आजसे १७ वर्ष पहिल रेडियो कार्यक्रमक लाग प्रश्न पुछबेर महि थाहा नि रह कि यि कार्यक्रम रेडियो प्याकेजि· हो कैक । मनै पहर्क जन्ठ कि ट पर्क कठ । रेडियो पत्रकारिता ना मै पह्रल रनहु ना मै बनैना ठाउँ डेख्ल रनहुँ । उ समयम रेडियो नेपाल काठमाडौं
मनै मुअक ते जर्मलक नै हो, बेन जियक ते जर्मलक हो । प्याट केल पालक ते जिना त संकिर्ण व घिनलक्टीक विचार हो । ऐसिन घिन लक्टीक विचारह ठाउँ देलसे मनै उन्नतिम नाही वेन बजहन्ने परजाइ । जिना त एकथो कुकुर फे जियल रहथ । घिन लक्टीकसे घिन लक्टीक
वि.सं. १८२५ मे जब राजा पृथ्वीनारायण शाह काठमाडौँ उपट्यका जिटके नेपाल राज्यक स्ठापना कैलाँ, टबसे राज्य संचालनमे निजामति प्र्रशासनके भुमिका रलेसे फेन खास कैके वि.सं. २००७ सालमे जब राणान्के जहाँनिया पारिवारिक शासन ओराइल टब राज्य संचालनमे
रामसागर चौधरी थारु समुदायके बारेमे कुछ खिट्कोरु कि कहिके लेख लिखल हो । थारु वंश कोचिला हो । कुल थारु ओ थाक खाँ हो कलेसे उप थाकमे कुहे खाँ, फकिर खाँ, करणीमाझी खाँ हो । थारु समुदाय अपनहे थारु कुलके कठैं । थारुहे जात टे शासकहुक्रे ठोपर
क) परिचय अन्तर्राष्ट्रिय श्रम संगठनक् महासन्धि संख्या १६९ अन्तरगत आदिवासी तथा जनजाति सम्बन्धी महासन्धि, १९८९ म पारित हुइलक हो । अन्तर्राष्ट्रिय श्रम संगठनक् महासम्मेलनसे, अन्तर्राष्ट्रिय श्रम कार्यालयक् संचालक निकायमसे जेनेभम