लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके व्यक्ति लाग आवश्यक बजेट विनियोजन करके जनचेतनामुलक कार्यक्रम चलैना बाट सिखाइल बा ।

जनप्रतिनिधिसे करेपर्ना काम जस्टे वडा ओ पालिकामे हुइटी रहल कामके जानकारी लेना ओ समुदायमे जाके जानकारी डेना, सार्वजनिक स्थलमे सूचना टाँस टँस्ना जस्टे विद्यालय, स्वास्थ्य संस्था, क्लव घर, समिति घर, चोक चोकमे, वडा कार्यालयमार्फत जानकारी कराईपर्ना बाट सिखाइल बा ।

तालिममे सार्वजनिक निकायमे सुझाव पेटिका रख्ना, प्राथमिक उपचार बाकस, विद्यालयमे सेनेटरी प्याडके व्यवस्था, बालमैत्री सम्बन्धी शिक्षकहे तालिम, नेपालके संविधानमे न्यूनतम ३३ प्रतिशत महिला सहभागी हुइपर्ना बाटहे प्रष्ट पारल रहे ।

वडा कार्यालय तथा पालिकाबाट प्रदान कैना सूचना स्थानीय तथा बुझना भाषामे उपलब्ध हुई पर्ना, महिला व पुरुष सम्मान कामके सम्मान ज्याला नीति बनाके कार्यान्वयन करेपर्ना बाट सिखाइल बा । एक महिला काम करलबाफत न्यूनतम १९६५० तोकल बा । जनप्रतिनिधिके भूमिका कौनोफे व्यक्तिहे सम्मानित शब्दवाली बनाके सार्वजनिक स्थानमे टँस्ना कहल बा ।
सार्वजनिक ठाउँमे स्तानपान कक्षके व्यवस्था हुईपर्ना, दलित तथा छाउपडी छुवाछुट हटाईपर्ना, वडा कार्यालयके बजेटसे पाछे पारल व्यक्तिहे न्यायमे पहुँच पुगैना मेरिह हुई पर्ना कहल बा । बैठक बैठसेकलपाछे निर्णय पढके हस्ताक्षर कैनालगायतके बाट सिखाई ओरेक सुदूरपश्चिम प्रदेश संयोजक थापा बटैली ।

तालिम समापन कार्यक्रमके प्रमुख अतिथि जिल्ला समन्वय समिति कैलालीके प्रमुख टिकाकुमारी चौधरी भुल संविधानमे महिलाहे ३३ प्रतिशत अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित करल मने उहीहे नैपुग्ना बल्की महिलाके सहभागितासेफे अर्थपूर्ण सहभागिता आवश्यक रहल बा ।

महिलाहुकनहे सहभागीके नाउँमे केल्ह सहभागिता कैना चलन बा, उहाँ कहली, ‘निर्णाय तहमे सहभागिता नैकराई महिलाहुक्रे पाछे परल, पाछे पारल बटै । उहाँहुकनके हकअधिकार सुनिश्चितता नैहुइल हो । बजेट निर्माण प्रक्रियामे महिलाके सहभागिता न्यून रना डेखगिल बा ।’

जेनजी आन्दोलनसे बहुट चिज सिखाइल ओरसे आब नेतृत्वकर्ताहे आघे बह्रेबेर विचार पुगाके आघे बह्रेपर्ना बा, डिजिटल युगके समय बा, उठबैस करेबेर ध्यान डेहे पर्ना बा, समय सुहाउदोफे रहल उहाँ बटैली ।

कार्यक्रममे कैलारी गाउँपालिकासे प्रतिनिधित्व कैके आइल वडा नम्बर ४ के वडा सदस्य हरिद्वारी चौधरी तालिमसे आपनहे उत्सुकता प्रदान करल कहटी योजना बजेट निर्माण प्रक्रिया, बाँडफाड कैना कैना बेला सक्रिय भूमिका निभैना बटैली । तालिममे अपने लैङिक उत्तरदायी ओ समावेशी शासनके प्रवद्र्धन तथा डिजिटल सुरक्षा सम्बन्धी ढेर बाट सिख्ना मौका पाइल कहटी व्यवहारमे लागु कैना बटैली ।

