थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत ३० माघ २६४९, बिफे ]
[ वि.सं २९ माघ २०८२, बिहीबार ]
[ 12 Feb 2026, Thursday ]

विचार

लेखक बन्ना रहरक डगर

लेखक बन्ना रहरक डगर

साहित्यम मही कहियासे मोहनी लागल, अस्ट कह सेक्ना आवस्था निहो । मैयाँ, दिन, पल टिक्याक लग्ना चिज निहो, अस्टह हो जैना चिज हो कठ, मुले मैया लागकलाग सौन्र्दयताके बरवार हाँठ रहठ । सुन्दरता देहरुप ओ मनरुप आकर्षित करठ सायद। कबु डुनु कबु एक्कचिजपे
थारु भाषा, संस्कृति बँचैना अभियान

थारु भाषा, संस्कृति बँचैना अभियान

कौनो जातिके पहिचान विलैना बा कलसे उ जातिके भाषा ओ संस्कृति विलाई परठ कैखे अंग्रेजीम एक्ठो कहाई बा । हुइना फे भाषा ओ संस्कृति विलाईट कलसे कौनो फे जातिके पहिचान सुस्ट सुस्ट हेरैटी जाइट । उहहोर्सेँ आपन भाषा ओ संस्कृति के संरक्षण कर्ना
डश्या आइटा गोचाली

डश्या आइटा गोचाली

रोहितकुमार चौधरी कटहुन गैलो गाँवकी गवँलिया सँगकी सहेलिया री ।सखी र ! आओ जाई सखिया डहिया न ब्याँच ।।असिकई नेगहो री सखिया भाउँ मटकैहो री ।सखी र ! माठकई टिकुली मरैहो री टलका ।। (थारु, २०६३ः २६८) हा¥या गुरै कर्लसे कोकन्टुराई सेक्क थारु
थारु बोली जट्टिक उसिट लागठ, का ?

थारु बोली जट्टिक उसिट लागठ, का ?

जब जबआँङ ढिकठ, जिभ स्वाद नैपाइलागठ, टब लिरौसीसे अन्सार लगाइ सेक्जाइठ कि जिउ चुम्मर नैहो, जीउक भिट्रि पुर्जम कुछ ना कुछ गरबर बा । जिउह पैल्हक जस्टह चुम्मर बनाइक लाग या ट गुर्वा बैडावाक घर आँछट पाटि डेखाइ जाइक परल या ट डक्टार । आज
का थारु अशुद्ध उच्चारण करना जात हो ?

का थारु अशुद्ध उच्चारण करना जात हो ?

कथ्य थारु भाषा लेख्य रुपमे आइ लागल ढेर हुइल नैहो । हजारौँ थारु श्लोक मुखाग्र गइना लोकगायकसे अपने जानल लोककाव्य अभिन फेन अप्नही नैलिख्जाइठ । लोकभाषाप्रति पहिल अन्याय यहैंसे शुरु हुइठ । ओइनके उच्चारण करल वर्णविन्यासहे हम्रे
भाषिक मानकताक बखेरीक बौछार

भाषिक मानकताक बखेरीक बौछार

भाषा मानव समुदायक कथ्य ओ लेख्य अभिव्यक्तिक प्रतिमूर्ति हो । भाषा बोली वा वाणी हो, बोलीक् लाग आवाज, स्वर चाहठ कलसे, लिखक् लाग अर्थात लेख्य अभ्यासकलाग लिपि, ओ वर्ण चाहठ । लिपिक साहराले वर्ण बनठ, वर्णक साहराले शब्द (हिज्जे) बनठ । हिज्जेके
बुद्ध थारु कि, थारु बुद्ध ?

बुद्ध थारु कि, थारु बुद्ध ?

हर बरस सेप्टेम्बर २१ के दिन, विश्वभर अन्तर्राष्ट्रिय शान्ति दिवस मनाजाइठ । शान्ति अपन भिट्टर रहठ, यिहि ख्वाज कहुँ डुर जाइक नैपरठ । डुन्याभर शान्तिक डगर हेर्लसे महा चाक्कर बिल्गट । आब्ब, बुद्ध दर्शनह डुन्याक सबसे मजा दर्शन फे कह डटल
कोरोना कहरमे मेलमिलाप अभियान

कोरोना कहरमे मेलमिलाप अभियान

कोभिड १९ अर्थात कोरोना भाईरसके कारण समग्र विश्व आक्रान्त बनल बा । चीनके बुहानसे सुरु हुइल यी महामारी हाल बिश्वक सक्कुहस मुलुकमे प्रवेश करसेकल बा । विश्व स्वास्थ्य संगठनके अनुसार सेप्टेम्वर १७, २०२० सममे विश्वभरमे कोरान संक्रमण
पीडादायी स्मृतिहरु…

पीडादायी स्मृतिहरु…

इन्दु थारुमेरा स्मृतिहरुबाट भाग्न म आफूलाई बलजफ्ती व्यस्त राख्ने असफल प्रयास गरिरहन्थे । त्यसबेला मेरा एक साथीले भनेका थिए ‘जब तपाई आफैंलाई ब्यस्त राख्नुहुन्छ, तपाई आफ्नो भावनाको नजिक हुनुहुन्न, तर तपाईको जीवनमा ती स्मरणहरुले
संविधान निर्माण प्रक्रिया थारु विरोधी

संविधान निर्माण प्रक्रिया थारु विरोधी

नेपाल सरकार बैधानिक कानून २००४ जेम्ने ६८ धारामे लिपिवद्ध बा । उ पहिल कहल संविधानके मौलिक हकमे मुलुक भर अनिवार्य निःशुल्क प्रारम्भिक शिक्षा पैना हक, उमेर पुगल ओरसे भोट डारे पैना बाहेक जनपक्षीय कुछ नइहो । खाली राजा महाराजाहुकनके