राज्यसे दास प्रथाके रुपमे रहल कमैया प्रथाहे २०५७ सावन २ गते मुक्त करल अब्बे २१ वर्ष पूरा हुइल बा । मुक्त कमैया बसोवास ५ जिल्ला दाड्ड, वाके, बर्दिया, कैलाली ओ कंचनपुरमे सरकारसे मुक्त कमैयाहुकनके व्यवस्थित पुनर्स्थापनाके लाग मुक्तकमैया
महिलाहुकनके लाग सार्वजनिक स्थलफे सुरक्षित नइरहल ओ टमान मेरिक हिंसाके सामना करे एक अध्ययनसे पुष्टि करले बा । ओरेकसे ३२१ जनहनहे समेटके करल एक अध्ययनमे ४० प्रतिशत (१२७ जाने) सार्वजनिक यातायातमे अपनेहुकन उप्पर हिंसा हुइल प्रतिक्रिया
विस्तृत शान्ति सम्झौता हुइल १५ बर्ष पुगेबेर समेत राज्यसे वेपत्ताहुकनके अवस्था सार्वजनिक करे नइसेक्ना राज्यके भारी कम्जोरी डेखल बा । शसस्त्र द्वन्दके समयमे राज्य ओ तत्कालिन विद्रोही पक्षसे वेपत्ता पारलहुकनके परिवार अभिनसम अपन
नेपाली जनताके विकास, समृद्धि तथा मानव अधिकारमैत्री एवम् जवाफदेही शासनके अपेक्षामे हाल सर्वोच्च अदालतमे डेखल अन्योलतासे संस्थागत अराजकतासे गम्भीर आघात पुग्टी बा । न्यायिक सम्पादनमे हुइटी रहल ढिलाइसे आम नागरिकके अधिकार कुण्ठित
कोरोना भाइरसके संक्रमण न्यूनिकरण नइहुइल बेला नेपालीहुकनके महान् पर्व डस्या सुरु हुइल बा । कोरोना संक्रमण आउर ढेर फैले सेक्नाओरसे अब्बेक डस्या मनाईबेर अभिन सजकता अपनाई पर्ना अवस्था रहल बा । नेपालके दैनिक अभिन करिब हजार जानेसम
डशिया डेवारीके आगिल, सहर बजारसे फैरौ–फैरो मनैे अपन जलम गाँउ लौटुइय बह्रल बटै । वर्ष दिनमे एक चो अइना चाड पर्वके बेला सक्कु खाले पीडा भुलके हुइलेसेफे मनै भेटघाट, रहरंङगीके लाग पुख्र्यौली घर लौटल परम्परागत चलल बा । देश तथा विदेशमे
नेपाल लोकतान्त्रिक पार्टी, थरुहट/थारुवान अभियान, नेवा अभियान, दलित अभियान, रिटर्नी प्रवासी अभियानके संयुक्त कैलाली जिल्ला स्तरिय भेला लम्कीचुहामे जुटौला होके लौवा पार्टी बनैना हाले घोसना करल । उ घोसना करल एक अठवार पाछे राजकुमार