चुरे गाउँपालिका वडा नम्बर ३ वडा सदस्य धनसरा साउद जनप्रतिनिधि हुइबेर यिहे तालिम पैलेसे बहुट चिज करेसेक्ना बटैली । उहाँ कहली, तालिममे बैठेबेर करेपर्ना काम करे नैसेकल मने बचल एक बरसमे उपलब्धीमुलक समयमे लगानी कैना बटैली । ओस्टेक तालिममे सहभागी घोडाघोडी नगरके जनप्रतिनिधि वडा सदस्य गिता सुनुवार जीवनउपयोगी बाट सिखल कहटी प्रतिनिधिके हिसावसे व्यवहारमे लागु कैना बटैली ।

धनगढी उपमहानगरपालिका वडा नम्बर ८ के वडा सदस्य पार्वती गिरी जनप्रतिनिधिहुके ढेर काम करेपर्ना डेखल मने करे नैसेकल बटैली । उहाँ कहली, हम्रे पानी, विजुली वत्तीके पाछे ढेर लग्ली मने पाछे पारल महिला, सीमान्तकृत समुदायके लाग आघे ल्याने सेकल नैहुई । महिलाहुकनके जौन ठाउँमे सहभागी कराईपर्ना रहे उ ठाउँमे पुगाई सेकल हुई ।

तीन दिने तालिमके कुशल सहजकर्ता गीता सुवेदी तालिम सिखल बाट ठाउँमे ओ व्यवहार लागु करेसेक्लेसे केल्ह तालिम लेहल काम लग्ना बटैली ।

तालिम समापन कार्यक्रम ओरेक नेपालके सचिव संगिता अधिकारीके अध्यक्षतामे सम्पन्न हुुइल रहे । कार्यक्रममे उहाँ सामान सहभागितासे सुशासन, पारदार्शिता ओ विकास हुइना बटैली ।

महिलाहुकनके लाग वडा कार्यालयसे तिज मनैना, महिला दिवस मनैना बजेट विनियोजन कैलेसे कुछ नैहुई, उहाँ कहली, ‘महिलाके क्षमता अभिवृद्धि कैना जरुरी बा । महिला, अपाङता रहल व्यक्तिके पँहुच पुगैना बाट बा । पँहुच योग्य संरचना निर्माण करेपर्ना बा । जिविकोपार्जन सुधार करेपर्ना बा । समाजमे रहल कुरुति, कुसंस्कार हटाई पर्ना बा । सामाजिक मुल्य मान्यता हटाई पर्ना बा । ओकर लाग ढेरसे ढेर बजेट विनियोजना करेपर्ना बा । ओकर लाग हमार आवाज बल्गर हुके जाईपर्ना बा ।’
राज्यसे अन्तर्राष्टियस्तरमे टमान प्रतिवद्धता जनैले बा, यहाँ पञ्चबर्षिय योजना बनागिल बा, मने ओम्ने हमार करल काम जनतनठेन पुगल नैपुगल हेरेपर्ना जरुरी बा । सामाजिक लेखा परिक्षण, सार्वजनिक सुनुवाई करेपर्ना, लैगिङक समानता, सामाजिक समावेशीकरणके परिक्षण कैना हमार भूमिका हुईपर्ना उहाँ बटैली ।

राज्यले लेहल काममे संस्थासे इट्टा ठप्ना काम कैटी रहल बा, सक्कु जाने हम्रे अभियन्ता हुई हमार मुद्दा स्थापित हुइलेसे केल्ह राज्य समृद्ध हुई, सामाजिक न्याय हुई । कौनो मेरिक विभेद नैहुई सचिव अधिकारी कहली ।

तरङगिनी फाउण्डेशनके सहकार्यमे हुइल तालिम समापन कार्यक्रमके संचालन ओरेक सुदूरपश्चिम प्रदेश संयोजक सपना थापा करल रहिट । कार्यक्रममे तरङगिनी फाउण्डेशनके तरङगिनी संयोजक बबिता बराललगायत उहाँक टिम ओ ओरेकके टिमके सहभागिता रहे । तालिममे सहजकर्ता द्वाय गीता सुवेदी ओ पुरन ओली प्रशिक्षण डेहल रहिट ।

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